Sanjay Sinha Frontline Group: कभी सिक्योरिटी गार्ड का काम करने वाले इस व्यक्ति पर भी मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा. पिता की मौत के बाद घर में कमाने वाले वो अकेले थे लेकिन इन मुश्किल परिस्थितियों में उन्होंने अपने सपने पुरे करने के लिए जी जान लगा दिया. आज वो 3000 करोड़ के टर्नओवर वाली कंपनी के मालिक है. वो शख्सियत है सर्विस सेक्टर की नामी कंपनी फ्रंटलाइन ग्रुप (Frontline Group) के चेयरमैन संजय सिन्हा(Sanjay Sinha).

जीवन में सकारात्मक सोच और ध्येय बहुत मायने रखता है, वही आपके सपनों को हकीकत में बदलने में मदद करता है. यही मन्त्र संजय सिन्हा के जीवन को बदलने के लिए काफी था. 

संजय सिन्हा का जन्म 31 मार्च, 1967 को हुआ. ये मूल रुप से बिहार, पटना से हैं. लेकिन, पिता रमेश चंद्र प्रसाद, दिल्ली स्थित पूसा संस्थान में काम करते थे. पिता के सेवानिवृत होने के बाद इनका पूरा परिवार पास के इंद्रपुरी के एक छोटे से मकान में रहने लगा. कुछ वर्षों के बाद पिता का साया नहीं रहा और पूरे परिवार की जिम्मेवारी संजय सिन्हा के ऊपर आ गई.

घर में आय के स्रोत के नाम पर मां को मिलने वाली पेंशन थी. जिससे परिवार को चलाना असंभव था . पटेल नगर के फेथ एकेडमी और दिल्ली विश्वविद्यालय से शिक्षा पूरी करने के बाद श्री सिन्हा ने घर की जिम्मेवारियों में हाथ बंटाना आरंभ कर दिए. ऐसे में परिवार के पालन-पोषण करने के लिए संजय ने प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनी में जॉब करने का निश्चय किया.

उस समय सिक्योरिटी गार्ड को हेय दृष्टि से देखा जाता था लेकिन उन्होंने इस असंगठित क्षेत्र में सम्भावनों को खोजना शुरू किया. वो जीवन भर केवल नौकरी ही नहीं करना चाहते थे इसलिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ने का कठिन निर्णय लिया.

अपनी पत्नी के साथ संजय सिन्हा । चित्र साभार : इंडिया व्यू

अपने दोस्तों के साथ सलाह -मशविरा लेने के बाद सिक्योरिटी इंडस्ट्री के बारे में जानकारी जुटाई. कुछ समय बीतने के बाद उन्होंने सर्विस सेक्टर में ही फ्रंटलाइन बिजनेस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम से काम करना शुरू किया.

इंडस्ट्री के कम अनुभव और असंगठित क्षेत्र होने के कारण शुरुआत में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा लेकिन संजय सिन्हा हार मानने वालों में से नहीं थे. काम के प्रति उनकी लगन और गुणवत्तापूर्ण सर्विस देने के बाद लोगों का भरोसा इन पर बढ़ने लगा. कई बार तो वो खुद ही सिक्योरिटी चेक करने के लिए पहुँच जाते थे.

संजय सिन्हा की कंपनी फ्रंटलाइन ग्रुप के क्लाइंट्स । चित्र साभार : फ्रंटलाइन ग्रुप की ऑफिसियल वेबसाइट

इसके बाद संजय सिन्हा का काम चल निकला और एक के बाद एक नए क्लाइंट और कंपनियां उनसे जुडऩे लगी. निजी सुरक्षा गार्ड के साथ-साथ टेलीकॉम सेक्टर में भी उन्हें काम मिलने लगा. दिल्ली और NCR क्षेत्र में उनकी कंपनी का नाम होने लगा.

इसके बाद संजय ने कड़ी मेहनत करना जारी रखा और उनके दृढ निश्चय का ही नतीजा है कि वह लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते रहे और उनकी कंपनी के ऑफिस आज देश के लगभग सभी राज्यों में स्थापित हो गए.

इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट फेसिलिटी और सिक्योरिटी सर्विसेज प्रोवाइड करवाने वाली उनकी कंपनी आज सालाना करोड़ों का टर्नओवर करती है. देश के गांवों से आने वाले 35,000 लोग कंपनी द्वारा खास ट्रेनिंग करने के बाद इनके साथ काम करते है.

सिक्योरिटी सर्विस में भरोसा और गुणवत्ता की मुख्य भूमिका होती है . यही पर फ्रंटलाइन ग्रुप ने अन्य लोगों से बाज़ी मार ली. संजय सिन्हा का मानना है कि अगर दृढ निश्चय हो तो कोई भी कठिनाई आपको डिगा नहीं सकती है। ध्यान रखें कि अपने लक्ष्य पर नजर रखकर प्रयास करते रहें तो, कामयाबी आपको जरूर मिलेगी।

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