बचपन में कबड्डी खेलने पर एक तेरह वर्षीय बच्चे के पिता अक्सर उसकी पिटाई करते थे क्योंकि वो बच्चा अपने स्कूल के बाद कबड्डी ग्राउंड पर पहुंच जाता हैं । इसके आठ वर्ष बाद वो ही बच्चा कबड्डी के सबसे लोकप्रिय एडिशन प्रो कबड्डी लीग का पोस्टर बॉय बन जाता हैं। ऐसी ही कुछ कहानी रही है तेलुगु टाइटन्स के सुपरस्टार और प्रो कबड्डी लीग के पोस्टर बॉय राहुल चौधरी ( Rahul Chaudhari ) 

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में 16 जून 1993 को एक किसान परिवार में जन्मे राहुल ने 13 वर्ष की उम्र में कबड्डी खेलना शूरू किया था । उनके पिता उनको सरकारी नौकरी के लिए मेहनत करने के लिए कहते थे लेकिन एक बार कबड्डी फील्ड में जाने के बाद राहुल ने कबड्डी में ही कैरियर बनाने का फैसला किया। वो अक्सर स्कूल से सीधे ही कबड्डी खेलने के लिए चले जाते थे जिसके चलते उनकी पिता के हाथों पिटाई होती थी।

राहुल के टैलेंट को पहचान ने का काम किया उनके कोच उदय कुमार ने। उन्होंने राहुल चौधरी को न केवल कबड्डी के गुर सिखाए बल्कि उनका पूरा सपोर्ट किया ।  राहुल चौधरी ने अपने कैरियर की शुरुआत में डिफेंडर बनने का फैसला किया लेकिन अपनी कोच की सलाह पर रेडर में हाथ आजमने का निर्णय किया और आज जो भी है वो एक इतिहास बन चुका है।

प्रो कबड्डी लीग (PKL) ने भारत के कबड्डी खिलाड़ियों की ज़िन्दगी बदल  दी है। स्टार नेटवर्क और मशाल स्पोर्ट्स ने एक ऐसी लीग खड़ी कर दी जिसने भारत में क्रिकेट के अलावा पहली बार अन्य खेल को भी घर – घर में प्रसिद्ध कर दिया । कबड्डी जो कि हाशिए पर थी लेकिन तगड़ी मार्केटिंग और प्राइम टाइम पर लोगो  तक पहुंच ने कबड्डी को लोकप्रिय बना दिया । कबड्डी एक ऐसा खेल है जिसको हर भारतीय ने कभी न कभी अपने जीवन में खेला हुआ है।  बॉलीवुड और मार्केटिंग के जबरदस्त कॉम्बिनेशन ने कबड्डी को न्यूज पेपर के फ्रंट पेज पर ला दिया।

राहुल चौधरी को भी प्रो कबड्डी लीग के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला जिसे राहुल ने दोनों हाथो से लिया । राहुल ने अपनी शुरुआत तेलुगु टाइटन्स से की और पिछले पांच सीजन से वो उसी टीम से जुड़े हुए है। राहुल इकलौते कप्तान है जिन्होंने पिछले पांचों सीजन में एक ही टीम की कप्तानी की है।

25 वर्षीय राहुल चौधरी ने अपने पहले सीजन से ही अपना लौहा मनवाना शुरू कर दिया और आज वो प्रो कबड्डी लीग के सबसे सफल रेडर है। फिल्ड पर उनके प्रदर्शन ने उनको रातों रात स्टार बना दिया । राहुल चौधरी कबड्डी और प्रो कबड्डी लीग के पोस्टर बॉय बन चुके हैं । यह उनके लीग में प्रदर्शन को भी जस्टिफाई करता हैं। भले ही उनकी टीम अभी तक एक भी खिताब नहीं जीती हैं लेकिन लीग की सबसे फेमस टीम है।

राहुल चौधरी ने प्रो कबड्डी लीग के साथ ही भारतीय कबड्डी टीम में भी अपने प्रदर्शन से सभी को अचंभित किया हैं। उन्होंने सार्क गेम्स – 2016, कबड्डी विश्वकप – 2016, एशियन कबड्डी चैंपियनशिप – 2017, दुबई कबड्डी मास्टर्स – 2018 और एशियन गेम्स – 2018 में भारतीय कबड्डी टीम का प्रतिनिधित्व किया ।

2018 में शुरू हो रहे प्रो कबड्डी लीग के छठे सीजन में वो एक बार फिर तेलुगू टाइटन्स से खेलेंगे और अपनी टीम को विजेता बनाने के लिए कमर कस चुके हैं। अपने परिवार के सपोर्ट के बिना कबड्डी खेलना शुरू करने वाले राहुल चौधरी को आज भारत के 30 करोड़ परिवारों का प्यार हासिल हैं।

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