कौन कहता है कि आसमान में सुराख़ नहीं होता है, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो ! Pyari Devi Rawat Mundawar

महाकवि दुष्यंत कुमार की यह पंक्तिया राजस्थान की इस सरपंच पर सटीक बैठती है. अपनी पंचायत में प्रेरक के लिए आवेदन किया लेकिन भ्रष्टाचार के चलते चयन नहीं हो पाया. तीन विषयों में स्नातकोत्तर सरपंच ने सरकारी शिक्षक परीक्षा की तैयारी छोड़कर सरपंच का चुनाव लड़ा और जीतने के बाद अपनी पंचायत की तस्वीर ही बदल डाली.

सरकारी योजनाओं को भ्रष्टाचारमुक्त किया, शराब-बंदी के लिए लम्बे संघर्ष के बाद आबकारी एक्ट के नियमानुसार मतदान करवाया और पूरी पंचायत को विभिन्न नवाचारों के प्रयोग कर स्वच्छ भारत अभियान के तहत खुले में शौच में मुक्त करवाया. संघर्षो से उपजी और परिवर्तन का नाम है मंडावर सरपंच प्यारी देवी रावत (Pyari Devi Rawat).

गाँवो में यह चलन है कि अगर महिला सरपंच या प्रधान बन भी जाये तो भी घर के पुरुष ही सारा काम काज संभालते है लेकिन प्यारी देवी ने इस परंपरा को तोड़ दिया. अपने परिवार की जिम्मेदारी के साथ चौबीस छोटी-मोटी ढाणियों, मजरों में फैली पूरी पंचायत की जिम्मेदारी खुद संभाली.Pyari Devi Rawat Mundawar

शराबबंदी जैसी मुहिम आसान नही थी, इस हेतु दो साल तक संघर्ष किया. नेक इरादों और जनता के प्यार और खासकर ग्रामीण महिलाओं के साथ ने मंडावर पंचायत को राजस्थान की तीसरी शराबमुक्त पंचायत बना दिया. इतना ही नहीं उनकी पंचायत से वर्तमान में कोई राजस्व मुकदमा भी नहीं है.

Mandawar Panchayat Bhawan
ग्राम पंचायत मंडावर का पंचायत भवन

राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम तहसील के अंतर्गत आने वाली मंडावर ग्राम पंचायत की हालत भी 2015 तक बाकी ग्राम पंचायतों जैसी ही थी. 2015 के चुनाव के बाद प्यारी देवी रावत सरपंच चुनकर आयी तो गांव की कायापलट कर दी. सरकारी योजनाओं को कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना हो या स्कूल में निजी खर्चे से गणित का अध्यापक लगाना हो या पूरी पंचायत को शराब एवं राजस्व मुकदमे से मुक्त करना हो , प्यारी देवी ने हर कदम पर संघर्ष किया है और सफलता की एक नयी कहानी लिखी है.

प्यारी देवी रावत राजस्थान प्रदेश की संभवतया सबसे ज्यादा पढ़ी-लिखी सरपंच है. परिवार एवं पंचायत दोनों की कमान संभाल रही है. बच्चो के लालन-पालन से लेकर खेत खलिहान का काम खुद देखती है. उनके पति जसवंत सिंह मण्डावर भारतीय रेल में लोको पायलेट के रूप में कार्यरत है जिसके चलते उन्हें महीने में कई दिन घर से बाहर रहना पड़ता है.

इन सब जिम्मेदारियों के बावजूद प्यारी देवी रावत हमेशा पंचायत भवन व गांव में जनसंपर्क लोगों की समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करती है. खास बात यह है कि मण्डावर के प्रत्येक ग्रामवासी के मोबाइल नम्बर अपने मोबाइल में सेव है. राजस्थानी परिवेश में लोक-लाज व संस्कृति का ध्यान रखते सभी से सीधा संवाद करती है.

उनके पति जसवंत सिंह रावत, ससुर चुन्ना सिंह चौहान, सास लक्ष्मी देवी व परिजन उनका भावनात्मक सपोर्ट करते है और उनके कार्यों में भी यथा संभव सहयोग करते है.

