जिस देश में बेटियों को पैदा होने से पहले ही गर्भ में मार दिया जाता है. लड़कियों को बचाने के लिए सरकार को ‘बेटी बचाओ‘ अभियान चलाना पड़ता है. उसी देश में समय-समय पर ऐसी घटनाए होती है जो बेटियों के परिवार और खासकर अपने माता-पिता के प्रति समर्पण की नयी परिभाषा गढ़ देती है.

कोलकाता की एक 19 वर्ष की लड़की ने अपने पिता को बचाने के लिए 65 फीसदी लिवर (यकृत) दान में दे दिया है. गंभीर बीमारी से जूझ रहे पिता को बचाने के लिए बेटी ने अपना भविष्य और सेहत दांव पर लगा दी. इस लड़की का नाम है राखी दत्ता (Rakhi Dutta).

एक बेटी के अपने परिवार के प्रति प्यार और समर्पण को देखकर सोशल मीडिया भावुक हो गया है. उद्योगपतियों से लेकर अभिनेताओं ने इस कहानी को शेयर किया है और बेटी के त्याग को सलाम किया है.

राखी दत्ता ने अपने भविष्य की चिंता किये बिना अपने पिता को बचाने के लिए बड़ा त्याग किया है. इस कहानी को RPG ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने ट्वीटर पर शेयर किया था.

हर्ष गोयनका लिखते है कि “19 साल की राखी ने अपने जिगर का 65% हिस्सा अपने पिता को दान कर दिया, जो गंभीर जिगर की बीमारी से पीड़ित थे. लड़की ने यह हिम्मत भरा काम किया वह भी बिना दाग, दर्द और अपने भविष्य के बारे में बिना सोचे समझे. एक बेटी का प्यार हमेशा अपने पिता के लिए बेहद खास होता है. यह उन सभी के लिए एक जवाब है जो बेटियों को कम करके आंकते हैं.

गोयनका के ट्वीट को 8,300 से अधिक बार रीट्वीट किया गया है और 33,000 से अधिक लाइक्स मिले हैं. इसके बाद कई यूजर्स ने इनकी तारीफ करते हुए ट्वीट किये. बेटियाँ परिवार को जोड़ने का काम करती है और यह उन लोगो के लिए सबक है जो बेटे की चाह में बेटी को गर्भ में ही मार देने का कुकृत्य करते है.

बी पॉजिटिव, राखी दत्ता के त्याग और परिवार के प्रति समर्पण को सलाम करता है. उम्मीद करता है कि आप से प्रेरणा लेकर लोगो की सोच में बदलाव आएगा.

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