Sharad Gangwar dairy farming : अमेरिका में शानदार नौकरी को छोड़कर अपने गांव में गाय पालने का निर्णय किया तो परिवार के साथ ही पुरे गांव ने पागल समझा. वातानुकूलित कमरे और मोटी पगार वाली नौकरी भी इस युवा को अपने दृढ निश्चय को नहीं डिगा पाए.

आज वो न केवल जिले के सबसे बड़े दूध उत्पादक है बल्कि बड़े-बड़े अधिकारी और मंत्री उनकी गौशाला का दौरा कर रहे है. आज इनके साथ 25 से ज्यादा किसान काम कर रहे है. इस प्रगतिशील किसान का नाम है शरद गंगवार (Sharad Gangwar).

शरद उत्तरप्रदेश के शाहजहांपुर जिले के तिलहर तहसील के रामपुर गांव के रहने वाले है. अपने देश में ही कुछ करने के जज्बे न उनको अपनी नौकरी छोड़ने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने 2014 में केवल दो गायों से शुरुआत की.

लेकिन आज इनके पास लगभग 80 गाये है. जिनसे प्रतिदिन लगभग 200 लीटर दूध पैदा होता है. गाय के दूध के साथ ही गौमूत्र और गोबर से भी उनकी बढ़िया कमाई हो रही है.

Sharad Gangwar अपनी नौकरी के दौरान । Image Credits : OneIndia

शुरुआती पढाई के बाद उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थान से एमबीए की पढाई पूरी की. इसके बाद उनकी 2009 में अमेरिका की बड़ी फाइनेंसियल कंपनी अमेरिकन एक्सप्रेस में नौकरी लग गयी. लगभग पांच साल न्यूयोर्क में काम करने के बाद उन्होंने अपने देश लौटकर खुद का कुछ करने का मन बनाया.

भारत लौटने के बाद अपने गांव में ही उन्होंने रोज़गार के साधनों के बारे में रिसर्च किया. खेती-किसानी के साथ ही पशुपालन के लिए भी उन्होंने आसपास के कृषि केंद्र और बुजुर्ग किसानों से सलाह-मशविरा किया. इसके बाद उन्होंने 2014 में दो गायों के साथ शुरुआत की जो अब एक बड़ी गौशाला का रूप ले चुकी है.

वो न केवल अपनी गौशाला बल्कि अन्य किसानों की भी मदद कर रहे है. आसपास के गांव और दूर से आये किसानों को मुफ्त में सलाह देते है . इसी के साथ दूध-उत्पादन के लिए पशुओं की उन्नत नस्ल एवं खान-पान के बारे में विशेष सहायता करते है.

शरद का पूरा दिन अपनी गायों और इसी गौशाला में काम करते हुए गुजरता है. इस साहसिक निर्णय में उनका साथ उनकी पत्नी भी देती हैं. इतना ही नहीं उनकी इस गौशाला से 8 लोगों को भी प्रत्यक्ष रोजगार भी मिलता है. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि हर गाय उन्हें पहचानती है.

शरद के इसी जज्बात को देखने के लिए जिला प्रशासन के अफसर भी उनके गौशाला को देखने यहां आते हैं.

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