Jaswant Singh Rawat
पति जसवंत सिंह रावत ने प्यारी देवी का पूर्ण सहयोग दिया

बी पॉजिटिव इंडिया से बातचीत में प्यारी देवी कहती है कि मेरा जन्म सामान्य परिवार में हुआ. तहसील क्षेत्र सादडाई (पालरा) समेलिया में बचपन बीता. दसवीं पढ़ने के बाद शादी हो गई पर शादी के बाद अनवरत स्वयंपाठी के रूप में अध्ययन जारी है. सब कुछ सामान्य चल रहा था लेकिन 2011 में स्थानीय ग्राम पंचायत में लोक शिक्षा केंद्र में प्रेरक का फार्म भरा था. अंतिम तिथि तक एकमात्र आवेदन होने के बावजूद तत्कालीन सरपंच ने भ्रष्टाचार करते हुए अन्य का चयन कर लिया. यह सब कुछ मेरे लिए असामान्य था और व्यवस्था का शिकार होने के बाद व्यवस्था परिवर्तन की इच्छा मन में जागृत हुई. Pyari Devi Rawat Mundawar

इसके बाद मैंने 2015 के चुनावो में सरपंच की दावेदारी पेश की और घोषणा पत्र तैयार करके गांव के मुद्दे लोगो के सामने रखे. इससे पहले कभी भी मंच पर नही गई लेकिन चुनाव प्रचार में लोगों से रूबरू होने पर धीरे-धीरे झिझक दूर हुई. ग्रामीणों के सहयोग एवं आशीर्वाद से चुनाव में जीत मिली.

government schemes to everyone
सरकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाया है प्यारी देवी ने

इसके बाद सभी सरकारी योजनाओं का बारीकी से अध्ययन किया और अधिकारीयों से मिलकर उनके क्रियान्वन में जुट गयी. गांव में सड़क, पानी, बिजली की समस्या से लेकर गांव को खुले में शौच से मुक्त करवाने का काम युद्ध स्तर पर किया. गांव के लोगो के लिए ‘टॉयलेट – एक प्रेम कथा‘ की भी विशेष स्क्रीनिंग रखी.

इसके बाद मैंने अपने प्रमुख चुनावी वादे शराबबंदी पर काम करना शुरू किया. घर में अगर कोई शराब पीता है तो सबसे ज्यादा महिलाओं और बच्चों को ही भुगतना पड़ता है. गांव में इसे लेकर कई भ्रांतिया एवं अफवाहे फैलाई गयी. विरोधी व शराब माफिया इसे असफल करने का कुत्सित प्रयास करते रहे. सोशल मीडिया के जरिये लोगो के बीच जागरूकता शुरू की और लगभग हर मंच से शराबबंदी की वकालत की.

Liquor ban in mundawar
शराब-बंदी में पुरे गांव की महिलाओं ने सहयोग रहा

धरने से लेकर प्रदर्शन तक किया और अपनी लड़ाई को राजस्थान हाई कोर्ट तक ले गयी और अंतत: गांव में शराबबंदी के लिए मतदान हुआ हुआ. इसके नतीजे चौकाने वाले रहे क्योंकि इसमें कुल पंजीकृत मतदाताओं के 51 फीसदी पक्ष में मतदान होना आवश्यक है और मतदान में चिन्ह नही होने से साक्षर महिलाओं को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा. गांव में आदतन शराबियों ने भी शराबबंदी के पक्ष में मतदान किया. इसके चलते मंडावर राजस्थान राज्य की तीसरी शराबमुक्त पंचायत बनी.

इसके अलावा हमने ग्राम पंचायत के कार्यों को पूरा पारदर्शी बनाने की दिशा में काम किया. गांव में लोगो से बातचीत के बाद स्थानीय मुद्दों को सुलझाने का प्रयास कर रही हूँ. इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण के साथ ही महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार जैसी मौलिक जरूरतों के बारे में काम कर रही हूँ.

लड़कियों एवं बहनों को माहवारी के समय होने वाली दिक्कतों एवं समस्याओं के लिए समय-समय पर कार्यशाला आयोजित की जाती है. महिलाओं में जागृति व स्वाभिमान के साथ जीने को लेकर महिला स्वयं सहायता समूह बनाया जो सफलतम रूप से चल रहा है और महिलाओं को आजादी मिल रही है.

Mandawar Arial View
वृक्षारोपण के जरिये मंडावर पंचायत की तस्वीर बदल दी

अपनी ग्राम पंचायत को पहचान दिलाने के लिए प्यारी देवी रावत ने बुनियादी समस्याओं को हल करने के लिए जोर दिया. बच्चों की पढाई में दिक्कते आने लगी तो अपने वेतन से सरकारी स्कूल में अध्यापक की वैकल्पिक व्यवस्था की. पंचायत के काम को हाईटेक किया गया और पारदर्शिता के जरिये बजट एवं काम को बांटा गया. ग्रीन मंडावर से लेकर विकसित मंडावर की सोच को आमजन तक पंहुचाया है. मण्डावर में रेलवे स्टेशन बनाना, पवन ऊर्जा का बड़ा हब हेतु सर्वे हो चुका है और जल्दी ही इसके माध्यम से भी विशिष्ट पहचान कायम करेगा.

