महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के फुलेवाड़ी गांव से आने वाले इस कबड्डी प्लेयर ने प्रोकबड्डी लीग के सीजन छह में तहलका मचा दिया है. यु मुम्बा (U Mumba) के विजय रथ में इस प्लेयर का खास योगदान है. चार मैच में 51 पॉइंट स्कोर करके विरोधी टीमों में भय पैदा कर दिया.  अनूप कुमार जैसे मेगा स्टार की अनुपस्थिति में यु मुम्बा को विजयी बनाने वाले इस प्लेयर का नाम है : सिद्धार्थ देसाई ( Siddharth Desai ).

सिद्धार्थ देसाई ने सबसे जल्दी 50 पॉइंट बनाने का प्रो कबड्डी लीग का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया .

प्रो कबड्डी लीग का सीजन छह अभी शुरू ही हुआ है. इस सीजन में खिलाडियों की नीलामी के बाद कई उलटफेर हुए. यु मुम्बा (U Mumba) टीम ने भी ईरानी और युवा भारतीय खिलाड़ियों पर दांव खेला. अनूप कुमार ने पिछले पांच सीजन से यु मुम्बा का प्रतिनिधित्व किया था. उनकी उपस्थिति में यु मुम्बा को कमजोर आँका जा रहा था लेकिन महाराष्ट्र के इस युवा सनसनी ने सभी कबड्डी पंडितों के अनुमानों को झुठला दिया.

सिद्धार्थ देसाई ( Siddharth Desai ) महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले से आते है. उनके परिवार में सभी लोग कबड्डी खेलते है. उनके भाई एवं पिता भी कबड्डी के प्लेयर रहे है लेकिन कोई भी पेशेवर खिलाड़ी नहीं बना. छह वर्ष की उम्र से कबड्डी खेलना शुरू करने वाले सिद्धार्थ देसाई ने भी कभी कबड्डी को करियर ऑप्शन के रूप में नहीं देखा था.

शुरुआती दिनों में कोल्हापुर और उसके आसपास के क्लब में सिद्धार्थ अपने कबड्डी कौशल का जलवा बिखरेते थे. लेकिन तीन साल पहले BSc करने के दौरान उन्हें कॉलेज टीम से खेलने का मौका मिला. तब तक प्रो कबड्डी लीग भी चालू हो चुकी थी.

Siddharth Desai Air India Team
एयर इंडिया टीम से खेलते सिद्धार्थ देसाई | Image Credits : Mumbai Live

प्रो कबड्डी की सफलता ने सिद्धार्थ को कबड्डी खेलने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने अपनी फिटनेस और स्किल्स पर ध्यान देते हुए AIR इंडिया की टीम में जगह बनाई. इसी बीच पिछले नेशनल कबड्डी टूर्नामेंट में सिद्धार्थ का महाराष्ट्र टीम में चयन हो गया. यह सिलेक्शन सिद्धार्थ के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ.

महाराष्ट्र ने कबड्डी के पावर हाउस हरियाणा को हराकर नेशनल का ख़िताब जीता. काशीलिंग अड़के, रिशांक देवडिगा और शबीर बापू की मौजूदगी में सिद्धार्थ ने भी कमाल का खेल दिखाया. नेशनल टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन ने सिद्धार्थ देसाई के प्रो कबड्डी खेलने के रास्ते खोल दिए.

नीलामी में यु मुम्बा टीम ने उनको खरीदा और उन्होंने अपनी टीम को अभी तक निराश नहीं किया. अब तक हुए चार मैचों में सितारों से सज्जित प्रो कबड्डी लीग में अपने प्रदर्शन से छाप छोड़ी है.

महाराष्ट्र के एक गांव से शुरू हुआ उनका सफर यु मुम्बा के मुख्य रेडर तक पहुँच चूका है. सिद्धार्थ देसाई , मोनू गोयत , सुरजीत सिंह और मनिंदर सिंह के खेल से काफी प्रभावित है. वो अपने खेल को यु ही जारी रखते हुए अपनी टीम को चैंपियन बनाना चाहते है.

कबड्डी के अलावा सिद्धार्थ देसाई को म्यूजिक का भी बड़ा शौक है. वो संगीत को ध्यान केंद्रित करने का सबसे बड़ा स्श्रोत मानते है. अगर वो कबड्डी प्लेयर बनते तो जरूर एक म्यूजिशियन बनते.

प्रो कबड्डी लीग देखकर अपना करियर शुरू करने वाले सिद्धार्थ देसाई ( Siddharth Desai ) को अभी लम्बा सफर तय करना है और उम्मीद करते है कि वो अपने खेल से सभी दर्शकों का ऐसे ही मनोरंजन करते रहेंगे.

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