आपका आज मुश्किल है, कल बहुत ज्यादा मुश्किल है, परसों बहुत खूबसूरत है लेकिन अधिकतर लोग कल शाम को ही दम तोड़ देते हैं.

यह पंक्तियाँ इस युवा उद्यमी पर सटीक बैठती हैं. पढाई करने के बाद इनके पास सरकारी नौकरी थी लेकिन उन्होंने अपने स्टार्ट-अप में काम करना जारी रखा. आज उनके उत्पाद देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बिक रहे हैं. ऑनलाइन प्लेटफार्म फ्लिपकार्ट और द बेटर इंडिया शॉप के जरिये आम लोगो तक पहुँच बना चुके हैं. महाराष्ट्र में पायलेट प्रोजेक्ट से शुरू हुआ इनका सफर आज दिल्ली, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के लोगो को अपने साथ जोड़ चूका हैं. गधी के दूध से सौंदर्य प्रसाधन सामग्री बना रहे हैं और ‘ऑर्गेनिको‘ ब्रांड के नाम से बाजार में बेच रहे हैं. नवाचार के साथ ही गधा मालिकों की आजीविका बढ़ा रही हैं पूजा कौल (Pooja Kaul).

ऑर्गेनिको (Organiko) ब्रांड के जरिये पूजा कौल गधी के दूध (Donkey Milk) से निर्मित साबुन बेच रही हैं और फेस वाश और अन्य प्रोडक्ट्स बनाने पर भी काम चल रहा हैं. गधों के मालिकों से 2000 रुपये में इनकी कंपनी दूध खरीदती हैं और फिर साबुन बनाने के लिए इसे पास्चुरीकृत करते हैं.

इस उद्यम के जरिये पूजा कौल, गधा मालिकों के लिए 2000/लीटर दूध की एक निश्चित आय उत्पन्न कर रही हैं, जो पहले सिर्फ 200-300 प्रति दिन कमा रहे थे. इस निश्चित आय से वे अपने परिवारों को एक सभ्य जीवन देने में सक्षम हैं और अपने बच्चों को शिक्षित होने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रोत्साहित कर पाते हैं.

Organiko Products
ऑर्गनिकों के प्रोडक्ट्स

बी पज़िटिव इंडिया से बातचीत के दौरान पूजा कौल बताती हैं कि 28,000 रुपए की पॉकेट मनी के साथ हमने अपना काम शुरू किया और गधी के दूध से बने साबुन बेचने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग किया. हम, इन गधों के मालिकों से 2000 रुपये में दूध खरीदते हैं और फिर साबुन बनाने के लिए इसे पास्चुरीकृत करते हैं. सोलापुर के अलावा, ओर्गेनिकों अब गाजियाबाद के दौसा गांव के गधा किसानों के साथ काम कर रहा है.

वर्तमान में हमारी संस्था दिल्ली से कार्य कर रही हैं. हम अपने उत्पादों को ऑनलाइन माध्यम से बेचते हैं, हमारी वेबसाइट के माध्यम से हमारी पहुँच दिल्ली के साथ ही भारत के अन्य राज्यों तक भी बढ़ रही है. इंटरनेट मार्केट जैसे हमारी वैबसाइट (www.organiko.in), फ्लिपकार्ट, द बैटर इंडिया शॉप जैसे प्लैटफ़ार्म पर हमारे उत्पाद उपलब्ध हैं. हमने हाल ही में गुजरात और राजस्थान में अपने वितरण चैनलों की स्थापना की है, जिसमें बहुत जल्द विस्तार की योजना है.

Donkey Milk Products
गधी के दूध से सौन्दर्य उत्पाद बनाये जाते हैं

पूजा आगे बताती हैं कि हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं गधों के साथ बुरा व्यवहार नहीं किया जा सके. हमारे स्टार्ट-अप से बदलाव देखने को मिला है. अब गधे के मालिक गधों को बोझा ढोने की जगह उन्हे अपनी संपत्ति समझते हैं. हम यह भी ध्यान रखते हैं की गधों को उचित पोषण व समय पर इलाज मुहैया कराया जा सके.

हम इस बात पर ज़ोर दे रहें हैं की गधों की जीवन काल में 6-8 वर्षों के बजाय 25-30 वर्ष तक की वृद्धि हो सके और गधों की कम होती जनसंख्या को बढ़ाया जा सके. हम इस कंपनी को इस तरीके से विकसित करने का लक्ष्य रखते हैं, जहां हर कोई जो हमारे साथ जुड़ा हुआ है लाभ मिल सके , हमारे ग्राहकों को किफायती त्वचा देखभाल उत्पाद मिले, गधों व गधों के मालिकों को बेहतर सामाजिक जीवन मिल सके.

