समाज का आधा हिस्सा हूँ मैं, मजबूर नहीं मजबूत हूँ मैं ।
सृजन की पराकाष्ठा हूँ मैं, विध्वंस की परिभाषा हूँ मैं ॥

देश की महिलाओं में इसी भावना का संचार कर रही है झारखण्ड की एक लाइफ कोच और समाज सेविका. अपने काम के दौरान कई छोटे-मोटे कस्बों में जाना पड़ा. रूढ़िवादिता और संकीर्ण सोच के साथ ही शिक्षा के अभाव में महिलाओं को कष्ट में देखा. माहवारी, घरेलु हिंसा और मानसिक तनाव से महिलाओं को जूझते हुए पाया. मासिक धर्म की अवधारणाओं के चलते छोटी बच्ची से लेकर वयस्क महिला को संघर्ष करते हुए देखा. महिलाओं को दुःख और समस्याओं से मुक्त कराने के लिए ‘मुक्ति मिशन‘ की स्थापना की. अपने कार्यों से ग्रामीण एवं शहरी महिलाओं को जागरूक कर रही है रश्मि साहा (Rashmi Saha).

रश्मि साहा अपने संस्थान ‘मुक्ति मिशन‘ के जरिये सदियों से रूढ़िवादिता की जंजीरों में बंधी महिलाओं को मुक्त करवाने का काम कर रही हैं. मासिक धर्म, स्वास्थ्य एवं बाल विकास, सैनेटरी पैड के उपयोग के साथ ही घरेलु महिलाओं के तनाव को कम करने के लिए वर्कशॉप, सेमिनार, जागरूकता अभियान चला रही हैं. कम दाम में सैनेटरी पैड उपलब्ध करवाना, लड़कियों को शिक्षा के लिए प्रेरित करना, बेहतर करियर विकल्पों के बारे में जानकारी देना भी शामिल हैं.

Girls with Rashmi Saha
मासिक धर्म के लिए जागरूकता फैला रही है रश्मि साहा

बी पॉजिटिव इंडिया से बातचीत में रश्मि साहा बताती हैं कि हम संस्था के जरिये महिलाओं के हाइजीन और महिलाओं में होने वाले तनाव के ऊपर काम करते हैं. उन्हें जागरूक करती हूँ कि समाज को चलाने के लिए उनकी भी उतनी ही जरूरत हैं, जीतनी की एक पुरुष की. कई बार महिलाये तनाव पर ध्यान नहीं देती हैं और जब वह इसको समझती हैं तब तक बहुत देर हो चुकी होती हैं.

मैं कैसे महिलाओं को आगे ला सकती हूँ और उनके विकास में सहभागी बन सकती हूँ, यही मेरा विचार एवं मकसद हैं. इसमे कोई शक नहीं हैं कि आजकल महिलाओं को ज्यादा सुविधाए मिल रही हैं लेकिन अभी भी एक तबका या पीढ़ी इन सुविधाओं से वंचित हैं और उनकी समस्याओं को हल करना ही मेरा लक्ष्य हैं.

रश्मि साहा ने मुक्ति मिशन की स्थापना दिसंबर 2017 में की. हज़ारीबाग के छोटे से क़स्बे में उन्होंने महिला जागरूकता के लिए पहली वर्कशॉप की. इसके बाद उन्होंने अपनी बात लोगो तक पहुंचाने के लिए स्कूल, कॉलेज, कॉर्पोरेट हाउस, गांव एवं कस्बों में कई कार्यक्रम किये.

Awareness Program
मासिक धर्म के लिए जागरूकता फैला रही है रश्मि साहा

रश्मि साहा आगे बताती हैं कि पेशे से मैं एक लाइफ कोच हूँ जो शिक्षा एवं कॉर्पोरेट क्षेत्र में मोटिवेशनल लेक्चर एवं सेमिनार के जरिये लोगो को प्रेरित करती हूँ. मोटिवेशन, व्यवहार, सॉफ्ट स्किल्स एवं जीवन जीने के तरीको के बारे में लोगो को बताती हूँ. प्रतियोगी युग में अपने आप को हर समय मोटीवेट रख पाना मुश्किल हैं और लोगो एवं विद्यार्थियों की इसी समस्या के लिए मैं काम कर रही हूँ.

