हर छोटा बदलाव बड़ी कामयाबी का हिस्सा होता है.  sufiya khan ultra runner run for hope

इसी तर्ज पर राजस्थान की अल्ट्रा रनर (Ultra Runner) सूफ़िया खान (Sufiya Khan) ने कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक दौड़ने का संकल्प लिया है. सूफ़िया खान 25 अप्रैल से ‘रन फॉर होप (Run For Hope)‘ के नाम से मिशन शुरू करने जा रही है. जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में भाईचारे, एकता, शांति और समानता का संदेश देना है. अपने मिशन के तहत वो 100 दिन में 4035 किमी की दूरी तय करेंगी.

उनकी यह दौड़ पांच चरण में पूरी होगी. अपने मिशन के दौरान सूफिया देश के 22 शहरों में जाएंगी और रोजाना लगभग 50 किमी दौड़ेंगी. इन्होने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है तथा श्रीनगर पहुँच चुकी है. इस पुरे मिशन के लिए उन्होंने क्राउड-फंडिंग के जरिये पैसे जुटाए है और कई लोग उनकी मदद के लिए आगे आ रहे है.

sufiya khan ultra runner run for hope

सूफिया खान अपने मिशन के बारे में कहती है कि मेरा मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मकता का सन्देश देना है. समाज में आपसी वैमनस्य को भुलाकर शांति, भाईचारे और समानता फैलानी है. इसके लिए मै पिछले कई दिनों से दिल्ली में तैयारी कर रही हूँ और लोगो का काफी सपोर्ट मिल रहा है. अगर लोगो के पास मेरा सन्देश पहुँच जाता है तो मै इस मिशन को सफल मानूंगी.

Sufiya Khan ultra runner
Route Map for ‘Run for Hope’ Mission | Photo Credits : SheThePeople.tv

राजस्थान के अजमेर शहर में मध्यमवर्गीय परिवार में सोफिया खान का जन्म हुआ. जब वो 16 वर्ष की थी तब उनके पिता का देहांत हो गया. इसके बाद उनकी माँ ने उन्हें पाला और सब जरूरते मुहैया करवाई. बचपन से ही ऊँची उड़ान और आसमान चुने का सपना देखने वाली सोफ़िया ने एयर होस्टेस की पढाई की. इसके बाद उन्होंने लगभग 10 साल तक दिल्ली में एविएशन इंडस्ट्री में ड्यूटी ऑफिसर की नौकरी की. 

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नौकरी के दौरान उन्हें अपनी फिटनेस और स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए ज्यादा समय नहीं मिल पाता था लेकिन दो वर्ष पूर्व उन्होंने अपने घर के नजदीक स्थित पार्क में रनिंग करना शुरू किया. शुरुआत में कुछ मुश्किलें हुई लेकिन बाद में रनिंग में आनंद आने लगा. इसके बाद उन्होंने मैराथन में भाग लेना शुरू कर दिया.

Sufiya Khan ultra runner
Indian Book Of Records में सूफ़िया का नाम | Photo Credits : Sufiya’s Facebook Profile

लगातार प्रयास के चलते उन्होंने पिछले साल ग्रेट इंडियन गोल्डन ट्राएंगल (Great Indian Golden Triangle) (दिल्ली, जयपुर, आगरा, दिल्ली) की 720 किमी की दूरी केवल 16 दिन में पूरी की . इसके चलते उनका नाम ट्राएंगल सबसे तेज पूरा करने वाली पहली महिला अल्ट्रा रनर (Ultra Runner) के रूप में इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (Indian Book Of Records) में दर्ज हुआ था.

इसके बाद सूफ़िया खान (Sufiya Khan) ने रनिंग पर ध्यान देने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी. उनके परिवार ने इस निर्णय में उनका साथ दिया. इसके बाद उन्होंने देश की समस्याओं को सुलझाने के लिए रन फॉर होप (Run For Hope) मिशन शुरू करने का फैसला किया.

मौजूदा समय में देश में नफरत, दुश्मनी, आतंकवाद, धार्मिक उन्माद और बेरोजगारी जैसी कई समस्याएं हैं. आज की दौड़-भाग भरी जिदंगी में हम संस्कृति, मानवता, भाईचारे के साथ-साथ एक-दूसरे का सम्मान करना तक भूल गए हैं.

Sufiya Khan ultra runner
मैराथन में भाग लेती सूफ़िया | Photo Credits : Sufiya’s Facebook Profile

इस मिशन के तहत सूफ़िया खान भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए सन्देश देना चाहती है. उनके मिशन का मूलमंत्र है : HOPE (Humanity, Oneness, Peace and Equality). वो मानती है कि इंसानियत से बढ़ कर कोई धर्म नहीं है. देश के विकास के साथ-साथ भाईचारे, एकता, शांति और समानता बनाए रखना जरूरी है.

अगर आप भी सूफ़िया खान के मिशन में सहायता करना चाहते है तो इस लिंक पर क्लिक करे !

बी पॉजिटिव इंडिया, सूफ़िया खान के मिशन की सफलता के लिए अग्रिम बधाई देता है. हम उम्मीद करते है कि आप से प्रेरणा लेकर समाज में बदलाव आएगा और देश में भाईचारे और शांति की नयी लहर पैदा होगी.

(Note : यह आर्टिकल इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार लिखा गया है. हमारा उद्देश्य किसी की भी मानहानि करना नहीं है. अगर आपको इस पोस्ट में दी गयी जानकारी से आपत्ति हो तो हमें कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें.)

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