अगर मन में किसी की मदद करने की चाह हो तो कोई भी शुरुआत छोटी नहीं होती है.

तकनीक का इस्तमाल करके आजकल कई लोग दूसरों की ज़िन्दगी में बदलाव ला रहे है. अपने छोटे भाई के जरिये व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़कर रक्तदान जैसा पुनीत कार्य करने का मौका मिला तो उन्हें बहुत ख़ुशी हुई. जब लोग जुड़ते गए तो एक फॉउण्डेशन का निर्माण किया है जो आज बिहार के पटना शहर के साथ ही दरभंगा में कई लोगों की जान बचा रहा है. लोगो को रक्तदान के लिए प्रेरित करने के साथ ही रक्तदान को समाज की आदत बनाने के प्रयास में लगी हुई है शिखा मेहता(Shikha Mehta).

शिखा मेहता ने यूनिवर्सल ब्लड बैंक(ग्रुप) (UNIVERSAL BLOOD BANK) के नाम से बिहार के पटना और दरभंगा शहर में ग्रुप्स बनाये है जो आवश्यकता के अनुसार रक्तदान करते है. ये ने केवल बिहार बल्कि पुरे देश में ब्लड की व्यवस्था करवाते है. इस ग्रुप की स्थापना शिखा मेहता के भाई अभिनव शुभम ने 28 नवंबर 2016 को बनाया था लेकिन व्यस्तता के चलते वो इस पर काम नहीं कर पाए. इसके बाद शिखा ने यह ग्रुप 28 सितंबर 2017 में खुद रक्तदान करके एक बार फिर सक्रिय किया . इसके बाद लोगों को जोड़ना शुरू किया और इनके अभियान को सफलता के दो वर्ष होने वाले है.

यु ब्लड बैंक (U Blood Bank) ने पुरुष और महिला के साथ ही रक्त समूह के आधार पर व्हाट्सएप समूह बना रखे है. यू ब्लड बैंक का एक पुरुष ग्रुप है जिसमें 250 लोग है और सभी सदस्यों ने जरूरत के अनुसार कई बार रक्तदान किया है. यू ब्लड बैंक एक महिला स्वयंसेवी का भी ग्रुप है जिसमें सिर्फ महिलाएं हैं. इस ग्रुप में लगभग 20 से ऊपर महिलाएं हैं जो नियमित रूप से रक्त दान करती हैं.

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यु ब्लड बैंक की टीम के साथ एक कार्यक्रम के के दौरान शिखा मेहता

यू ब्लड बैंक का एक नेगेटिव ग्रुप है जिसमें सिर्फ उन्हें जोड़ रखा है जिनका ब्लड ग्रुप नेगेटिव है और जरूरत के समय उपलब्ध हो सके. पटना के साथ ही यू ब्लड बैंक दरभंगा के नाम से भी ग्रुप है जिसमें दरभंगा के 20 से ऊपर सदस्य हैं. इसके अलावा भी यू ब्लड बैंक से सोशल मीडिया के माध्यम से 5000 से भी अधिक लोग जुड़े हैं. इंस्टाग्राम पर लगभग 4000 लोग हैं जो उन्हें फॉलो करते हैं.

बी पॉजिटिव इंडिया से बातचीत में शिखा मेहता ने बताया कि रक्तदान के लिए देश के सभी लोग जागरूक होने चाहिए क्योंकि रक्त के अभाव में ना जाने कितने मासूमों की मृत्यु हो जाती है. लोगो में जागरूकता के साथ ही रक्तदान के सम्बन्ध में फैली भ्रांतियों को मिटाकर एक आंदोलन का रूप दिया जा सकता है.

शिखा कहती है कि मेरे छोटे भाई ने एक ग्रुप बना रखा था जिसमें उसके कुछ दोस्त लोग जुड़े हुए थे और जरूरत पड़ने पर यह लोग कभी कभी एक दूसरे की मदद करते थे. मेरे छोटे भाई के पास समय ना होने की वजह से वह मदद करने में असमर्थ रहता था.

