सड़क निर्माण के लिए पेड़ काटे जा रहे थे तो कई पक्षियों के घोंसले उजाड़ गए और कई अंडे एवं नवजात बच्चे मारे गए। इस घटना ने एक आदमी को अंदर से झकझोर दिया। उसने अपनी नौकरी छोड़कर पक्षियों को बचाने के लिए जंगल लगाना शुरू किया।

शुरुआत में अपने दोस्त के साथ मिल कर एक एकड़ जमीन पर जंगल खड़ा किया तो दूसरे राज्यों से भी उन्हें जंगल बनाने के लिए प्रस्ताव आने लगे। छह साल पहले शुरू हुआ यह सफर अब तक सात राज्यों में छह लाख से ज्यादा पेड़ों तक पहुँच गया है। जंगल बनाने में माहिर इस शख्स का नाम है R K नायर ( Radhakrishnan Nair )

अब तक सात राज्यों में जंगल लगा चुके रक नायर को जल्द ही नेपाल के काठमांडू शहर में ‘ग्लोरी ऑफ़ इंडिया अवार्ड‘ से नवाजा जायेगा। उनको महाराष्ट्र सरकार भी ‘वसुंधरा सम्मान‘ से सम्मानित कर चुकी है। रक नायर पुलवामा हमले में शहीद हुए 40 जवानों के सम्मान में 40 दिन में 40 किस्म के 40 हज़ार पौधे लगाएंगे और उसे ‘पुलवामा शहीद वन‘ नाम दिया जायेगा।

छत्तीसगढ़ में लगाया गया जंगल । तस्वीर साभार : RK नायर फेसबुक पेज

पर्यावरणविद RK नायर का जन्म केरल में हुआ लेकिन चार वर्ष की उम्र में उनका परिवार कर्नाटक के मंगलौर शहर के पास एक गांव में बस गया। वही पर उन्होंने शुरुआती पढाई की लेकिन 12वी में फ़ैल होने के बाद उन्होंने पढाई छोड़ दी। आजीविका कमाने के लिए उन्होंने मुंबई का रुख किया और मेडिकल शॉप पर सेल्स मैन से लेकर होटल तक में काम किया।

इसके बाद उन्होंने एक गारमेंट शॉप में सुपरवाइजर की नौकरी शुरू की और जल्द ही अपने हुनर के चलते उन्हें फैक्ट्री का मैनेजर बनाते हुए गुजरात के वलसाड जिले के उम्बरगांव भेज दिया गया।

अपनी नौकरी के साथ ही उन्होंने सामाजिक कार्यों में भी रूचि लेना शुरू किया और स्थानीय लोगो के साथ मिलकर गरीब बच्चों की पढाई और स्वच्छता को लेकर काम किया।

दस साल नौकरी के पश्चात उन्होंने खुद की कंपनी शुरू की जो आज एक बड़े ग्रुप में बदल चुकी है। RK नायर की अभी तीन फैक्ट्रीज है जिनमे 450 से ज्यादा लोग काम करते है।

आँध्रप्रदेश में लगाया गया जंगल । तस्वीर साभार : RK नायर फेसबुक पेज

छह साल पहले हुई एक घटना ने RK नायर को पेड़ों और जंगलों के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने वृक्षारोपण करने के लिए जापान की अकीरा मियावाकी (Akira Miyawaki) तकनीक का इस्तेमाल किया जिसमे बंजर जमीन पर कई किस्म के पेड लगाकर जंगल बनाये जाते है। इसके लिए उन्होंने जापान की टीम से प्रशिक्षण प्राप्त किया और उम्बरगांव में ही एक एकड़ जमीन पर 1500 से ज्यादा पेड़ लगा दिए।

इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने कचरे के डंपिंग यार्ड में खली पड़ी जमीन को जंगल में बदलने का काम RK नायर के कंधे पर सौंपा। उन्होंने कुछ ही समय में वहाँ 32000 से ज्यादा पेड़ लगाए जिसके चलते बंजर जमीन जंगल में तब्दील हो गयी और आसपास एक पर्यावरण इकोसिस्टम बन गया।

मियावाकी मेथड जिसके जरिये RK नायर करते है वृक्षारोपण | PC : Internet

इस प्रोजेक्ट की सफलता के बाद गुजरात के साथ ही आँध्रप्रदेश, कर्नाटक, बंगाल, राजस्थान,महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में अब तक छह लाख से ज्यादा पेड़ लगा चुके है। यह सफर अब तक चल रहा है और प्रदुषण को ख़त्म करने के लिए RK नायर कटिबद्ध है।

बी पॉजिटिव, RK नायर के प्रकृति के प्रति किये गए कार्य की सराहना करता हैं और उम्मीद करता है कि इन से प्रेरणा लेकर हमारे पाठक भी पेड़ लगाकर वातावरण को प्रदुषण मुक्त बनाएंगे।

Story Inputs : The News Minute

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