एक फेसबुक पेज से एक कंपनी की शुरुआत होती है लेकिन अगले कुछ वर्षों में यह पेज एक कंपनी का रूप ले लेता है । यह कंपनी इतनी बड़ी हो जाती है कि भारत ही नहीं दुनिया में उसके आर्टिकल एवं कंटेंट वायरल हो जाते है । आपको विश्वास नहीं होगा कि यह कंटेंट वेबसाइट अमेरिका की दूसरी सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाली साइट हो जाती है । भारत की नंबर वन कंटेंट साइट है Wittyfeed और इसकी स्थापना की है, हरियाणा के एक छोटे से गांव से आने वाले दो भाइयों, विनय एवं परवीण सिंघल और उनके दोस्त शशांक वैष्णव ने ।

विनय और परवीण हरियाणा के एक छोटे से गांव से शुरू हुआ यह सफर चेन्नई होते हुए मध्यप्रदेश के इंदौर शहर तक पहुंचा । कई विफलताओं के बाद उन्होंने कंटेंट पर ज्यादा ध्यान दिया है और एक फेसबुक पेज से शुरुआत करके उन्होंने एक सफल मीडिया कंपनी बना दी है । आज हम जिस शख्स की कहानी जानने वाले है उनका नाम है प्रवीण सिंघल जोकि की सफल बिजनेसमन है । वो Wittyfeed वेबसाइट जो की दुनिया की 2nd नंबर की वायरल कन्टेन्ट वेबसाइट है उसके Co-Founder है ।

एक इंटरव्यू में परवीण सिंघल ने बताया कि मै हरियाणा के छोटे से गाव से हु और मेरा जन्म भी वही हुआ । हम बनिये है और बनिये के खून में ही बिज़नेस होता है । मै एक मिडल क्लास फॅमिली से हूँ । हमारे गाव में मेरे पापा का एक छोटा सा किराना शॉप था । मेरे पापा गाव के किसान से अनाज लेते और उसको स्टोर करते थे और उसे फिर मार्केट में बेचते थे । हम बिज़नेस बैकग्राउंड से नहीं थे लेकिन पापा से हमने बिज़नेस के बारे में बहुत कुछ सिखा है ।

मेरे पापा ने एक बात सिखाई थी की अगर बनिया एक से दो नहीं बना सकता तो बिज़नेस, बिज़नेस नहीं है । और एक बात, मै अपने पापा से सिखा हूँ वो है अनुशासन । वो हर रोज सुबह 4 बजे उठते थे और उठ के अनाज को तोल मोल के वो अपने बिज़नेस को जाते थे । मै उनको रोज देखता था और सोचता की कोई इतना अनुशासन से कैसा काम करता है ।

परवीण सिंघल हरियाणा से है तो उन्होंने अपनी बारहवीं तक पढाई वहीं से की । उसके बाद वो अपने बड़े भाई विनय सिंघल के साथ चेन्नई आ गए । उस समय विनय चेन्नई में ही अपनी पढाई के साथ ही बिज़नेस कर रहे थे । परवीन को लगा कि वहा जाके उनका भी कुछ काम हो जायेगा । विनय ने उन्हें SRM यूनिवर्सिटी से बीबीसी में एडमिशन लेने की सलाह दी लेकिन पांच सात दिन में ही उन्हें वो कोर्स मुश्किल लगने लगा क्योंकि हिंदी माध्यम से पढ़ने के बाद गणित एवं अन्य विषय ज्यादा समझ में नहीं आ रहे थे ।

तो उसी समय उन्हें BSC(ISM)इनफार्मेशन सिस्टम मैनेजमेंट कोर्स के बारे में पता चला। अपने पहले कोर्स में परेशान परवीन ने सबसे पहले कोर्स के बारे में खोजबीन करना चालू किया और इस कोर्स के 3 साल के सभी सब्जेक्ट देखे और सब्जेक्ट को देखके उन्हें लगा की वो ये कर सकते है । इसके बाद उन्होंने BBC कोर्स से शिफ्ट करके BSC(ISM) में अपना ग्रेजुएशन पूरा किया SRM University से ।

आगे परवीण बताते है कि लोग कहते है ना की तुम्हारी ज़िन्दगी का सबसे सौभाग्यशाली दिन कौनसा है तो मै यही कहूँगा कि जिस दिन मेरे भाई ने मुझसे कहा की चेन्नई चलके वहा पर कुछ करेंगे । वो मेरे लाइफ का टर्निंग पॉइंट था । साल 2010 में हमने एक सर्विस बेस कंपनी शुरू की थी इसमें हम क्लाइंट के लिए सॉफ्टवेर और वेबसाइट बनाते थे । वो हमने 1 साल तक किया । इससे हमें अच्छी कमाई मिल रही थी लेकिन कुछ कमी लग रही थी । लेकिन मन मे कही न कही ऐसा लग रहा था की इससे हम सिर्फ पैसा कमाते है और कुछ नहीं? । हम ऐसा कुछ करना चाहते थे कि लोग उसे याद रखे और कोई परिवर्तन ला सके । तो हमने वो बिज़नेस बंद कर दिया । 

