यदि आप अपने सपने पुरे नहीं कर सकते है तो किसी और का सपना पूरा करने के लिए काम करते रहिये. pradeep sheoran bagadi milk parlour

देश के मशहूर उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापक धीरूभाई अम्बानी की यह पंक्तियाँ हरियाणा के इस उद्यमी पर सटीक बैठती है. खुद के सपने पुरे करने के लिए दस लाख के पैकेज वाली नौकरी छोड़ दी. अपने शहर में ही काम करने की ललक और मेहनत ने उन्हें कुछ ही समय में सफल बना दिया.

आज उनका उद्यम न केवल सफलता के झंडे गाड़ रहा है बल्कि कई लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोज़गार दे रहा है. अपने यूनिक आईडिया से दूध को डेयरी से निकालकर मिल्क पार्लर तक ले आये है. स्वरोजगार के प्रतीक उद्यमी का नाम है प्रदीप श्योराण (Pradeep Sheoran).

प्रदीप हरियाणा के रोहतक शहर में लोगो को शुद्ध दूध पिलाकर पैसा कमा रहे है. प्रदीप ने अपने आईडिया को मूर्त रूप देते हुए 17 दिसंबर 2018 को ‘बागड़ी मिल्क पार्लर(Bagadi Milk Parlour)‘ की शुरुआत की. अपने मिल्क पार्लर के जरिये रोहतक में सर्दियों में पांच जगह पर गरमा-गरम दूध के साथ शुरुआत की.

अब गर्मियों में गर्म दूध के साथ बादाम मिल्क, केसर युक्त खीर, हरयाणवी राबड़ी, ठंडी लस्सी( मीठी व नमकीन) बेच रहे हैं. विशेष बात यह है कि बागड़ी मिल्क पार्लर की टीम गुड़ की कुल्फ़ी बनाने के ऊपर भी शोध एवं प्रयोग कर रही है. अग़र यह अनूठा प्रयोग कामयाब रहा तो यह सेहत- स्वाद का बेजोड़ नमूना होगा.

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रोहतक में बागड़ी मिल्क पार्लर के सेंटर्स

बी पॉजिटिव इंडिया से खास बातचीत में प्रदीप बताते है कि किसान को अगर बाज़ार के चक्र से निकलना है तो उन्हें खुद उद्यमी बनना पड़ेगा. मंडियों और डेयरी उद्योग में दलाली और कालाबाज़ारी के चलते किसानों को पूरा मूल्य नहीं मिल पाता है. किसान अगर अपना प्रोडक्ट खुद बेचेगा तो उसे ज्यादा फायदा होगा.

हरियाणा के ही चरखी-दादरी जिले में मांढी पिरानु गांव में प्रदीप का जन्म हुआ. उनके पिता सरकारी स्कूल में अध्यापक के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं और छोटा भाई भी पढ़ाई पूरी करके परंपरागत खेती के साथ बागवानी में हाथ आजमा रहा है. पढ़ने में तेज़ प्रदीप ने शुरुआती पढाई के बाद इंजीनियरिंग की पढाई के लिए कोटा में कोचिंग की लेकिन उनका आईआईटी में चयन नहीं हुआ. इसके बाद उन्होंने नॅशनल डिफेन्स अकादमी (NDA) की परीक्षा पास की लेकिन ज्वाइन नहीं किया.

इसके बाद प्रदीप ने महर्षि दयानंद विश्वद्यालय, रोहतक के यूनिवर्सिटी कॉलेज से ग्रेजुएशन और गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्यालय हिसार से एमबीए किया. MBA के बाद उन्होंने बर्जर पेंट्स, हैवेल्स, अकजोनोबेल इंडिया जैसी मल्टीनेशनल कम्पनीज में बतौर मार्केटिंग एवं सेल्स मैनेजर के रूप में काम किया.

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बागड़ी मिल्क पार्लर पर दूध का आनंद लेते लोग

नौकरी के बारे में प्रदीप बताते है कि शुरू के दो साल में ही यह निश्चय कर लिया था कि यहाँ से सीखकर अपना बिजनेस करना है. इसके बाद कई बिज़नेस आइडियाज पर काम किया और अंतत: साढ़े आठ साल की नौकरी जून 2018 में छोड़ दी.

इसके बाद कई ट्रायल और एरर के बाद 17 दिसंबर 2018 को रोहतक में बागड़ी मिल्क पार्लर की शुरुआत की. हमने रोहतक में ही एक किसान भाई के साथ मिलकर दूध की व्यवस्था की और प्रोसेस्ड दूध के साथ ही केसर एवं बादाम मिल्क शुरू किया. हमने सभी चीज़े आर्गेनिक रखी. मिठास के लिए आर्गेनिक रूप से गुड़, शक्कर एवं खाण्ड का प्रयोग किया.

