सृजन की पराकाष्ठा हैं नारी, विध्वंस की परिभाषा हैं नारी ।
संस्कृतियों की पहचान हैं नारी, समाज की कर्णधार हैं नारी ॥

देश में महिला को देवी के रूप में पूजा जाता हैं लेकिन विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के झंडे लहराने वाली महिलाओं के बारे में बहुत कम जानकारी मिल पाती हैं. पुरुष-प्रधान समाज में महिलाओं की अक्सर कमतर आँका जाता हैं लेकिन महिलाओं ने समय-समय पर अपने कार्यों से समाज के सामने उदाहरण पेश किये हैं. अतीत में भारतीय महिलाओं के योगदान और उपलब्धियों को आज के समाज से जोड़ने के लिए एक मीडिया पेशेवर ने नयी संकल्पना की. महिलाओं के कार्यो और योगदान एवं उन के बारे म्यूजियम के माध्यम से समाज और देश को उन के कार्यो और उपलब्धियों से अवगत करवाना है. इस म्यूजियम का नाम हैं भारतीय महिला इतिहास संग्रहालय (इंडियन वीमेन हिस्ट्री म्यूजियम).

न्यूज़ एवं मीडिया इंडस्ट्री में काम कर चुके रोहिताश कुमार ने भारतीय महिलाओं के इतिहास को समाज के सामने लाने के लिए म्यूजियम की स्थापना की. इंडिया की पहली महिला डॉक्टर आनंदी गोपाल जोशी, सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज फातिमा बीवी सहित करीब 112 महिलाओं के अचीवमेंट पर राजस्थान के जयपुर शहर में इंडियन हिस्ट्री वुमन म्यूजियम बनने जा रहा है.

IWHM Indian Women History Museum
भारतीय महिला इतिहास संग्रहालय में प्रदर्शनी के दौरान जानकारी लेती बिटियाँ

इन 112 महिलाओं का जिक्र इतिहास में मिलता है, लेकिन उनकी सफलता की कहानी बहुत कम सुनने को मिलती है. इस म्यूजियम में भारतीय महिलाओं की अनकही कहानियां, महिला स्वतंत्रता सेनानी, इतिहास में पहली बार नाम दर्ज करवाने वाली महिला को यह सम्मान दिया जा रहा है.

बी पॉजिटिव इंडिया से बातचीत में म्यूजियम के संस्थापक रोहिताश कुमार बताते हैं कि भारतीय महिला इतिहास संग्रहालय (इंडियन वीमेन हिस्ट्री म्यूजियम) के माध्यम से युवा पीढ़ी खासकर महिलाये और बालिकाए प्रेरणा ले सकेगी. इससे न केवल उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी बल्कि देश के समृद्ध इतिहास में जानकारी हासिल होगी. इसके साथ ही भारतीय महिलाओं के द्वारा अतीत और वर्तमान में किये गए कार्यो और उपलब्धियों को देश-विदेश तक पहुंचाने में कामयाबी हासिल होगी.

IWHM women History Museum
भारतीय महिला इतिहास संग्रहालय में प्रदर्शनी के दौरान आये अतिथियों के साथ रोहिताश कुमार

महिला इतिहास संग्रहालय लड़कियों और युवा महिलाओं के लिए रोल मॉडल पेश करेगा, जो स्कूलों, सामुदायिक समूहों और इतिहासकारों और आमजन के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा. प्रदर्शनियों और यात्रा प्रदर्शनों के साथ एक ऑनलाइन और ऑन-साइट संग्रह बनाने के लिए भारतीय महिला इतिहास संग्रहालय को वर्तमान समय तक इतिहास के माध्यम से महिलाओं के जीवन और कार्यों का दस्तावेजीकरण करना है. महिला संग्रहालय महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए हमारे समाज में बेहतर विकास के लिए प्रेरित और आगे बढ़ाने की उम्मीद करता है.

रोहिताश आगे बताते हैं कि मेरा जन्म राजस्थान के पिलानी शहर में हुआ. शुरुआती पढाई के बाद मैनेजमेंट की पढाई के लिए जयपुर आना हुआ. पढाई के बाद मैंने मीडिया हाउस एवं न्यूज़ चैनल में बतोर प्रोग्राम प्रोडूसर कार्य किया. एक मीडिया पेशेवर के रूप में अपने काम के दौरान कई सामाजिक मुद्दों जैसे कि कन्या भ्रूण हत्या पर काम करने को मिला. आंकड़े देखकर अंदर से हिल गया और 2014 में नौकरी छोड़कर ‘लाइक गर्ल बर्थ‘ की शुरुआत की. जिसके जरिये कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य कृत्य के खिलाफ लड़ने की शुरुआत की.

