भारत में शादिया बड़ी धूम-धाम से होती है. देश के साथ ही विदेश में भी शाही शादियों के लिए भारतीय प्रसिद्ध है लेकिन कभी-कभी शादियों में ऐसा काम हो जाता है जिसकी तारीफ की जाती है. शादियों में बचे हुए खाने को NGO के माध्यम से गरीबों में बांटा जाना हो या दहेज़ नहीं लेना हो या फिर सात की जगह आठ फेरे लेने हो.

बी पॉजिटिव मीडिया ऐसी ही कुछ शादियों के बारे में आज बात कर रहा है जिनमे लीक से हटकर कुछ अलग हुआ हो.

1. कपिल शर्मा और गिन्नी चतरथ : शादी में बचे हुए खाने का NGO के माध्यम से गरीबों के पेट भरने में उपयोग

अपनी कॉमेडी से दर्शकों के दिलो पर राज़ करने वाले कॉमेडियन कपिल शर्मा ने पिछले दिनों ही अपनी गर्लफ्रेंड गिन्नी चतरथ से शादी के बंधन में बंध गए. वैसे तो यह शादी शाही अंदाज में हुई और कई बॉलीवुड के स्टार इनकी शादी में शामिल हुए लेकिन कपिल शर्मा की एक पहल ने लोगों का दिल जीत लिया.

कपिल शर्मा और गिन्नी चतरथ । चित्र साभार : हिंदुस्तान टाइम्स

कपिल से जब एक NGO ने शादी में बचे हुए खाने के लिए संपर्क किया तो न केवल उन्होंने हांमी भरी बल्कि पूरा सहयोग भी दिया. अमृतसर में हुए शादी-समारोह के हर दिन बचे हुए खाने को NGO को दिया गया और NGO ने अपनी टीम के माध्यम से अमृतसर और उसके आसपास के शहरों में गरीबों को खाना खिलाने का काम किया. इस तरह से जरूरतमंद लोगों की मदद भी हो गयी.

2. विनेश फोगाट – सोमवीर राठी : 7 नहीं बल्कि 8 फेरे लिए और 1 रुपये के शगुन से हुई पूरी शादी

भारतीय पहलवान विनेश फोगाट और सोमवीर राठी ने भी इसी साल दिसंबर में शादी की. खेल जगत की जानी-मानी हस्तियों ने इनकी शादी में शिरकत की लेकिन समारोह बहुत ही सामान्य रहा. एक रुपये के शगुन से सगाई से शुरू हुआ शादी समारोह एक रुपये दहेज़ के साथ ही ख़त्म हो गया. इसी के साथ उन्होंने हिंदी रीति-रिवाज़ों की परम्परा के उलट सात की जगह आठ फेरे लिए.

विनेश फोगाट और सोमवीर राठी । चित्र साभार : हरिभूमि

इन दोनों पहलवानों ने देश और समाज को एक संदेश देने का फैसला करते हुए शादी में 7 नहीं, 8 फेरे लिए. आठवें फेरे में वर और वधू ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ व बेटी खिलाने’ की शपथ ली. हरियाणा जो कि कम लिंगानुपात के लिए जाना जाता है , ऐसी पहल बहुत ही सकारात्मक सन्देश देने का काम करेगी. इसी के साथ विनेश ने अपने कुश्ती के करियर को भी आगे बढ़ाने का निर्णय लिया.

3. विनोद कुमार मेहरा-सुनीता सिंह : गांव के सरपंच ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सात की जगह आठ फेरे लिए

सेलिब्रिटीज के साथ सामान्य नागरिक भी अब शादी-समारोह में नयी पहल करने से नहीं चूक रहे है. हरियाणा में रोहतक जिले के कलानौर क्षेत्र के तैमूरपुर गांव के सरपंच ने अपनी शादी में कन्या भ्रूण हत्या न करने का भी संदेश दिया. शादी में सात फेरों के साथ-साथ कन्या भ्रूण हत्या न करने को आठवां फेरा भी लिया.

विनोद कुमार मेहरा और सुनीता सिंह । चित्र साभार : Amar Ujala

सरपंच विनोद कुमार मेहरा ने शादी में सात फेरों के सातों वचनों को निभाने के वायदे के साथ आठवां वचन बेटी बचाने यानी कन्या भ्रूण हत्या न करने का भी लिया. विनोद मेहरा पिछले कई साल से आसपास के लोगों को भी कन्या भ्रूण हत्या न करने के प्रति जागरूक कर रहे हैं. गोष्ठी और जागरूकता अभियान भी समय-समय पर चलाए जाते हैं.

4. संदीप सिंह सहोता – कौरपाल : DJ की जगह कवि सम्मलेन और साहित्य को बढ़ावा देने के लिए बुक फेयर भी

पंजाबी शादियाँ अपने आप में एक ट्रेडमार्क होती है. भारी-भरकम बजट के साथ ही डीजे, भांगड़ा और नाच-गान इसका मुख्य आकर्षण होते है. पंजाब में होशियारपुर के इंजीनियर दूल्हे संदीप सिंह सहोता और पंजाबी की असिस्टेंट प्रोफेसर दुल्हन कौरपाल ने अपनी शादी एक नए अंदाज में की.

Motivational Story
संदीप सिंह सहोता और कौरपाल । चित्र साभार : Patrika

डीजे की बजाय साहित्यकारों, कवियों और शेर-ओ-शायरी से बारातियों और घरातियों का मनोरंजन किया गया. शादी में मेहमानों ने कवियों की रचना और गजल पर भांगड़ा किया. किताबों के शौकीन पूरे परिवार ने खाने-पीने के स्टॉल के साथ यहां दो स्टॉल पंजाबी साहित्य और अन्य किताबों के भी लगाए. शादी समारोह में शिरकत करने आये 455 मेहमानों ने करीब 9,000 रुपए की किताबें खरीदीं ।

5. शिखर खन्ना-दीक्षा पंचोली : परिवार वालों के साथ जरूरतमंद लोगों ने भी शिरकत की, पर्यावरण सरंक्षण का संकल्प

पुरे भारत में अपनी कोचिंग सेण्टर और परमाणु संयंत्र के लिए प्रसिद्ध राजस्थान के कोटा शहर में बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर शहर में एक जोड़े ने अनूठे अंदाज में अपना विवाह किया. पुणे में एक मल्टीनेशनल कंपनी में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर कार्य करते हुए कोटा के शिखर खन्ना एवं दीक्षा पंचोली ने अपनी शादी में अनोखे तरीके से की.

Shikhar and Diksha
शिखर खन्ना और दीक्षा पंचोली । चित्र साभार : शिखर खन्ना की फेसबुक वाल से

इस विवाह में जरूरतमंद लोगों को नए परिधान दिए गए तथा वहीं निराश्रित बच्चों को भोजन कराया गया. घर के आसपास रहने वाले गरीब परिवार के करीब 30 बच्चों, महिला-पुरुषों को उनकी पसन्द के कपड़े सिलवाए गए. वहीं करनी नगर विकास समिति में 200 निराश्रित बच्चों के लिए भोजन की सामग्री पहुंचाई. दुल्हन ने परिवार व रिश्तेदारों सहित तुलसी का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया.

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