शादी-ब्याह के दौरान गिफ्ट्स देने का चलन है जिनमे से ज्यादातर प्लास्टिक से बने उत्पाद होते हैं. दिखने में भले ही आकर्षक लगे लेकिन अंततः पर्यावरण प्रदुषण का कारण बनते हैं. पर्यावरण प्रदुषण से बचाने के लिए वृक्षारोपण करना अति आवश्यक हैं. यदि यह पहल जन-प्रतिनिधियों से शुरू हो तो इसका व्यापक असर पड़ता हैं. स्वच्छ भारत अभियान में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से आह्वान किया तो यह एक आंदोलन बन गया था.

राजस्थान की महिला सरपंच ने भी पर्यावरण बचाने के सन्देश को लेकर अपनी मजबूत इच्छाशक्ति दर्शायी हैं. उन्होंने शादी-ब्याह या किसी भी मांगलिक अवसर पर नीम्बू का पौधा गिफ्ट करने की शुरुआत की. नीम्बू का पौधा चुनने के पीछे की वजह भी ख़ास हैं, पहली : यह पौधा कई घरेलू इलाज़ में काम आ सकता हैं. दूसरा : जिस क्षेत्र से वो आती हैं , वहां की जलवायु इसके अनुकूल हैं.

राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम तहसील के उपखण्ड गांव की सरपंच प्यारी कुमारी रावत ने यह अनुपम पहल शुरू की हैं. प्यारी रावत पहले भी गांव में शराबबंदी और भ्रष्टाचार के खिलाफ किये गए काम के चलते चर्चा में रह चुकी हैं.

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पंचायत परिसर में ग्रामीणों के साथ सरपंच प्यारी देवी रावत

अब तक प्यारी रावत ने 1,000 से अधिक नीम्बू पौधे वितरित कर चुकी हैं. प्यारी कुमारी रावत व उनके पति लोको पायलट जसवन्त सिंह मण्डावर ने एक वर्ष पूर्व अक्षय तृतीया को प्रारम्भ ‘हर घर नीम्बू पौधा‘ अभियान को गति देते हुए, अपने गांव, समाज , रिश्तेदारी व शुभचिंतकों के मांगलिक अवसरो पर शिरकत कर नीम्बू का पौधा भेंट करते है.

जब लोग यह देखते हैं तो समारोह का माहौल बदल सा जाता है. इसी बीच युगल स्वच्छता, पर्यावरण व आयुर्वेद का संदेश देकर अधिकाधिक पेड़ लगाने, स्वच्छता रखने की बात करते है.

बी पॉजिटिव इंडिया से बातचीत में सरपंच प्यारी रावत बताती हैं कि प्रतिदिन एक निम्बू की औसत का लक्ष्य है. इस अभियान के तहत ग्राम पंचायत मण्डावर के साथ ही आसपास के गांवों में 400 से अधिक बारहमासी नीम्बू पौधा का वितरण किया जा चुका है. निम्बू पौधा गिफ्ट की समाज व क्षेत्र में सराहना हो रही. इससे लोग प्रेरित होकर मांगलिक अवसरों अन्य पौधे लगाने लगे है.

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ग्रामीणों को पौधा गिफ्ट करती सरपंच प्यारी देवी रावत

इसके साथ ही उन्होंने पंचायत परिसर में सौ से अधिक औषधीय एवं बहुउपयोगी पौधे लगाकर परिसर को हरा-भरा बना दिया हैं. पौधे बड़े होने पर गांव की महिलाये और लड़किया इनको राखी भी बांधती हैं. प्रतिवर्ष एक पौधा प्रति व्यक्ति लगाने के लिए ‘क्लीन एंड ग्रीन मंडावर‘ अभियान भी चला रखा हैं जिसमे ग्रामीणों की सहभागिता से सैंकड़ों पेड़ लग चुके हैं.

बी पॉजिटिव इंडिया, प्यारी कुमारी रावत की अनुपम पहल की प्रशंसा करता हैं और भविष्य के लिए शुभकामनाए देता हैं.

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