IWHM Rajasthan
भारतीय महिला इतिहास संग्रहालय का दृश्य

इसके बाद राजस्थान में संचालित महिला स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए लड़ने वाले कई गैर-सरकारी संगठनों के साथ काम किया. वित्तीय संकटों और सामाजिक विरोध के बावजूद काम करते रहे और अपने कार्यक्रम को सुचारु रूप से चलाया.

रोहिताश कुमार आगे बताते हैं कि संग्रहालय को बनाने का आईडिया मुझे मेरी 10 साल की भतीजी से मिला. जब मैं उससे भारत की प्रथम महिलाओं के बारे में बात कर रहा था. उस समय उसने बड़े ही मजाक और हंसी से कहा कि आप इतने सारे गर्ल और वीमेन प्रोजेक्ट करते हो तो आप हमारे लिए एक वीमेन म्यूजियम ही बना दो ताकि हम लोग वहां आये और इतिहास में अच्छा काम करने वाली महिलाओं के बारे में जाने और उनसे कुछ सीखे.

बस उस दिन में मुझे उस की बात ये अच्छी लगी और मैं हिस्ट्री वुमंस बनाने के प्रोजेक्ट में लग गया. चार-पांच महीने इस प्रोजेक्ट पर काम करके सभी जानकारी इकठ्ठा की. फिर प्रोजेक्ट को अपने सभी दोस्तों से शेयर किया लेकिन इस कांसेप्ट को कोई समझ नहीं पा रहा था क्योंकि यह भारत में अपने आप में पहली सोच थी.

IWHM Jaipur
भारतीय महिला इतिहास संग्रहालय का दृश्य

इस समस्या के समाधान के लिए एक म्यूजियम का प्रारूप और ढांचा बनाकर लोगो को दिखाने का फैसला किया. एक कदम आगे बढ़ाते हुए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सात दिवसीय वीमेन हिस्ट्री एक्सिबिशन का आयोजन किया. सभी लोगो को बुला कर भारतीय महिला इतिहास संग्रहालय (इंडियन वीमेन हिस्ट्री म्यूजियम) को समझाया. सभी लोगो ने इस म्यूजियम को सराहा गया. लोगो का फीडबैक बहुत सकारात्मक रहा.

रोहिताश कुमार ने कहा कि इन महिलाओं के फोटो के साथ बायोग्राफी को दिखाया जाएगा. पुराने समय पर जिन महिलाओं के नाम पर डाक टिकिट चलाए गए उनका कलेक्शन भी होगा. हमने इस कॉन्सेप्ट को गूगल से इंस्पायर हो कर लिया है. हाल ही में गूगल डूडल पर इंडिया की 12 नामी महिलाओं को सम्मान दिया है क्योंकि इन महिलाओं के संघर्ष का इतिहास में कम जिक्र हुआ है. नई पीढ़ी को हम इनकी कामयाबी से रूबरू करवाएंगे.

विश्व के सभी देशों में वीमेन हिस्ट्री म्यूजियम की पहल की जा चुकी है तो मेरा मानना है कि भारत में भी एक ऐसा वीमेन हिस्ट्री म्यूजियम बन. मेरी भारत के सभी लोगों से और भारत सरकार से यही उम्मीद है भारतीय महिला इतिहास संग्रहालय (इंडियन वीमेन हिस्ट्री म्यूजियम) संस्था को एक स्थायी जगह और संग्रहालय की तैयारी के लिए आर्थिक मदद मिले. भारतीय महिला इतिहास संग्रहालय (इंडियन वीमेन हिस्ट्री म्यूजियम) को रोहिताश कुमार अब एक ट्रस्ट में रूप में चला रहा रहे है.

अगर आप भी रोहिताश कुमार या भारतीय महिला इतिहास संग्रहालय से जुड़ना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करे !

बी पॉजिटिव इंडिया, रोहिताश कुमार और भारतीय महिला इतिहास संग्रहालय की पहल की प्रशंसा करता हैं और भविष्य के लिए शुभकामनाए देता हैं.

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