देश में पर्यावरण प्रदूषण के हालात गम्भीर होते जा रहे हैं. एक सर्वे के मुताबिक़ 2020 तक कई शहरों में भूमिगत जल ख़त्म हो जाएगा और तापमान में वृद्धि के साथ हीं लू एवं मौसम परिवर्तनों को झेलना पड़ेगा. इस समस्या से निपटने के लिए सामाजिक संस्थाओं के साथ ही सरकारी स्तर पर भी काम चल रहें हैं. 

इसी कड़ी में कॉलेज में पौधारोपण को अनिवार्य करते हुए राजस्थान के तकनीकी शिक्षा मंत्री ने नया आदेश निकाला हैं. जिसके तहत सरकार द्वारा संचालित 11 से ज़्यादा इंजीनियरिंग कॉलेज में नए विधार्थियों के प्रवेश के साथ पौधारोपण अनिवार्य किया गया हैं.

सरकार द्वारा संचालित यूनिवर्सिटी जिनमे राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी कोटा एवम् बीकानेर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कैम्पस को भी शामिल किया गया हैं. नए सत्र में लगाए गए पौधों की अगस्त माह के अंत में विभागीय जाँच का प्रावधान रखा गया हैं. जिसमें पौधों के विकास की समीक्षा की जायेगी.

Tree planting

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान के तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉक्टर सुभाष गर्ग ने राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ मीटिंग के बाद यह आदेश जारी किया. 

इसी के साथ पुराने तालाबों एवं जलाशयों के जीर्णोद्धार के लिए ‘श्रम-दान’ को भी पाठ्यक्रम में शामिल करने की योजना चल रही हैं. इस योजना के तहत हर वर्ष कॉलेज के छात्र श्रमदान करके कैम्पस के आसपास के जलाशयों को साफ़ करेंगे और उनकी देखरेख का ज़िम्मा भी सम्भालेंगे. इसके साथ ही कॉलेज में स्वच्छता अभियान और प्रकृति को बचाने के लिए ‘गांधी दर्शन’ के बारे में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.

डॉक्टर सुभाष गर्ग बताते हैं कि इस शेक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने वाले बच्चों को पेड़ लगाना पड़ेगा और ग्रैजूएशन तक उसकी देखभाल की ज़िम्मेदारी भी लेनी होगी. इस कार्य की ज़िम्मेदारी कॉलेज या यूनिवर्सिटी के प्रिन्सिपल की होगी. विभाग हर वर्ष इसकी जाँच भी करेगा.

बी पॉज़िटिव इंडिया, राजस्थान तकनीकी शिक्षा विभाग की पहल का स्वागत करता हैं और उम्मीद करता है कि आप से प्रेरणा लेकर अन्य संस्थान भी पर्यावरण सरंक्षण के लिए वृक्षारोपण करेंगे.

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