गर्मी हो या सर्दी का मौसम हमारे आसपास की गली या सड़क में आवारा पशु दिख जाते हैं. कोई इन्हे भगा देता हैं तो कोई रोटी या पानी पिलाने का काम करता हैं. कुत्ता, बिल्ली से लेकर गाय भी खुले आम सड़क पर घूमती हैं और लोगो को इन बेजुबान जानवरों की पीड़ा समझ में नहीं आती हैं लेकिन कानपुर की एक लड़की को इन्हे देखकर दुःख हुआ.

उनको सड़क पर मिले बीमार आवारा पशुओ को ऐसे ही छोड़ना मंजूर नहीं था. खुद से शुरुआत की तो लोगो ने पागल समझा. किसी ने कहा कि दिखावे के लिए यह कर रही हैं लेकिन उसने अपना काम जारी रखा और आज उन्होंने सोशल मीडिया की मदद से कई बेजुबान प्राणियों को न केवल नयी ज़िन्दगी दी बल्कि लोगो को जागरूक भी किया. फेसबुक पेज ‘रेस्पेक्ट द वॉइसलेस (Respect The Voiceless)‘ की स्थापना करने वाली पशु-प्रेमी हैं शुभांगी सारावगी (Shubhangi Sarawagi) .

shubhangi with pets
पालतू जानवर के साथ शुभांगी

फेसबुक पेज ‘रेस्पेक्ट द वॉइसलेस’ के जरिये वो आवारा पशुओं और पक्षियों को बचाती हैं और आवारा पशुओ को दूसरे लोगो को प्रेरित करके गोद देती हैं. इस तरह से आवारा पशु जैसे कुत्ते और बिल्ली को नया घर मिल जाता हैं जबकि लोगो को पालतू जानवर. इनके पेज से अब तक 1000 से अधिक लोग जुड़ चुके हैं और यह सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा हैं.

बी पॉजिटिव इंडिया से बातचीत में शुभांगी ने बताया कि लगभग पांच साल पहले फरवरी 2014 में यह सफर शुरू हुआ. मेरे घर के सामने एक घायल कुत्तिया मिली जो चलने में असमर्थ थी. उसकी यह हालत देखकर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसके इलाज के साथ ही अच्छे से देखभाल की. उसके जब बच्चे हुए तो उनका भी अच्छे से ध्यान रखा.

इस अनुभव को लोगो से शेयर करने के लिए मैंने रेस्पेक्ट द वॉयसलेस के नाम से यूट्यूब चैनल शुरू किया. मैं चाहती थी कि लोगो को इन आवारा और बेजुबान जानवरों का खयाल रखना चाहिए. इसके साथ ही मेरे साथ जुड़कर वो समाज में और खासकर जानवरों की ज़िन्दगी में बदलाव आ सके. यह चैनल लोगों को जानवरों के प्रति अधिक विचारशील और प्यार करने के लिए प्रेरित करता है.

water pots
गर्मियों में बेजुबान प्राणियों के लिए पानी की व्यवस्था की है शुभांगी ने

यह सब कुछ उन्होनें अकेले ही शुरू किया. लेकिन जब उनके परिवार ने पाया कि उन्हें जानवरों से बहुत लगाव है तो वह भी इस नेक काम का हिस्सा बन गए. जब वह घर पर नहीं होती, तो उनके घरवाले जानवरों की अच्छे से देखभाल भी करते हैं.

जानवरो के इलाज और खाने-पीने का खर्च वो स्वयं जुटाती हैं. बच्चों को ट्यूशन पढ़ा कर वो पैसे इकठ्ठा करती हैं. साथ ही उनके दोस्तों और परिवार के द्वारा भी उन्हें सहायता मिलती है. उनके छोटे-छोटे योगदानों से उन्हें इस कार्य में बहुत मजबूती मिलती है. उनका उद्देश्य सभी के साथ मिलकर आवारा जानवरों की भलाई करना है.

जब उन्होनें यह सब कुछ शुरू किया तो दोस्तों ने उनका हमेशा साथ दिया और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. जब परिवार ने उनकी लगन और जानवरों के प्रति समर्पण एवं प्यार देखा तो उन्होंने भी शुभांगी के काम में सहयोग करना शुरू कर दिया.

cow treatment
गाय के बछड़े का इलाज करती शुभांगी

शुभांगी ने बीबीए और एमबीए की डिग्री ली है. अभी वह सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही हैं. जानवरों के प्रति अपना जुनून और प्यार बनाए रखती हैं. वो आगे जाकर एक एनजीओ खोलना चाहती हैं जिसके जरिये वो बेजुबान प्राणियों की बड़े स्केल पर मदद कर पाए. इसी के साथ शुभांगी ने छह साल मॉडलिंग भी की. कई मॉडलिंग इवेंट्स में वो प्राइज जीत चुकी है और उससे मिले पैसे से वो बेजुबान जानवरों की मदद करती है.

शुभांगी आगे बताती हैं कि लोग आमतौर पर दर्द में पड़े एक असहाय जानवर को अनदेखा कर देते हैं. अब हमें इस सोच को बदलना चाहिए. सभी जानवर चाहे पालतू जानवर हों या आवारा जानवर एक अच्छे जीवन जीने के हक़दार होते हैं. लोगों को बिना किसी डर के, जानवरों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के खिलाफ खड़े होना चाहिए.

शाहकारी भोजन की वकालत करते हुए शुभांगी कहती हैं कि शाकाहार में भोजन के इतने विकल्प होने के बावजूद लोग मांसाहार का सेवन करते हैं. बेजुबान प्राणियों की बलि देकर अपनी जिह्वा की आग शांत करते हैं. अगर कोई व्यक्ति किसी भी जानवर को कटता हुआ देखले तो शायद ही वो मांसाहार का सेवन कर पायेगा.

shubhangi sarawagi respect the voiceless water pot
वाटर पॉट्स में पानी भरने का काम कर रही है शुभांगी

अभी लगभग 24 कुत्तों की देखभाल करती हूँ. मैं या तो खुद भोजन पकाती हूँ या दुकान से खरीद कर लाती है. मैं गायों और सांडों जैसे अन्य आवारा जानवरों को भी भोजन खिलाती है. इसके साथ साथ उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता भी प्रदान करवाती हूँ.

अगर आप भी शुभांगी या ‘रेस्पेक्ट द वॉइसलेस‘ से जुड़ना चाहते हैं तो फेसबुक पेज के जरिये संपर्क कर सकते हैं.

बी पॉजिटिव इंडिया, शुभांगी और ‘रेस्पेक्ट द वॉइसलेस‘ के कार्यों की सराहना करता हैं और उम्मीद करते यही कि आप से प्रेरणा लेकर लोग बेजुबान प्राणियों की मदद करेंगे.

Comments

comments