कहते हैं आपका समय अच्छा हो या बुरा, यदि आप कड़ी मेहतन करते जाएंगे तो दुनिया का हर मुकाम आप हासिल कर सकते हैं. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है एक सिख बिजनेसमैन रुबेन सिंह (Ruben Singh) ने.

लंदन में एक सि‍ख अरबपति‍ ने अंग्रेजों से अपनी बेइज्‍जती का बदला अनोखे अंदाज में लि‍या. AlldayPA के सीईओ रूबेन सिंह ने यूके में अपनी रॉल्‍स रॉयस को पगड़ी के अलग-अलग कलर के साथ मैच करते हुए एक चैलेंज को जीत कर दि‍खाया.

उनका यह चैलेंज सोशल मीडि‍या पर वायरल हो हुआ. उन्‍होंने ट्वि‍टर को अपना हथि‍यार बनाते हुए लोगों को बताया कि‍ वह अंग्रेजों को दि‍ए चैलेंज को कैसे पूरा कर रहे हैं.

दरअसल, रूबेन सिंह की पगड़ी को एक अंग्रेज ने ‘बैंडेज‘ बता दि‍या और उनकी और उनकी पगड़ी की बेइज्‍जती करने की कोशि‍श की.

ruben singh
रुबेन सिंह अपनी कार के साथ

रूबेन ने ट्वि‍टर पर लि‍खा, ‘कि‍सी ने मेरी पगड़ी को ‘बैंडेज’ कहा। पगड़ी मेरा ताज है और मेरा गर्व. उन्‍होंने अंग्रेज को चैलेंज कि‍या कि‍ वह अपनी पगड़ी को अपनी रॉल्‍स रॉयस कारों के साथ मैच करेंगे और वो भी पूरे हफ्ते.

अंग्रेज ने शर्त लगाई थी कि‍ रूबेन सिंह अपनी पगड़ी को अपनी कार के रंग के समान सात दि‍नों तक नहीं रखते। लेकि‍न रूबेन ने अंग्रेज को अपने अंदाज में करार जवाब दि‍या।

पगड़ी के कलर के साथ रॉल्‍य रॉयस को मैच करने वाले सिख अरबपति‍ की फोटोज सबसे पहले भारतीय बॉडीबि‍ल्‍डर वरि‍न्‍दर गुहमान ने फेसबुक पर पोस्‍ट की. यह पोस्‍ट वायरल हो गई। उनकी फोटोज को पोस्‍ट होने के बाद ही कुछ समय में 1,800 शेयर्स और 9,000 लाइक्‍स मि‍ल गए.

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रुबेन सिंह अपनी कार के साथ

रूबेन सिंह ने एक फैशन चेन: Miss Attitude को शुरू किया जोकि‍ 90 के दशक में ब्रि‍टेन में काफी पॉपुलर हो गया. 17 साल की उम्र में उन्‍होंने अपने पहले ‘Miss Attitude’ के लि‍ए रोज 20 घंटे से ज्‍यादा काम कि‍या.

अपने एम्‍पायर को बढ़ा करने की चाहत से पहले ही वह कर्ज में फंस गए और उनको अपना बि‍जनेस मात्र 1 पौंड (करीब 80 रुपए) में बेचना पड़ा.

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रुबेन सिंह अपनी कार के साथ

रूबेन सिंह को अपने दूसरे बि‍जनेस alldayPA पर अपना कंट्रोल खोना पड़ा क्‍योंकि‍ साल 2007 में वह दि‍वालि‍या हो गए. इसके बाद 2007 से 2017 के बीच सिंह ने कड़ी मेहनत से दोबारा सफलतापूर्वक alldayPA पर अपना कंट्रोल वापस हासि‍ल कि‍या और सीईओ बन गए.

रूबेन को यूके का बि‍ल गेट्स भी कहा जाता है. यही नहीं, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने उन्हें गवर्नमेंट एडवाइजरी कमिटी का सदस्य भी बनाया था.

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