देश में प्रदुषण का स्तर कितनी खतरनाक स्थिति में पहुँच गया हैं. इसकी एक झलक हाल ही की विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट से पता चल जाता हैं. विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों में शीर्ष बीस शहरों में भारत के पंद्रह शहर आते हैं. लेकिन देश के निति निर्माताओं के लिए प्रदुषण कभी मुद्दा ही नहीं रहा. जलवायु परिवर्तन के नाम पर दुनिया भर के थिंक टैंक जमा होते हैं लेकिन धरातल पर अभी भी बहुत कुछ करना बाकी हैं.

अगर पर्यावरण प्रदुषण से निपटना हैं तो आपको बिहार के राजेश कुमार सुमन (Rajesh Kumar Suman) के काम को देखकर उसे विश्वव्यापी बनाना चाहिए नहीं तो वृक्षारोपण केवल एक सेल्फी इवेंट बनकर रह जाएगा.

बिहार के मिथिलांचल के राजेश कुमार सुमन किसी भी शादी समारोह में बिन बुलाये पहुँच जाते हैं और वहां पर मौजूद मेहमानों को पौधे गिफ्ट करते हैं. अपने कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाले बच्चों से फीस के रूप में वृक्षारोपण करवाते हैं. जन्मदिन हो या कोई ख़ास उत्सव कार्ड या प्लास्टिक गिफ्ट की जगह पौधा ही गिफ्ट करते हैं. उन्होंने लोगो को ज्ञान देने के बजाय वृक्षारोपण को अपने आचरण में उतारा. अपने हर जन्मदिन में पौधा लगाते हैं और उसको बड़ा करने की जिमेदारी एक पिता की तरह निभाते हैं.

बी पॉजिटिव इंडिया से बातचीत में राजेश कुमार सुमन बताते हैं कि वृक्षों की अंधाधुंध कटाई के परिणाम सामने आने लग गए हैं. तूफ़ान, भूकंप और धरती का बढ़ता तापमान इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं. हमारे देश में वनों की अंधाधुंध कटाई से वर्ष 2050 तक हमारे देश में वनों की प्रतिशतता नगण्य हो जायेगी.

rajesh with sushil modi
बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी के साथ राजेश कुमार सुमन

जिस प्रकार आज के युवा पीढी मोबाईल फोन को चार्ज करने के लिए अपने पास पावरबैंक रखता है. उसी तरह से वर्ष 2050 में हर भारतीय पुरुष,महिलाओं,बुजुर्गों और बच्चों को अपने-अपने साथ एक पौधा रखना होगा और उससे निकलने वाली ऑक्सीजन को मास्क के माध्यम हमारे नाक तक पहुंच कर फेफड़ा को चार्ज करेगा.

इस भयावह स्थिति से बचने के लिए हरेक शुभ अनुष्ठानों एवं उत्सवों जैसे शादी,मुंडन,शादी की सालगिरह ,जन्मदिन जैसे वसरों पर पौधरोपण की परम्परा की शुरुआत कर देनी चाहिए. इसके अलावे वनों की प्रतिशतता 24 से बढ़ाकर 33 प्रतिशत करने के लिए सरकार के साथ-साथ तमाम देशवासियों को पहल करने की जरूरत है.

राजेश कुमार सुमन पर्यावरण प्रदूषण रूपी समस्या से भारत माता को आजाद कराने के लिए “सेल्फी विथ ट्री” अभियान और ग्रीन पाठशाला – बीएसएस क्लब भी चला रहे हैं. जहाँ बच्चों को शिक्षादान दिया जाता है. इसके एवज में बच्चों से गुरुदक्षिणा के रूप में प्रत्येक बच्चों से 18 पौधों का पौधरोपण करवाया जाता है. वहीं दूसरी ओर ग्रीन पाठशाला में शिक्षादान ग्रहण करने वाले बच्चों को गणतंत्र दिवस व स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर झंडारोहण के बाद प्रसाद के रूप में फलदार पौधा दिया जाता है.

gift tree at marriage
शादी में नव-विवाहित को पौधा गिफ्ट करते राजेश कुमार

इसके अलावा राजेश कुमार सुमन बिन बुलाये मेहमान बनकर विभिन्न शादी समारोह में अपने टीम के साथ दस्तक देकर वर-माला के समय वर-वधू को इको फ्रेंडली उपहार के रूप में पौधा भेंट कर उनके  उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं.

31 वर्षीय राजेश कुमार सुमन जब 6 साल के थे, तब से पौधारोपण कर रहे हैं. यह गुण उन्होंने अपने पिता से सीखा. उनके पिताजी उनसे हर जन्मदिन पर पौधारोपण करवाते थे और उन्हें हमेशा पर्यावरण को सहेजने के लिए प्रेरित करते. वो अपना जन्मदिन नहीं मना कर, अपने जन्मदिन पर रोपे गये पौधे का जन्मदिन मनाते आ रहे हैं.

