हरे कृष्ण डायमंड कंपनी (Hari Krishna Exporters) का नाम तो आपने सुना ही होगा।  हरि कृष्ण डायमंड कंपनी के मालिक सावजी भाई ढोलकिया (Savjibhai Dholakia ) ने अगस्त 2018 में 25 साल से कंपनी में काम कर रहे तीन कर्मचारियों को उपहार स्वरूप मर्सिडीज कार भेंट की थी जिनकी कीमत 1-1 करोड़ रुपये बताई गई।

मंदी के बावजूद सूरत के हीरा कारोबारियों पर इसका असर नहीं पड़ा है। यहां के सबसे बड़ी हीरा कंपनी श्री हरे कृष्णा एक्सपोर्ट के मालिक सावजी भाई ढोलकिया (Savjibhai Dholakia) ने 25 अक्टूबर 2018 को करीब 600 कर्मचारियों को दिवाली बोनस के तौर पर कारें दी हैं।

हरे कृष्णा एक्सपोर्ट का दुनिया के 71 देशों में हीरे का कारोबार फैला हुआ है। हरे कृष्णा एक्सपोर्ट ने अपने गोल्डन जुबली अवसर पर कर्मचारियों को बोनस देने के लिए 51 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

सावजी मानते हैं कि कर्मचारियों के लिए कुछ करने से उन्हें जो खुशी मिलती है उसका कोई मूल्य नहीं है।

ढोलकिया ने कहा कि इस साल कुल 1500 कर्मचारियों को दिवाली बोनस देने के लिए चुना गया था। कंपनी ने बाकी बचे 900 कर्मचारियों को फिक्सड डिपॉजिट सर्टिफिकेट दिया है। इस बार कंपनी कर्मचारियों को बोनस देने में करीब 50 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।

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Hari Krishna Exporters के दिवाली बोनस वितरण कार्यक्रम का दृश्य 

दिल्ली में एक समारोह में कंपनी के चार कर्मचारियों को कार की चाबी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौंपी। इसे बड़ा सम्मान और क्या हो सकता है। इन चार कर्मचारियों में एक 22 साल की महिला दिव्यांग कर्मचारी भी शामिल थी।

कड़े संघर्ष से खड़ी की करोड़ो रुपये की कंपनी

जी-तोड़ मेहनत करने के बाद सावजी ढोलकिया कंपनी को ऊंचाईयों तक ले गए हैं। उनकी सफलता की कहानी आज हर कोई पढ़ना चाहता है।

टीओआई(TOI) के मुताबिक सावजी भाई ढोलकिया (Savjibhai Dholakia) ने गुजरात के अमरेली जिले के दुधाला गांव से पढ़ाई की और 13 साल की उम्र में स्कूल छोड़ने के बाद अपने चाचा के डायमंड बिजनेस में हाथ बंटाना शुरू किया। 10 साल तक कड़े संघर्ष के बीच उन्होंने बहुत कुछ सीखा ।

1991 में हरे कृष्ण एक्सपोर्ट्स की शुरुआत की। तब तक डायमंड कारोबार के हर गुर सीख चुके थे ढोलकिया। लिहाजा उन्होंने अपनी अलग कंपनी बनाके बिजनेस करने की ठानी।

car gift to Employee
कर्मचारी को कार की चाबी सौपते सावजी ढोलकिया

सावजी भाई ढोलकिया (Savjibhai Dholakia) की डायमंड कंपनी जल्द ही बुलंदियों को छूने लगी और 2014 में उनकी कंपनी ने 400 करोड़ का टर्नओवर हासिल किया जो 2013 के मुकाबले 104 फीसदी ज्यादा था। आज की तारीख में इस कंपनी में लगभग 6000 लोग काम करते है जो डायमंड ज्वेलरी के एक्सपोर्ट से जुड़े हुए हैं।

इनका माल तकरीबन 71 देशों में जाता है जिसमें अमेरिका, बेल्जियम, यूएई, हांगकांग और चीन जैसे देश भी शामिल है। सावजी ढोलकिया हमेशा से अपने कर्मचारियों को महंगे गिफ्ट देने को लेकर चर्चा में रहे हैं।

कर्मचारियों को बोनस देने में पहले भी आये है चर्चा में

सावजी भाई ढोलकिया (Savjibhai Dholakia) सबसे पहले 2011 में सुर्खियों में आए थे जब उनकी उदारता टीवी न्यूज चैनलों के साथ लगभग हर अखबारों की सुर्खियां बनी थी। इस दौरान दीवाली के मौके पर उनके द्वारा दिए गए बेशकीमती गिफ्ट और आकर्षक बोनस की चर्चा हर जगह हुई थी।

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कंपनी की शुरुआत में अपने साथियों के साथ सावजी भाई ढोलकिया

2015 में ढोलकिया ने अपनी कंपनी के कर्मचारियों को 491 कारें और 200 फ्लैट गिफ्ट दिए थे जिसकी काफी चर्चा हुई थी और सबने कारोबारी ढोलकिया की कर्मचारियों के प्रति उदारता को मुक्त कंठ से सराहा था। 2016 में भी उन्होंने सैकड़ों कर्मचारियों को कार और फ्लैट भेंट किए थे।

कर्मचारियों का रखा जाता है खास ध्यान

35 हजार रुपए के अलावा अतिरिक्त आमदानी के रूप में मुनाफा भी दिया जाता है। जिसकी वजह से कर्मचारी एक लाख रुपए तक की कमाई कर सकता है।

कर्मचारियों को आने जाने के लिए बस की सुविधा दी जाती है । 10 दिनों की छुट्टियां गर्मियों में दी जाती है। अगर त्योहार की बात करें तो 15 से 20 दिन की छुट्टी दी जाती है। दोपहर के खाने के साथ जिम की सुविधा भी दी जाती है।

कर्मचारियों के लिए 1 लाख रुपए का मेडिकल हर साल और 1 करोड़ रुपए का डेथ इंश्योरेंस मिलता है।

 

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