महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए पुणे में आपको विभिन्न आयोजनों में लेडी बाउंसर्स नजर आएंगी। ये लेडी बाउंसर्स दिन में जीविका चलाने के लिए काम करती है और रात को सुपरहीरोइन बनकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं। स्वामिनी लेडी बाउंसर्स नाम के इस ग्रुप में 49 निम्न मध्यम वर्ग की महिलाएं है।

ये सभी पुणे के पब और आयोजनों में सुरक्षा का काम करती हैं। पब और कार्यक्रम में सुरक्षा के दौरान महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने वालों को सबक सिखाने के साथ नशे में हो जाने वाली महिलाओं की मदद भी करती हैं।

यह ग्रुप 18 महीने पुराना है जिसे 29 साल की अमिता कदम(Amita Kadam) ने शुरू किया था। अमिता ग्रेजुएट है और 12 साल के लड़के की मां है। 18 साल में अमिता की शादी हो गई थी और वह अपने पति के लॉन्ड्री बिजनेस में हाथ बटाती थी।

Swamini Lady Bouncers owner
Swamini Lady Bouncers की संस्थापक अमिता कदम अपने परिवार के साथ

सलमान खान को अपनी प्रेरणा मानने वाली अमिता हमेशा बाउंसर्स के काम से प्रभावित होती थी। अमिता की बहन के पति स्वप्निल तारु बाउंसर थे और विशेष रूप से उनके काम को देखकर प्रभावित होती थी।

अमिता ने शादी के बाद ही ग्रेजुएशन पूरी की लेकिन उसे जॉब नहीं मिली। वह अपने जीजाजी के पदचिन्हों पर चलना चाहती थी और उसने अपने इस सपने के बारे में अपने पति को बताया। इस तरह से स्वामिनी लेडी बाउंसर्स (Swamini Lady Bouncers) शुरू हुआ।

कदम ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में बताया कि, ‘महिलाओं की सुरक्षा हमेशा चिंता का विषय रहता है। मैंने अपने जीजाजी को बाउंसर के रूप में देखा और इस काम ने मुझे प्रभावित किया। यह पुलिसवालों जैसे जॉब है। मैंने अपने पति से इस बारे में बात करी कि कैसा हो अगर वुमन सिक्योरिटी गार्ड्स होते हैं, तो वुमन बॉडी गार्ड्स क्यों नहीं हो सकती।

उन्होंने जीजाजी से इस बारे में बात की और मेरी यात्रा यहां से शुरू हुई। सबसे बड़ा मुद्दा महिलाओं का समूह बनाने के लिए उन्हें साथ लाना था क्योंकि मुझे उनके माता-पिता और पतियों को मनाना था।

कई आयोजन देर रात होते हैं। यह काम बहुत आसान नहीं था लेकिन धीरे-धीरे 18 महीनो में 49 महिला बाउंसर्स हो गई हैं। उनमें से अधिकांश महिलाएं घरेलू काम करती थी और मुश्किल से कमा पाती थी। उन्हें अब एक इवेंट के 600 से 1000 रुपए मिलते हैं।’

Swamini Lady Bouncers
Swamini Lady Bouncers की पूरी टीम 

लेडी बाउंसर्स ने कहा कि वे अपने काम से बहुत खुश हैं। उन्हें बहुत सम्मान मिलता है। इसके अवाला पब में ड्यूटी करने के लिए उन्हें हर महीने 10,000 से 15,000 रुपये और दूसरे इवेंट्स में काम करने के 8000 से 10,000 रुपये वेतन मिलता है। उन्हें आठ घंटे की ड्यूटी करनी पड़ती है।

उन्होंने कहा, ‘हमें एम बाउंसर्स द्वारा फ्री गाइडेंस मिलती है जो कि योगेश मानकर और अजीत इनदामदार चलाते हैं। उन्होंने हमें कराटे और सेल्फ डिफेंस टेक्निक्स सिखाई। अब मैं भी कम्यूनिकेशन स्किल्स और इंग्लिश स्पीकिंग गाइडेंस के साथ फ्री कराटे ट्रेनिंग उपलब्ध करा रही हूं।’

बी पॉजिटिव, अमिता कदम और उनके ग्रुप स्वामिनी लेडी बाउंसर्स के साहस और जज्बे को सलाम करती है. आप से प्रेरणा लेकर देह कि अन्य महिलाये भी आत्मनिर्भर जरूर बनेगी.

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