उन्होंने एक फेसबुक पेज बनाया था Amazing Things In the World । उस पेज के आज 5 मिलियन आर्गेनिक लाइक है । वो पेज आज भी अच्छी तरह से चल रहा है । तो उस पेज पर वो ट्रेवल्स, एनिमल्स ,टेक्नोलॉजी, लोग जो भी अमेजिंग चीजे है दुनिया में उसके बारे में पोस्ट करते थे । लेकिन फेसबुक पर उस समय एक प्रतिबन्ध था कि एक समय पर या तो फोटो डाल सकते है या विडियो । लेकिन जब ये पोस्ट करते तो लोगों कहने लगे कि हमें उस पोस्ट के बारे में ज्यादा जानना है ।

यूजर्स के फीडबैक के बाद उन्होंने सोचा एक ऐसा प्लेटफार्म तैयार करते है जहाँ लोगों को ज्यादा इनफार्मेशन मिले । जिसके चलते उन्होंने Evrystry.com (everystory.com) वेबसाइट शुरू की । Evrystry.com लॉन्च की तो वो टॉप 1000 में आ गई थी । लेकिन जब भी उनको वेबसाइट के बारे बताना पड़ता तब वेबसाइट के स्पेलिंग के साथ बताना पड़ता क्यूंकि वेबसाइट के वर्ड्स में से दो लेटर उन्होंने निकाले थे । वेबसाइट को ब्रांड बनाने के लिए काफी मेहनत की लेकिन वो उसे ब्रांड में तब्दील नहीं कर सके ।

उन्होंने एक प्रोडक्ट बनाया था FollowMe24X7 एजुकेशन साईट का था । ये भी बहुत अच्छा चल रहा था । 2-3 कॉलेज में इम्प्लीमेंट भी किया लेकिन उसको वो लोग आगे नहीं बढ़ा सके तो उसको भी बंद करना पड़ा । उनको इस तरह कई सारे ऐसे प्रोडक्ट को बंद करना पड़ा जो की वो लोग चलाना चाहते थे । लेकिन कुछ वजहों की वजह से उन्हें बंद कर दिया गया ।

लगातार मिल रही विफलताओं ने परवीण और उनके भाई की आर्थिक स्तिथि कमजोर कर दी लेकिन उन्होंने अपने घर से पैसे नहीं लेने का फैसला किया । एक समय पर उन्हें अजीबोगरीब समस्या का सामना करना पड़ा क्योंकि उनके पास न केवल टीम बल्कि ऑफिस का किराया देने के लिए भी पैसे नहीं बचे थे। दोस्तों की मदद एवं बैंक से लोन लेकर उन्होंने अपना काम जारी रखा ।

साल 2014 में उन्होंने लॉन्च किया WittyFeed.comWittyFeed.com एक वायरल कंटेंट कंपनी है । अब परवीण और उनकी टीम को अपना Vision पता है कि उन्हें हमें क्या करना है। अपने बिज़नेस करियर में अब तक परवीण 7-8 बार फ़ैल हो चुके थे और तब लग रहा था कि अब कुछ नहीं है ज़िन्दगी मै, लेकिन फिर से नई हिम्मत और नई सोच के साथ खड़े हुए ।

परवीण बताते है कि मेरे को मिलाकर 3 लोग है जो साथ में काम करते है, उनमे एक सगा भाई है और दूसरा जो सगा नहीं पर सगे से भी ज्यादा करीब है । तो एक तरह से हमारी बॉन्डिंग एक दुसरे के साथ बहुत अच्छी है और यह सब हमारी पूरी टीम में दिखाई देती है । आज हमारी टीम में 120 के करीब लोग है जो बहुत ही कमाल के है। कंपनी के अन्दर का वातावरण भी एकदम उस तरह से हमने मेन्टेन रखा है।

आज कंपनी को 3 साल पुरे हो चुके है जो कि एक कॉलेज की हॉस्टल की रूम से शुरू हुई थी और आज उसका सालाना टर्नओवर 30 करोड़ है। वेबसाइट पर 100 मिलियंस से भी ज्यादा मंथली विजिटर्स आते है। 50% इंडिया से और 50% US/UK से ट्रैफिक आता है। 1 लाख से भी ज्यादा बार फेसबुक पेज से उनका कंटेंट उनके पेज पर शेयर करते है और उनकी साईट पर ट्रैफिक लाते है। अभी जिओ के वजह से गाव-गाव तक इन्टरनेट पंहुचा है और हिंदी में पढ़ने वालो की संख्या इंडिया में ज्यादा है तो Wittyfeed की टीम ज्यादा हिंदी में कन्टेन्ट बनाने का प्रयास कर रही है।

परवीण बताते है कि हम इतने प्रोडक्ट में विफलताओं के बाद भी टिके रहे और लड़ते रहे क्यों की हमें एक इम्पैक्ट तयार करना था और लोगो को अच्छा कंटेट पढ़ने को नहीं मिलता वो प्रॉब्लम हल करना था ।

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