यु ज़मीन पर बैठ क्यों आसमान देखता है, पंखों को खोल ज़माना सिर्फ उड़ान देखता है suman prasad flaminArt

यह पंक्तियाँ एक कलाकार पर सटीक बैठती है जिसने कला को अपना प्रोफेशन बनाने के लिए कड़ा संघर्ष किया. फाइन आर्ट में पढाई के बावजूद टियर-2 सिटी में कला को प्रोफेशन बनाना साहसिक निर्णय रहा. छोटी-मोटी नौकरिया की लेकिन अपने जूनून को ज़िंदा रखा. आज उनकी प्रतिभा की गवाही पूरा शहर देता है. फाइन आर्ट कंपनी के साथ ही नए टैलेंट को तराशने के लिए अकादमी की स्थापना की. कला और अपने जूनून को जीने वाली और फ्लेमिनआर्ट(FlaminArt) की संस्थापक है सुमन प्रसाद (Suman Prasad).

झारखण्ड के जमशेदपुर से आने वाली सुमन प्रसाद ने खुद मेहनत करके सफलता हासिल की. कड़ी मेहनत और धैर्य के बाद उन्हें सफलता मिली. अपनी कंपनी के जरिये वो न केवल कमर्शियल प्रोजेक्ट्स कर रही है बल्कि जमशेदपुर को स्वच्छ एवं सुन्दर बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान दे रही है. सुमन प्रसाद के किये गए कार्य आपको जमशेदपुर के कई मुख्य इलाकों एवं जगहों पर मिल जायेंगे.

सुमन प्रसाद अपनी कंपनी ‘फ्लेमिनआर्ट‘ के जरिये वाल पेंटिंग और कमर्शियल ग्राफिक डिज़ाइन काम करती है जबकि अकादमी के जरिये नयी प्रतिभाओं को फाइन आर्ट, पेंटिंग, डांस, म्यूजिक और एनीमेशन की ट्रेनिंग देती है. नयी प्रतिभाओं को ट्रेनिंग के साथ ही एक मंच भी प्रदान कर रही है.

social message
वॉल पेंटिंग के जरिये सोशल मैसेज भी देती है सुमन प्रसाद

बी पॉजिटिव इंडिया से बातचीत के दौरान सुमन प्रसाद बताती है कि मेरा जन्म झारखण्ड के जमशेदपुर शहर में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ. मैंने रांची यूनिवर्सिटी से बी.कॉम की पढाई की. इसके साथ ही मैंने 8 साल तक फाइन आर्ट्स और ढाई साल तक एनीमेशन की ट्रेनिंग की. सब कुछ सामान्य चल रहा था लेकिन एक घटना ने मेरी ज़िन्दगी बदल दी.

इसके बाद 2010 में मैंने नौकरी करना शुरू किया और तब पैसे की अहमियत समझ में आयी. एनीमेशन और फाइन आर्ट हमेशा से मेरे साथ रहा लेकिन जॉब भी करना जरूरी था. इसके बाद मैंने एक फेसबुक पोस्ट में वॉल पेंटिंग का कॉन्सेप्ट देखा जो मुझे बहुत पसंद आया. मुझे पेंटिंग पहले से ही बहुत पसंद थी लेकिन जमशेदपुर में तब तक कला और पेंटिंग को तरजीह नहीं दी जाती थी.

दो साल जॉब करने के बाद मैंने जॉब छोड़कर खुद का काम करना शुरू किया. जॉब छोड़ना मुश्किल था लेकिन मुझे खुद के लिए काम करना था. मैंने वॉल पेंटिंग बनाने का काम शुरू किया लेकिन शुरुआत के कुछ दिनों में कोई आर्डर नहीं आया. मैं फील्ड में नयी थी तो लोगो को लगता था कि मैं उनके घर की दीवार बिगाड़ दूंगी.

painting work
सुमन प्रसाद द्वारा की गयी वॉल पेंटिंग

इसके बाद मेरे एक रिश्तेदार ने मुझे वॉल पेंटिंग का काम दिया. काम ख़त्म करने के बाद मुझे कुछ पैसे दिए और काम को भी सराहा. एक बार काम मिलने के बाद मैंने उसके फोटो फेसबुक पर डाले तो मुझे काम और तारीफ दोनों मिलना शुरू हो गया.

इसके बाद मुझे पहला कमर्शियल प्रोजेक्ट एक हॉस्पिटल की वॉल पेंटिंग से मिला. इस प्रोजेक्ट को ख़त्म करने के बाद मुझे न केवल 10,000 रुपये जो मेरी नौकरी के वेतन 4000 से ढाई गुना थे. इसके साथ ही मुझे कई ऑर्डर्स मिले और मेरे काम को तवज्जो मिलने लगी.

