देश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। अगर युवाओं को सही तरह से संसाधन और मार्गदर्शन मिले तो देश विज्ञान के क्षेत्र में सुपर पावर बन सकता है। देश में इतने अजब-गजब जुगाड़ चलते है जो कई समस्याओं का हल बन सकते है। ऐसा ही कुछ किया है बिहार के एक युवा स्कॉलर संजीत रंजन ने ।

देश के सैनिक मुश्किल हालातों में देश की रक्षा के लिए तैनात रहते है। थार मरुस्थल से लेकर सियाचिन तक और कच्छ के रण से लेकर आसाम और अरुणाचल प्रदेश के जंगलो तक सैनिक विषम हालत में काम कर रहे है।

बिहार के मुजफ्फरपुर यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे एक छात्र ने सैनिकों की मदद के लिए एक अनोखी चीज ईजाद की है। एमएससी फर्स्‍ट ईयर के विद्यार्थी संजीत रंजन ने एक ऐसी डिवाइस तैयार की है, जो ठंड के मौसम में शरीर को गर्मी देता है और गर्मी के मौसम में ठंडक। दिलचस्‍प बात ये है कि यह डिवाइस एक मोबाइल पावरबैंक के आकार जितना छोटा है और इसे पॉकेट में रखा जा सकता है।

दैनिक भास्‍कर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस डिवाइस में एसी, हीटर, एक चार्जेबल बैट्री, एयरपंप और सर्किट लगा हुआ है। संजीत ने इस डिवाइस को महज 600 रुपये में तैयार किया है, जबकि एक बार चार्ज करने पर यह चौबीस घंटे तक काम कर सकता है। इस मशीन की क्षमता बैट्री पर निर्भर है, लिहाजा बैट्री जितनी ताकतवर होगी बैकअप भी उतना ही ज्‍यादा होगा।

डिवाइस का मॉडल | Photo Credits : Dainik Bhaskar

संजीत की इस डिवाइस से एक तार बाहर की ओर निकला हुआ है। इस तार को शरीर के किसी अंग से स्पर्श करवाना होता है। मशीन में लगे स्‍व‍िच के जरिए इसे गर्म या ठंडा के ऑप्‍शन पर सेट करना होता है। दावा किया जा रहा है कि इसके बाद यह -0 डिग्री तापमान में भी शरीर को गर्म करने में सक्षम है। संजीत रंजन ने यह भी दावा किया है कि यह अपने तरह की दुनिया की एकलौती डिवाइस है।

दिलचस्‍प बात यह है कि संजीत ने इसके लिए एक ऐसी बैट्री का भी निर्माण किया है, जिसे चार्ज करने की जरूरत नहीं होगी। यह सौर ऊर्जा से खुद-ब-खुद चार्ज हो जाएगी। वह इससे पहले रेल पटरियों के टूटते ही अलार्म बजने वाला यंत्र, मोबाइल से बिजली कंट्रोलर, हेपटाइज फैन जैसे कई इनोवेशन कर चुके हैं।

संजीत रंजन ने अपने अविष्कारों से कई समस्यायों का हल किया है और उम्मीद करते है कि उनके द्वारा बनाया गया यंत्र सैनिकों को जल्द ही सहायता पहुचायेगा।

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