अपने काम के दौरान मुझे कई छोटे कस्बो से लेकर शहरों की यात्रा करनी पड़ी. वहां पर मैंने लोगो खासकए महिलाओं की समस्याओं को करीब से महसूस किया. पीरियड्स को न केवल शर्म की बात समझा जाता हैं बल्कि रूढ़िवादिता के जाल में इसे फंसा रखा हैं. मुझे ये बातें काफी तकलीफदेह लगी और इस समस्या के निराकरण के लिए काम करना शुरू कर दिया.

Rashmi Saha at Tedx Talk
TEDx Talk के मंच पर भी अपनी आवाज़ उठा चुकी है रश्मि साहा

इसी सोच ने ‘मुक्ति मिशन‘ की नींव रखी. शुरुआत में महिलाओं से पीरियड के बारे में बात करना ख़ासा मुश्किल रहा. उन्हें इस विषय पर प्रेरित और तैयार करना ही सबसे बड़ी समस्या थी. मैंने गांव और कस्बों में वर्कशॉप और सभाओं के जरिये लोगो को जोड़ा. हालाँकि सरकारी विद्यालयों के उत्साह और सहायता से लड़कियों तक पहुंचना आसान हुआ. लेकिन लोग जुड़ते गए और कारवां बनता गया. इस पूरी मुहिम में परिवार और दोस्तों का साथ हमेशा रहा.

रश्मि साहा आगे बताती हैं कि छोटी सी शुरुआत को मिले समर्थन ने हमें आगे काम करने के लिए प्रेरित किया. इस मिशन को झारखण्ड के साथ ही पुरे देश में फैलाने का लक्ष्य हैं जिसके जरिये महिलाओं की मदद हो सके.

रश्मि साहा कहती हैं कि ऐसी अनगिनत कहानियां है मेरे जेहन में. जहां मेरी मेहनत और काम ने काफी बच्चों की ज़िंदगी मे परिवर्तन ला दिया. जब बच्चे जिनको मैंने कभी ट्रेनिंग दी हैं, उनका कॉल या मेसेज आता है और वो अपने जॉब पाने या कोई परीक्षा पास करना या ज़िन्दगी की किसी मुश्किल पड़ाव को पार करने पर मुझे याद कर मुझे उसका श्रेय देते है तो अंत्यत ख़ुशी होती हैं. इस भावना या खुशी की तुलना इस दुनिया मे किसी भी चीज़ से नही की जा सकती.

Awareness Camp by Mukti Mission
मासिक धर्म के लिए जागरूकता फैला रही है रश्मि साहा

रश्मि साहा ने सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक किया हैं और इसके साथ ही वो लाइफ कोच का काम भी कर रही हैं. सिविल क्षेत्र में उन्हें 7-8 साल का अनुभव हैं. लाइफ कोच होने के चलते उन्होंने कई शहरों एवं गाँवो की यात्रा की और साथ ही मुक्ति मिशन के जरिये महिलाओं की हालत सुधारने के लिए प्रयासरत हैं.

भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए रश्मि साहा बताती हैं कि महिलाओं के सुधार के लिए काम करते जाना हैं. महिलाओं के मुद्दों पर सामाज की झिझक और शर्म को हटाना हैं. महिलाओं को तनाव से बाहर निकल कर उन्हें अच्छी ज़िन्दगी देनी हैं.

Awards to Rashmi Saha
रश्मि साहा को कई मंचो पर शिरकत करने का मौका मिला

रश्मि साहा आगे कहती हैं कि ये ज़िन्दगी बहुत छोटी है और कल किसी ने नहीं देखा तो अपने आज में जिए .आज को खूबसूरत बनाएं और खुल के ज़िन्दगी को जिए. अच्छा सोचें और अच्छा करने की कोशिश ,क्योंकि अंत में बस आपकी छोड़ी हुई यादें और एहसास ही रह जाएंगे. दूसरों में खुशियां बांटते हुए खुद से प्यार करना ना भूलें . स्वस्थ रहे और मुस्कुराते रहे.

अगर आप भी रश्मि साहा और ‘मुक्ति मिशन‘ से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करे !

बी पॉजिटिव इंडिया, रश्मि साहा और ‘मुक्ति मिशन‘ की पूरी टीम के कार्यों की सराहना करता हैं और भविष्य के लिए शुभकामनाए देता हैं.

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