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रक्तदान जागरूकता अभियान के दौरान शिखा मेहता

फिर अचानक मैंने यह ग्रुप देखा तुम मुझे अंदर से काफी खुशी हुई कि एक व्हाट्सएप ग्रुप के द्वारा किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है. किसी को नया जीवन दिया जा सकता है. तब मैंने यह शुरुआत पहले खुद से की. मैंने खुद रक्तदान किया और खुद में महसूस की कि आखिर किसी को एक यूनिट खून दान कर जान बचाकर कैसी खुशी मिलती है.

शिखा आगे बताती है कि रक्तदान महादान है और इस महादान की मुहिम से लोगों को जोड़ना कोई आसान काम नहीं है. शुरुआत में काफी संघर्ष रहा क्योंकि नेटवर्क कम था.परिवार के कुछ सदस्य एवं दोस्त हमारे ग्रुप से जुड़े हुए थे और वही जरूरत के समय रक्तदान करते थे. धीरे-धीरे मैंने लोगों को जागरूक करना स्टार्ट किया और मदद की. आज रक्तदान का यह नेटवर्क बहुत ही बड़ा हो गया है जिसका हम अनुभव भी नहीं कर सकते.

इस नेक काम में हमारे माता-पिता और हमारी पूरी फैमिली सपोर्ट करती है. मेरे प्रेरणास्रोत मेरे छोटे भाई अभिनव शुभम है जिन्होंने मुझे इस नेक कार्य को करने के लिए हमेशा प्रेरित करते रहते हैं. अभी तक ना जाने कितने लोगों की जान हमारी इस मुहिम से बच चुकी है. जिसकी गिनती हम नहीं कर सकते हैं. हमारा सपना है कि हजार नहीं लाख नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की जान इस महादान से बचे इसलिए सभी लोगों को इस क्षेत्र में आगे आना होगा.

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पुलवामा अटैक में शहीद जवानों की स्मृति में आयोजित रक्तदान कार्यक्रम में शिखा मेहता

इस पुण्य काम में यु ब्लड बैंक के कई साथी है जो हमारा साथ दे रहे है. सत्यदीप पाठक, अविनाश कुमार मेहता, अमित कुमार राजेश गुप्ता, आशीष यादव ,शुभम झा ,ब्यूटी सिंह ,सृष्टि कुमारी ,मीनू मोदी पुष्प लता कुमारी ,अमरजीत कुमार, राकेश सोनी, मनीष मेहता ,श्वेता मेहता ,कोमल मेहता ,रंजना मेहता ,प्रेम कुमार, आमोद कुमार शेखावत और विवेक कुमार के साथ ही कई सदस्य है जो अब प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भी हमारी मदद करते है.

भविष्य की योजनाओं के बारे में शिखा बताती है कि यू ब्लड बैंक का एक अपना ब्लड बैंक से पटना बिहार में नहीं बल्कि पूरे यूनिवर्स में हो. इस ब्लड बैंक से जरूरतमंद व्यक्ति आसानी से ब्लड ले सके और एकदम बेहद गरीब परिवार को इसमें कोई भी क्रॉस मैचिंग के चार्ज ना लगे.

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ब्लड डोनेशन कैंप के दौरान यु ब्लड बैंक के स्वयंसेवी

शिखा मेहता बताती है कि हमारे देश के प्रत्येक घर में रक्त वीर हो क्योंकि हम सभी लोग बॉर्डर पर जाकर अपने देश की सुरक्षा नहीं कर सकते लेकिन हम अपने खून दान कर लोगों की जान बचाकर नया जीवन दे सकते हैं. कुछ लोग पूछते हैं कि आपको इस सेवा से क्या फायदा होता है ? तो मेरा उत्तर बस एक ही होता है मुझे अच्छा लगता है और मैं सेवा करती हूं.

अगर आप भी शिखा मेहता या यु ब्लड बैंक से संपर्क करना चाहते है तो इस नंबर +91-8651588580 पर संपर्क करे !

बी पॉजिटिव इंडिया, शिखा मेहता और ‘यु ब्लड बैंक‘ की पूरी टीम के कार्य की प्रशंसा करता है और उम्मीद करते है कि आप से प्रेरणा लेकर लोग रक्तदान के लिए प्रेरित होंगे.

( ये स्टोरी बी पॉजिटिव इंडिया के साथी अजय कुमार पटेल ने की है. )

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