फ्लेवर की जगह असली ड्राई फ्रूट्स और केसर का इस्तेमाल किया. बढ़िया क्वालिटी के चलते हमारा काम चल निकला. देशी गाय का शुद्ध बिलौना घी, ऑर्गेनिक गुड़, शक्कर, खांड इत्यादि उत्पाद भी वो ग्राहकों को अपने काउंटर से उपलब्ध करवा रहे हैं.

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कृषि मेले में बागड़ी मिल्क पार्लर में लोगो की भीड़

इसके बाद हमने अलग- अलग जगहों एवं उद्योग मेलों में अपनी स्टाल लगायी जिससे हमें पब्लिसिटी के साथ ही अच्छी-खासी कमाई हुई. मीडिया ने भी हमें कवर किया जिससे लोगों को हमारे काम के बारे में पता चला. हरियाणा कृषि मेला, गन्नौर, पूसा दिल्ली द्वारा आयोजित मेला और अन्य कई आयोजनों में बागड़ी मिल्क पार्लर ने मजबूत उपस्थिति दर्ज करवाई.

20 अप्रैल 2019 का दिन बागड़ी मिल्क पार्लर के लिए मील का पत्थर साबित हुआ, क्योंकि इस दिन बागड़ी मिल्क पार्लर को मंसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में ज़ोनल डे फंक्शन में अकादमी के अधिकारियों एवं प्रशिक्षु आईएएस के सम्मुख डेमो के लिए आमंत्रित किया गया. वहाँ के अधिकारियों एवं भविष्य के निर्माता अधिकारियों ने बागड़ी मिल्क पार्लर के मॉडल को अच्छे से समझा और जबरदस्त उत्साह दिखाया.

प्रदीप आगे बताते है कि उत्पाद की गुणवत्ता बनाये रखने के लिए पशुपालन बड़े स्तर पर शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है ताकि लोगों के घरों तक शुद्ध एवं प्रमाणिक दूध पहुंचाया जा सके. किसानों के साथ मिलकर दूध के साथ ही शुद्ध बिलौना घी, जैविक सरसों का तेल, गेहूँ, दालें एवं अन्य जैविक उत्पाद बेचने का भी प्लान है.

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आईएएस अकादमी में प्रदीप श्योराण

इससे दो फायदे होंगे, किसानों को अपने उत्पादों के अच्छे दाम मिलेंगे और ग्राहकों को खाने पीने की शुद्ध चीजें मिलेंगे। बिचौलियों की वजह से ही सारी दिक्कत है, क्योंकि किसान मिलावट नहीं करता है. प्रदीप का मानना है कि इस मॉडल से ही खेती-किसानी को घाटे से निकाल कर मुनाफे का सौदा बनाया जा सकता है। अभी हमने फ़ूड स्टाल के साथ ही ट्राई साइकिल के कांसेप्ट पर भी काम शुरू कर दिया है.

हमने रोहतक के आसपास के दर्जनों किसानों को जोड़ा है. हम कोई प्लास्टिक प्रोडक्ट इस्तेमाल नहीं करते हैं. कुल्हड़ या गिलास में ही दूध ग्राहकों को दिया जाता है. कुल्हड़ के इस्तेमाल से पर्यावरण को नुकसान नहीं होता है, साथ ही इन्हे बनाने वालो को भी रोज़गार मिलता है. हमारे उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले सभी पदार्थ ऑर्गनिक होते है.

प्रदीप बताते है कि परिवार का मेरे नौकरी छोड़ने के निर्णय में पूरा समर्थन रहा. खुद खेती-किसानी से जुड़ा हुआ रहा हूँ. इसलिए खेती-बाड़ी की समस्याओं को हल करने की दिशा में काम कर रहा हूँ. अभी काम की शुरुआत है लेकिन पिछले पांच महीने में मिले फीडबैक ने ज्यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित किया है. कम समय में ही काम को प्रशंसा मिली है और कई जगह पर हमें सम्मानित किया जा चुका है.

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अवार्ड समारोह के दौरान प्रदीप श्योराण

आगे की योजनाओं के बारे में प्रदीप बताते है कि अभी हम महीने के 1 लाख से ज्यादा का रेवेन्यू जनरेट कर रहे है. साल के अंत तक इसे दुगुना करने के साथ ही ‘बागड़ी मिल्क पार्लर‘ के विस्तार पर काम चल रहा है. दूध के साथ ही अन्य खाद्य एवं डेयरी प्रोडक्ट्स पर भी काम चल रहा है. हर क्षेत्र की अपनी समस्याए होती है लेकिन समय के साथ सीखते जा रहे हैं.

बी पॉजिटिव इंडिया, प्रदीप श्योराण और बागड़ी मिल्क पार्लर को सफलता की शुभकामनाए देता है और उम्मीद करता है कि आप से प्रेरणा लेकर गांव के नौजवान स्वरोजगार की तरफ आकर्षित होंगे.

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