इसके बाद मेरा और मेरी कंपनी का काम चल निकला. पहले प्रोजेक्ट से जो पैसे मिले उससे हमने मार्केटिंग में खर्च किया, जिससे हमें प्रोजेक्ट मिलते गए. हमने जमशेदपुर के कई महत्वपूर्ण जगहों पर काम किया जिसने हमारी मार्केटिंग करना शुरू कर दिया. लोग अब हमें हमारे काम से जानने लगे.

army camp wall painting
सुमन प्रसाद द्वारा की गयी आर्मी कैंप की वॉल पर पेंटिंग

फ्लेमिनआर्ट को आगे बढ़ाने के लिए अंकिता आगीवाल, निशा झा, ऋषव मल्हार, उज्जवल, शुभम, नीरज के साथ ही कई आर्टिस्ट का सहयोग रहा. लोग हमारी बनायीं पेंटिंग के साथ सेल्फी सोशल मीडिया पर पोस्ट करने लगे जिससे जमशेदपुर में हमें काफी प्रसिद्धि मिली.

2016 तक हमारा काम चल निकला और हमें मार्केटिंग की जरूरत कम होने लगी. हमने जमशेदपुर के मशहूर रेस्टोरेंट टाइम आउट, सोफ्टी कार्नर, डगआउट और स्काई 180 के साथ ही टाटा नगर, एसएसपी ऑफिस, इंडियन आर्मी कैंप, टाटानगर रेलवे स्टेशन और टाटा स्टील प्लांट में काम करने का मौका मिला.

फ्लेमिनआर्ट कंपनी के साथ ही मैंने एक एकडेमी भी शुरू की जिसमें डांस, म्यूजिक, आर्ट एन्ड क्राफ्ट, एनीमेशन और पेंटिंग की क्लासेज ली जाती है. जब हमने शुरुआत की तो लोग आर्ट एंड क्राफ्ट को ज्यादा सीरियसली नहीं लेते थे लेकिन समय के साथ सब बदलता गया और आज हमारी एकडेमी भी अच्छी चल रही है.

suman prasad with Praksha Jah
बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर प्रकाश झा के साथ सुमन प्रसाद

फाइन आर्ट को अपना करियर बनाने वाली सुमन प्रसाद अब लाइव इवेंट्स भी करती है. इन इवेंट्स में वो लाइव पेंटिंग बनाती है जिससे उन्हें एक अलग ही पहचान मिली है. वो अब तक जमशेदपुर, रायगढ़ और इंदौर में परफॉर्म कर चुकी है.

हालातों से समझौता करने के बजाय सुमन प्रसाद ने कड़ी मेहनत को अपना साथी बनाया. आत्मविश्वास और कला ने उन्हें प्रसिद्धि दिलाई है. उनकी स्टोरी को प्रिंट एवं सोशल मीडिया पर जगह मिली है. इसके साथ ही बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर प्रकाश झा ने इन्हे मुलाकात के लिए इन्वाइट किया था. उनको कई मंचो से सम्मानित भी किया जिनमे अपराजिता सम्मान, भारतीय सेना से प्रशस्ति पत्र, दैनिक भास्कर, इनर व्हील क्लब और अग्रवाल समाज के साथ ही भारतीय रेल शामिल है.

सुमन प्रसाद ने जमशेदपुर के P&M मॉल में प्रकाश झा के साथ ही झारखण्ड के मशहूर क्रन्तिकारी बिरसा मुंडा के जीवन पर भी ट्रेडिशनल पेंटिंग की है जिससे लोगो को झारखण्ड और उसकी संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिला.

P&M Mall
P&M मॉल में झारखण्ड की संस्कृति को दर्शाती सुमन प्रसाद की वॉल पेंटिंग

सुमन प्रसाद कहती है कि एक समय था जब मुझे लोग कहते थे कि आर्ट और पेंटिंग में कोई करियर नहीं बन सकता है. हर कोई M F हुसैन नहीं बन सकता लेकिन कड़ी मेहनत ने आज इस मुकाम पर पहुँचाया है. अब वही लोग अपने बच्चों को फाइन आर्ट में करियर बनाने के लिए सलाह लेने मेरे पास आते है. इसलिए आप जो भी काम करे , वो दिल से करे. सफलता जरूर मिलेगी.

अगर आप भी सुमन प्रसाद से जुड़ना चाहते हो तो उनके फेसबुक पेज से संपर्क करे!

बी पॉजिटिव इंडिया, सुमन प्रसाद और ‘फ्लेमिनआर्ट‘ के सभी सदस्यों के काम की सराहना करता है और उम्मीद करता है कि आप से प्रेरणा लेकर टियर-2 शहरों से लड़किया निकलकर देशभर में अपना नाम रोशन करेगी.

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