अपने पिता के साथ इन्वेस्टमेंट एवं बीमा के बारे में बातचीत करने के दौरान इस उद्यमी को पता चलता है कि बीमा एजेंट ने उनके पिता को कुछ लाख की चपत लगा दी । यह सब बीमा एजेंट की चालाकी एवं बीमा पॉलिसी के काम्प्लेक्स स्ट्रक्चर के कारण हुआ ।

इसके बाद इस उद्यमी ने रिसर्च करने के बाद अपने दोस्त के साथ मिलकर एक कंपनी की नींव रखी। आज इस कंपनी ने न केवल देश के बीमा उद्योग को बदल दिया है बल्कि लगभग 6000 हज़ार करोड़ वैल्यूएशन की कंपनी बन चुकी है ।

गुरुग्राम में एक छोटे से ऑफिस में शुरू हुई यह कंपनी आज 1000 से ज्यादा कर्मचारियों के साथ देश में कई जगह पर उपस्थित है । इस कंपनी का नाम है पॉलिसीबाजार.कॉम (PollicyBazaar.com) है तथा इसके संस्थापक है यशीष दहिया(Yashish Dahiya) और अलोक बंसल (Alok Bansal)

एक आम समस्या को हल करने के लिए शुरू हुई यह कंपनी आज भारत की सबसे बड़ी इंटरनेट वित्तीय सर्विसेज देने वाली कंपनी बन चुकी है । इस कंपनी में विप्रो के चेयरमैन अज़ीम प्रेमजी के साथ ही विश्व के जाने-माने निवेशक अपना पैसा लगा रहे है । 2008 में गुरुग्राम में एक छोटे से ऑफिस से शुरू हुई यह कंपनी आज भारतीय स्टार्टअप इंडस्ट्री का पोस्टरबॉय बन चुकी है । फ्लिपकार्ट, इनमोबी एवं पेटीम के साथ ही स्टार्टअप इंडस्ट्री में अपनी खास जगह बनाई है ।

इस कंपनी की शुरुआत का कारण भले ही एक आम समस्या हो लेकिन इसके सह-संस्थापक यशीष दहिया ने अपने जीवन के कई वर्ष वित्त एवं फाइनेंस क्षेत्र में बिताये है ।

यशीष ने देश के प्रतिष्ठित कॉलेज IIT दिल्ली से ग्रेजुएशन के पश्चात आईआईएम अहमदाबाद से पोस्ट ग्रेजुएशन किया तथा INSEAD से MBA किया । पढ़ने में शुरू से ही तेज यशीष ने देश एवं विदेश की कई नामी-गिरामी कम्पनीज में अपनी सेवाए दी ।

इन्वेस्टमेंट बैंकिंग एवं वित्तीय सलाहकार का काम करते हुए उन्होंने एक कंपनी फर्स्ट यूरोपा (First Europa) की नींव रखी जो इन्स्योरेन्स क्षेत्र में काम करती तथा बड़ी बीमा कंपनियों के पॉलिसी ब्रोकरेज का काम करती थी । इसी बीच उन्हें 2008 में एक घटना के बाद भारत में बीमा क्षेत्र को बदलने के लिए पॉलिसीबाज़ार की नींव रखी । पॉलिसीबाज़ार के साथ ही उन्होंने पैसाबाज़ार.कॉम (PaisaBazaar.com) की भी शुरुआत की जो बैंकिंग सेवाए जैसे क्रेडिट कार्ड, ऍफ़डी एवं लोन संबधित काम देखती है ।

Pollicy Bazaar Services
Pollicy Bazaar Services | पॉलिसीबाज़ार की वेबसाइट से साभार

पॉलिसीबाज़ार एक ऑनलाइन वेबपोर्टल है जिस पर ग्राहकों को बीमा संबधित जानकारी मुफ्त में मुहैया करवाई जाती है । बीमा ब्रोकर्स के साथ मिलकर ग्राहकों के बीमा संबधी सारी समस्या सुलझाने के लिए हेल्प डेस्क के साथ ही ऑनलाइन कंटेंट एक ही पोर्टल पर उपलब्ध करवाया जाता है ।

कई कमपनीज़ टर्म इन्शुरन्स के साथ ही कई अन्य तरह की पॉलिसीज एवं वाहन लोन प्लान भी ऑनलाइन देख सकते है तथा अपनी इच्छा के अनुसार सेलेक्ट कर सकते है ।

पॉलिसीबाज़ार अभी दो तरह से कमाई कर रही है पहला: ऑनलाइन पॉलिसी बेचकर तथा दूसरा विज्ञापन से । आज पॉलिसीबाज़ार अपने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 50,000 से अधिक पॉलिसी बेचती है तथा सालाना कई करोड़ यूजर उनके पोर्टल पर बीमा संबधित जानकरी के लिए विजिट करते है ।

बीमा कंपनियों के साथ भी उनका रेवेन्यू शेयर रहता है । पॉलिसीबाज़ार ने आज बीमा कंपनियों एवं ग्राहकों के बीच बीमा एजेंट को हटा दिया है तथा पारदर्शिता के साथ ग्राहकों एवं बीमा कंपनियों को अपनी सेवाए दे रही है ।

2008 में शुरुआत के बाद से ही यशीष और उनकी टीम ने बेहतरीन आईटी प्रोडक्ट बनाने के लिए जोर दिया जिसके चलते उन्हें आज दस वर्ष बाद भी अपने पोर्टल या वेबसाइट से कोई परेशानी सामने नहीं आयी । इसी के साथ उन्होंने आक्रामक मार्केटिंग रणनीति अपनाई.

जिसमे बीमा क्षेत्र में जागरूकता के साथ ही आम ग्राहकों की समस्याओं का हल निकाला और उन्हें एक क्लिक पर वो सारी जानकारी उपलब्ध करवाई जो ग्राहक जानना चाहते थे । ग्राहकों के साथ ही बीमा कंपनियों के लिए भी एक शानदार मौका था क्योंकि उनको एक बड़ा यूजर बेस मिल रहा था जो ऑनलाइन उनकी पॉलिसी खरीद सके ।

यशीष ने अपनी कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए निवेशकों को उनकी कंपनी में निवेश करने के लिए बात की जिसके चलते इन्फोएज , टाइगर ग्लोबल , इंटेल के साथ ही भारतीय आईटी इंडस्ट्री के लीडर अज़ीम प्रेमजी ने पॉलिसीबाज़ार में निवेश किया है । 2018 के अंत में विश्लेषकों ने अनुमान लगाया है कि पॉलिसीबाज़ार एक यूनिकॉर्न बन जाएगी ।

Yashish Dahiya Cycling
Yashish Dahiya Cycling | Image Source : Moneycontrol

यशीष ने न केवल उद्योग क्षेत्र में झंडे गाड़े है बल्कि एक नेशनल लेवल के तैराक रह चुके है । अपने बिज़नेस के साथ ही अपने शरीर को फिट रखने के लिए वो नियमित रूप से व्यायाम भी करते है ।

यशीष ने पिछले दस साल में न केवल भारतीय बाजार एवं इंटरनेट क्षेत्र में हुए बदलावों को परखा बल्कि उसके अनुसार अपनी कंपनी को एक नयी दिशा दी । आज ऑनलाइन बीमा एवं वित्तीय सेवाओं में बीमा कंपनियों के अलावा कोई अन्य प्रतिद्वंदी नहीं है । बीमा कम्पनिया कभी भी पॉलिसीबाज़ार से प्रतिस्पर्धा नहीं करेगी क्योंकि उनके रेवेन्यू का एक हिस्सा पॉलिसीबाज़ार से आ रहा है ।

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