प्यारी देवी आगे बताती है कि बुनियादी समस्यायों को हल करने के लिए सतत प्रयास करने जरूरी है. अभी भी ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना मेरी प्राथमिकताओं में से एक है. इसी के चलते गांव में मेरे जन्मदिन के उपलक्ष्य में रोज़गार मेले का आयोजन किया गया जिसमे मंडावर पंचायत सहित आसपास के कई गांवों के 240 से ज्यादा प्रतिभागियों में भाग लिया. करियर काउन्सलिंग से लेकर स्किल एवं रोजगार के मौकों के बारे में जानकारियां दी गयी.

प्यारी देवी ने पर्यावरण सुरक्षा के लिए हरित मंडावर नाम से भी प्रोजेक्ट शुरू किया है जिसमें हर घर में एक नीम्बू का पौधा दिया जा रहा है. नीम्बू के पेड़ पर बारह महीने फल आएंगे जो पुरे वर्ष छोटे-मोटे उपचारों में काम आएंगे. इसके साथ ही सघन वृक्षारोपण के लिए भी साल भर कार्यक्रम आयोजित किये जाते है.

Tree Plantation
शादी या किसी भी उत्सव पर पौधरोपण शुरू किया गया

मण्डावर सरपंच प्यारी देवी रावत ने चार साल के कार्यकाल अनुकरणीय रहा है. मण्डावर पंचायत के कामकाज को लेकर राजस्थान सरकार की ओर से दूरदर्शन टीम द्वारा स्पेशल स्टोरी बनाई है जिसे समय-समय पर दूरदर्शन पर प्रसारित किया जाता है. प्रदेश स्तर पर होने वाली सेमिनार, पंचायती राज सम्मेलन में मण्डावर की विकास गाथा 25 मिनट की स्टोरी दिखाई जाती है. मण्डावर के कामकाज को अन्य ग्राम पंचायतों में भी इस मॉडल को भी अपनाया जा सकता है.

प्यारी देवी रावत के अधिकतर अभियान लीक से हटकर व जनोपयोगी होते है जो मीडिया में सुर्खियां बनते रहे जिनमे करवा चौथ पर शौचालय गिफ्ट से लेकर, विवाह समारोह व मांगलिक कार्यक्रमों में निम्बू पौधा गिफ्ट, कभी अनाम मंडावर पंचायत को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है. सड़क दुर्घटनाओं को रोकने हेतु समय समय सेमीनार व जागरूकता केम्प के आयोजन किये जाते रहे.

वही श्रमिकों को सीधा लाभ पहुँचाने प्रत्येक महिने अपने स्तर श्रमिक सहायता केम्प लगाकर लाभ पहुँचाया जाता है जो पूरे जिले में सर्वाधिक है. विद्यार्थियों व प्रतियोगी परीक्षा देने वालों के लिये स्पेशल कोचिंग केम्प लगाए जाते है तथा असक्षम को गाइड व पुस्तके गिफ्ट करते है. प्रत्येक स्वेटर विहीन विद्यार्थियों को मिशन सम्बल चलाकर स्वेटर गिफ्ट कराया.

Pyari Devi Rawat Award
सम्मान ग्रहण करती प्यारी देवी रावत

प्यारी देवी को उत्कृष्ट कार्यों के लिए कई मंचों से सम्मानित किया गया है. जिनमे पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा लखनऊ में आयोजित अवार्ड समारोह में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी और केंद्र सरकार में मंत्री रह चुकी उमा भारती के हाथों राष्ट्रीय स्वच्छ शक्ति अवार्ड, यूथ वर्ड इंडियन आइकॉन अवार्ड, राष्ट्रीय डायमंड अचीवर अवार्ड, राजस्थान महिला आयोग सम्मान, चेंज मेकर ऑफ द ईयर, फोकस भारत वुमन पोलिटिकल लीडर अवार्ड, उजियारी पंचायत सम्मान, पतंजलि योग पीठ सम्मान, महिला सुरक्षा अवार्ड, देव जागरण अवार्ड सहित दो दर्जन से अधिक राष्ट्रीय व प्रांतीय अवार्ड मिल चुके है.

बी पॉजिटिव इंडिया, प्यारी देवी रावत के उत्कृष्ट कार्यो की सराहना करता है और उम्मीद करता है कि आप से प्रेरणा लेकर देश की महिलाएं भारत के विकास में अपनी भागीदारी निभाएगी.

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