इन दिनों बड़े-बड़े इंवेस्टर और उद्योगपति बड़े पैमाने पर छोटे-छोट स्टार्टअप्स को फंडिंग कर रहे हैं। खास बात ये है कि ये इंवेस्टर केवल टेक-बेस्ड स्टार्टअप्स को ही फंडिंग नहीं कर रहे हैं, बल्कि कई ऑफलाइन स्टार्टअप्स में भी पैसा लगा रहे हैं।

हाल ही में फेमस क्लोदिंग ब्रांड फैब इंडिया ने कोलकाता में ‘मोमोज‘ बेचने वाली एक फास्ट फूड कंपनी में 3 करोड़ रुपए का निवेश किया है। इस निवेश के बाद कंपनी की वैल्यू 300 करोड़ हो गई है। ये कंपनी ‘Wow मोमो‘ नाम से रिटेल चेन शॉप चलाती है।

इस कंपनी की कामयाबी की कहानी (Wow Momo success story in hindi) ऐसी है कि अपना काम शुरू करने वाल हर शख्स के लिए प्रेरणा हो सकती है।

2008 में एक गराज से 30 हजार में हुई थी शुरुआत…

Wow! मोमो की शुरुआत क्लासमेट रहे सागर दरयानी और बिनोद कुमार होमगई ने की थी। सेंट जेवियर कॉलेज में ग्रेजुएशन के आखिरी साल में सागर और बिनोद MBA या CA करने या नहीं करने के बारे में सोच रहे थे।

सागर के मुताबिक पढ़ाई के मामले में हम काफी कमजोर थे और CAT का एग्जाम क्रैक करने के लिए मैथ अच्छी होना बेहद जरूरी होता है। इसलिए हमें पता था कि हमें अच्छे बिजनेस स्कूल में एडमिशन नहीं मिल पाएगा।‘ इसके बाद उन्होंने एक छोटी फूड रिटेल चेन खोलने के बारे में सोचा और Wow! मोमो का आइडिया आया।

साल 2008 में सागर दरयानी, बिनोद होमागाई और मिफ्तौर रहमान ने मिलकर ‘Wow मोमो’ को शुरू किया था।

ग्रेजुएशन करके निकले सागर और बिनोद के पास ना तो कोई खास एक्सपीरियंस था और ना ही पैसा, लिहाजा इन्होंने घरवालों से केवल 30 हजार रुपए की पूंजी उधार लेकर ये बिजनेस शुरु किया। दोनों के पास कोई दुकान नहीं थी और ना ही इतना पैसा था कि कोई दुकान ले पाते इसलिए सागर ने इसके लिए अपने पिता के गराज को चुना। यहीं मोमो बनाने लगे।

लोगों से मिन्नत करते थे- ‘एक बार टेस्ट कर लो’

मोमोज बनाने के लिए जगह तो हो गई लेकिन मोमोज बनाता कौन। सागर ने मोमोज बनाने के लिए रामजी केसी नाम के व्यक्ति को मनाया। इस पार्ट टाइम जॉब के लिए उनकी सैलरी तय हुई 3000 रुपए। आज रामजी की सैलरी 1.5 लाख है और वो पूरी चेन के हेड शेफ हैं।

अपना पहला आउटलेट खोलने के लिए सागर और बिनोद सुपरमार्केट चेन स्पेंसर्स पहुंचे, यहीं उन्हें एक छोटा सा कोना मिल गया। छोटा सा स्टॉल खोलने के बाद दोनों Wow! मोमो की टीशर्ट पहनकर हर आने जाने वाले से मिन्नतें करते थे कि एक बार टेस्ट तो कर लो. फिर भी कम ही लोग मोमो टेस्ट करने के लिए तैयार होते थे। पहले दिन की सेल 2200 रुपए की थी। पहले महीने की सेल 53 हजार की थी।

साइकिल पर जाते थे शॉपिंग करने

बिजनेस के शुरुआती दिनों में सागर का दिन सुबह 5.30 बजे शुरू होता था। मोमोज बनाने का सामान खरीदने वे सुबह-सुबह साइकिल पर जाते थे।

शुरुआत में WOW मोमोज की एक प्लेट का रेट 40 रु था। पहली स्टॉल की सक्सेस के चार महीने बाद कोलकाता के साउथ सिटी मॉल में उन्होंने अपनी दूसरी ब्रांच भी खोल ली।

साउथ सिटी मॉल में स्टोर खुलना Wow! मोमोज के लिए गेम चेन्जर साबित हुआ। इस स्टोर के खुलने के बाद उनका टर्नओवर 50 हजार रुपए महीने से बढ़कर 9 लाख रुपए हो गया। आज कंपनी का सालाना टर्नओवर 75 करोड़ है।

अब वैल्यू हुई 300 करोड़

WOW मोमो‘ में फैब इंडिया के एमडी विलियम बिसेल ने 3 करोड़ रुपए लगाने का फैसला किया है। जिसके बाद उसकी वैल्यू बढ़कर 300 करोड़ रुपए हो गई है। पिछले साल IAN यानी इंडियन एंजेल नेटवर्क ने कंपनी में 44 करोड़ की फंडिंग की थी. महज 18 महीने में IAN को 106% का मुनाफा हुआ था। कंपनी अबतक 65 स्टोर्स खोल चुकी है। जिनकी संख्या जल्द ही 168 तक पहुंचाने का टारगेट है।

Story Credits : Dainik Bhaskar

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