बिहार के समस्तीपुर जिले के रोसड़ा प्रखंड/ब्लॉक के ढरहा गाँव के रहने वाले राजेश अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी में लग गये. उन्हें उनकी पहली नौकरी राजस्थान में मिली थी. पर बिहार के प्रति उनका प्रेम कुछ इस प्रकार था कि जैसे ही उन्हें मौका मिला वे बिहार वापिस आ गये.

green pathshala
ग्रीन पाठशाला में बच्चों को पढ़ाते राजेश कुमार

साल 2008 में गरीब तबके के बच्चों के उत्थान के उद्देश्य से उन्होंने बिनोद स्मृति स्टडी क्लब (बी.एस.एस क्लब) की शुरुआत की. क्लब का नाम उन्होंने अपने मामाजी के नाम पर रखा.

राजेश बताते हैं कि “बचपन में जब घर के आर्थिक हालात थोड़े ठीक नहीं थे, तो मामाजी ने हमारा काफ़ी सहयोग किया. लेकिन बहुत ही कम उम्र में वे दुनिया से चले गये. इसलिए जब हम समाज के लिए कुछ करना चाहते थे, तो हमने उनके नाम से ही शुरुआत करने की सोची.”

selfie with tree
सेल्फी विथ ट्री के जरिये वृक्षारोपण कर रहे हैं राजेश कुमार

इस क्लब के अंतर्गत उन्होंने पौधरोपण और ज़रूरतमंद बच्चों को मुफ़्त में शिक्षा देने की मुहीम छेड़ी. दसवीं कक्षा पास कर चुके बच्चों को वे सरकारी नौकरियों की परीक्षा के लिए तैयार करते हैं. अपनी इस पाठशाला को उन्होंने ग्रीन पाठशाला का नाम दिया है.

ग्रीन पाठशाला में बिना किसी फीस के बच्चों को हर रोज़ सुबह-शाम कोचिंग दी जाती है. राजेश की टीम में उनकी पत्नी सहित 5 अन्य अध्यापक हैं, जो इस कार्य में उनका साथ देते हैं. हर सुबह 6 बजे से 8 बजे तक और शाम में 4 से 6 बजे तक कुल 100 बच्चे पढ़ने आते हैं.

tree gift
कई जानी-मानी हस्तियों को पौधा गिफ्ट कर चुके हैं राजेश कुमार

पूरे समस्तीपुर में और आस-पास के इलाकों में राजेश कुमार को ‘पौधे वाले गुरु जी ट्रीमैन ’ के नाम से जाना जाता है. अब तक ग्रीन पाठशाला के माध्यम से वे लगभग 4,000 बच्चों शिक्षा दे चुके हैं और इनमें से 350 से भी ज़्यादा बच्चों को अलग-अलग विभागों में सरकारी नौकरियाँ प्राप्त हुई हैं. इनका मुख्य उद्देश्य जन्मदिन और शादी के सालगिरह पर केक काटने के बजाय पौधरोपण एक जन आंदोलन बनना चाहिए.

राजेश के नेतृत्व में युवाओं की एक टोली गाँव-गाँव जाकर भी लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करती है. समस्तीपुर के अलावा उनका यह नेक अभियान दरभंगा, खगड़िया और बेगुसराय जिले तक भी पहुँच चूका है. जगह-जगह लोग पेड़ लगाते हैं और अपने पेड़ के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं.

पौधारोपण के साथ उनका जोर पौधों की देखभाल पर भी रहता है. इसलिए वे हर एक व्यक्ति से गुज़ारिश करते हैं कि वे अपने पौधों की लगभग 3 साल तक लगातार देखभाल करें क्योंकि 3-4 साल में कोई भी पेड़ प्राकृतिक रूप से निर्वाह करने के लायक हो जाता है.

इस पूरे अभियान में वे अपनी कमाई का लगभग 60% हिस्सा खर्च कर देते हैं. उन्हें चाहे बच्चों से वृक्षारोपण करवाना हो, कहीं समारोह में जाकर पौधे भेंट करने हो, या फिर गरीब बच्चों के लिए प्रतियोगिता की किताबों का बंदोबस्त करना हो, वे अपने वेतन से ही करते हैं. उन्होंने जो बीड़ा उठाया है उसकी पूरी ज़िम्मेदारी भी उन्होंने खुद पर ही ली है. अब तक वे 80, 000 से भी ज़्यादा पेड़-पौधे लगवा चुके हैं.

rajesh kumar with arshad varasi
अभिनेता अरशद वारसी के साथ राजेश कुमार सुमन

राजेश कहते हैं कि पर्यावरण का संरक्षण सही मायनों में तब होगा, जब हम इसे अपने जीवन, अपनी संस्कृति का हिस्सा बनायेंगें. पेड़ों की, नदियों की पूजा से पहले पेड़ लगाना और नदियों का बचाना हमारे रिवाज़ में होना चाहिए. यदि आप चाहते हैं कि आने वाले समय में धरती पर जीवन बचे तो आपको खुद ज़िम्मेदारी लेनी होगी.

यदि आप भी राजेश कुमार सुमन या ‘ग्रीन पाठशाला‘ से जुड़ना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करे !

बी पॉजिटिव इंडिया, राजेश कुमार सुमन और ‘ग्रीन पाठशाला‘ की पूरी टीम के कार्यों की सराहना करता हैं और भविष्य के लिए शुभकामनाए देता हैं.

Comments

comments