वित्त आयोग के सदस्य शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das RBI) को आरबीआई का 25वां गवर्नर बनाया गया है. रिजर्व बैंक के गवर्नर के पद पर उनकी नियुक्ति तीन साल के लिए की गई है.

शक्तिकांत दास इससे पहले आर्थिक मामलों के सचिव के पद पर भी अपने सेवाएं दे चुके हैं. पिछले साल वह इस पद से रिटायर हुए थे. मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले में भी इनकी प्रमुख भूमिका रही थी.

गौरतलब है कि 10 दिसंबर 2018 को उर्जित पटेल के निजी कारणों के चलते देश के केंद्रीय बैंक – रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के गर्वनर पद से इस्तीफा दे दिया.

शक्तिकांत दास का प्रशासनिक करियर बहुत ही शानदार रहा है. उन्होंने भारत सरकार के साथ ही तमिलनाडु के भी कई विभाग एवं जिलों में अपनी सेवाए दे चुके है.

26 फरवरी 1955 उड़ीसा में जन्मे शशिकांत दास ने शुरुआती पढाई के बाद नई दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से मास्टर्स डिग्री लेने वाले शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das RBI) भारत सरकार के वित्त मंत्रालय और डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर के जॉइंट सेक्रटरी रहे.

इसी के साथ तमिलनाड़ु सरकार के स्पेशल कमिश्नर और रेवेन्यू कमिश्नर, इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के सेक्रटरी के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है.

बता दें कि बीते साल हुए नोटबंदी के फैसले लेने में भी शक्तिकांत दास की महत्वपूर्ण भूमिका थी. सरकार की तरफ से लिए गए इस फैसले का ड्राफ्ट बनाने वालों में दास भी शामिल थे.

दास 2015 से 2017 के बीच आर्थिक मामलों के सचिव रह चुके हैं और उन्होंने केंद्रीय बैंक के साथ काफी करीबी से काम किया है. फिलहाल वह वित्तीय आयोग के सदस्य हैं.

इसके अलावा वह जी-20 सम्मेलन में भारत के आधिकारिक प्रतिनिधि हैं. सरकार ने शुरुआती तौर पर दास को वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी थी और बाद में उन्हें आर्थिक मामलों का सचिव बना दिया गया.

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