भारत में अक्सर किसान खेती-बाड़ी के साथ ही पशुपालन का काम भी करते है । पशुओं से दूध के साथ ही गोबर भी मिलता है जो खेतों में खाद के रूप में काम में लिया जाता है । पशुओं से प्राप्त गोबर से खाद के साथ ही कंडे या उपले भी ग्रामीण इलाके में बनाये जाते है जो ईंधन के साथ ही पूजा एवं हवन में काम में लिए जाते है । दूध की तो आसानी से बिक्री हो जाती है लेकिन गोबर और उसके प्रोडक्ट्स के साथ ही जैविक खाद को स्थानीय स्तर पर बेचना बहुत ही मुश्किल है । इसी समस्या से ग्रस्त छत्तीसगढ़ के एक किसान ने डिजिटल इंडिया का फायदा उठाते हुए गोबर से बने प्रोडक्ट्स ऑनलाइन बेचना शुरू किया जिसके चलते वो महीने के हज़ारों रुपये कमा रहे है । इस प्रगतिशील किसान का नाम है राकेश जायसवाल (Rakesh Jaiswal )।

गांव में गाय, बैल व भैंस के गोबर से बने कंडे या उपले का खरीददार नहीं मिला तो छत्तीसगढ़ के राकेश जायसवाल ने उसे ऑनलाइन बेचने की योजना बना डाली। आपको आश्चर्य होगा कि अब यूनाइटेड किंगडम (यूके) और सिंगापुर से भी ऑर्डर आने लगे हैं। इतना ही नहीं वह गोबर और केचुआ खाद की भी बिक्री ऑनलाइन कर रहे हैं।

cow dung
गाय के गोबर से बने कंडे / उपले

राकेश अब तक 52 प्रकार के प्रोडक्ट ऑनलाइन बिक्री के लिए रजिस्टर्ड करवा चुके हैं। 6 कंडों के पैकेट की कीमत 199 रुपए है। जांजगीर चांपा के जोंगरा गांव में रहने वाले राकेश जायसवाल पेशे से किसान हैं। उनके यहां पाली गई गाय का दूध तो बिक जाता है।

उसके गोबर से बने कंडे व जैविक खाद को गांव में बेचने का प्रयास किया, लेकिन खरीददार नहीं मिले तो उन्होंने उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने के लिए ऑन लाइन मार्केटिंग करने वाली कंपनियों से संपर्क किया। ऑनलाइन कंपनी अमेजन (Amazon.in से उनकी डील फाइनल हुई, क्योंकि यह कंपनी उनके प्रोडक्ट को उनकी सुविधा के अनुसार स्थानीय स्तर पर उठा कर बेच रही है।

राकेश ने बताया भारत के हैदराबाद, चेन्नई, गुड़गांव, चेन्नई के अलावा दक्षिण के एक अस्पताल से लगातार कंडे व खाद के ऑर्डर आ रहे हैं। क्वालिटी सुधारने के लिए कंडे में भूसा मिलाया जाता है, जिससे वह जल्दी और काफी देर तक जल सके। क्वालिटी और आकर्षक पैकिंग के चलते इसकी डिमांड बढ़ गई है। विदेशों में रहने वाले भारतीय इसे ऑनलाइन मंगवाते हैं।

shivapriya products
राकेश के अमेज़न पर लिस्टेड प्रोडक्ट्स

राकेश ने अमेजन में अपनी बेटी नव्या के नाम से ब्रांड को रजिस्टर्ड कराया है। अमेजन की साइट पर नव्या एग्री एलायड(Navya Agri allied) सर्च करने पर उनके ब्रांड साइट पर आ जाते हैं। वर्तमान में उनके तीन प्रोडक्ट शिवाप्रिय कंडे, गोबर खाद और केचुआ खाद ऑनलाइन बिक रही है।

राकेश बताते हैं कि कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी व वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक केडी महंत ने इस कार्य में उनकी मदद की है।अमेजन में उन्होंने केचुआ खाद, देसी घी की बाती, गोबर खाद, चंदन का पाउडर, गोबर का कंडा, तुलसी की माला, नीम की खली, बकरी के गोबर की खाद, गमले में डालने वाली उर्वरक मिट्‌टी, देसी हल्दी, रक्त गुंजन माला, काली हल्दी सहित 52 प्रकार के प्रोडक्ट बेचने के लिए रजिस्टर्ड कराए हैं। उनका दावा है कि सभी प्रोडक्ट जल्दी ही ऑनलाइन उपलब्ध होंगे।

Comments

comments