Menaka Gandhi and Kiran kher appreciation
पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गाँधी और अभिनेत्री किरण खेर भी ऑर्गनिको प्रोडक्ट्स की कर चुकी हैं तारीफ

वर्तमान में, हमारे दो उत्पाद बाज़ार में हैं :
1. गधा दूध प्राकृतिक मिश्रण साबुन: यह एक कोमल साबुन है जो आपकी त्वचा को शुद्ध और चिकना करता है. यह सभी प्रकार की त्वचा के लिए अच्छा है और प्रदूषकों और विषाक्त पदार्थों से त्वचा की रक्षा करता है. इसमें चंदन, पपीता पत्ता पाउडर, एलोवेरा, नीम, संतरे का पाउडर ग्लिसरीन, सुगंध तेल और शुद्ध गधा दूध के साथ होता है.

2. गधा का दूध चारकोल और हनी साबुन: यह साबुन मुँहासे का इलाज करने, ब्लैकहेड्स, मृत त्वचा को हटाने, एंटी-बैक्टीरियल गुणों को साफ करने में मदद करता है. यह आपकी त्वचा को एक चमक प्रदान करेगा. इसमें गधा का दूध, चंदन, शहद, एलोवेरा, पपीता का पत्ता, ग्लिसरीन, नीम और ऑरेंज पाउडर शामिल हैं.

Organiko Products on Flipkart
ऑनलाइन मिलते हैं ऑर्गनिकों के प्रोडक्ट्स

पूजा आगे बताती हैं कि मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान और इतिहास में स्नातक किया है, फिर मैंने शरणार्थी और मानवाधिकार कानून में डिप्लोमा किया और 2018 में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज से मास्टर्स इन सोशल इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप में डिग्री हासिल की.

संस्था के बारे में पूजा बताती हैं कि मैं हमेशा डेयरी क्षेत्र में कुछ नया करना चाहता थी. टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (TISS) से मास्टर्स इन सोशल इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप में एम॰ ए॰ करने के दौरान, जहां हमें रिसर्च में एक नवीन विषय पर पायलट प्रोजेक्ट करना था, उसी पायलट प्रोजेक्ट के लिए डेयरी को लेकर सोच रही थी.

तभी मैंने अपने बैच के साथी ऋषभ जो की संस्था के सह-संस्थापक हैं, के साथ मिलकर गधे के दूध पर शोध शुरु करने का विचार बनाया. काफी शोध के बाद, हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि गधे के दूध का प्रत्यक्ष उपभोग करना अभी संभव नहीं है, तो हमने महसूस किया कि यदि प्रत्यक्ष दूध नहीं, तो हम दूध से बने उत्पाद के माध्यम से लाखों लोगों तक पहुँच सकते हैं. गधी के दूध के पोषण तत्वो का फायदा दे सकते हैं व इससे गधे के मालिकों को आजीविका प्रदान होगी.

Change Ambassador of She for change
She For Change ने पूजा कौल को बनाया Change Ambassador

इसलिए हमने प्रयोग किया और एक साबुन के लिए वांछित फार्मूला हासिल किया. हमने अक्तूबर 2017 में अपने उत्पाद के साथ एक पायलट परीक्षण किया. सितंबर 2018 में हमने व्यावसायिक रूप से गधे के दूध से बने प्रकृतिक साबुन को मार्केट में लॉन्च किया.

लेकिन जब डिग्री पूरी की और कॉलेज खत्म हो गया, तो इस आईडिया को जारी रखना कठिन हो गया क्योंकि हमे महाराष्ट्र में अपने प्रोजेक्ट को छोड़कर दिल्ली वापस आना था. दिल्ली में फिर से एक टीम ढूंढना बड़ी चुनौती थी. फिर हमने इस बात पर फिर से विचार करना शुरू कर दिया कि दिल्ली में प्रोजेक्ट को कैसे दोबारा बना सकते हैं.

कुछ समय बाद, हम डासना, उत्तर प्रदेश में कुछ गधों के मालिक मिले, बहुत प्रयास के बाद हम उन्हें अपने साथ काम करने के लिए मना सके. आज हम दिल्ली में एक यूनिट से साबुन उत्पादन का कार्य कर रहें हैं व इससे गधों व गधों के मालिक के जीवन में बदलाव देखा जा सकता है.

Training to Donkey Owners
गधा मालिकों को समय-समय पर ट्रेनिंग भी दी जाती हैं

संघर्ष के बारे में पूजा बताती हैं कि जीवन में चुनाव करना सबसे बड़ी चुनौती होती है. आपका चुनाव आपको एक दिशा देता है व आने वाले भविष्य का निर्धारण करता है. मेरे सामने भी एक बड़ा चुनाव करने का वक्त था. विकल्प था हाथ में आई सरकारी नौकरी को चुना जाए या अपने इस प्रोजेक्ट को जो अपनी शिशु अवस्था में था, उसे पूर्णकालिक रूप से शुरू कर दिया. उस वक़्त मेरे पास न कोई फ़ंड था न पूंजी का कोई जरिया खैर मैंने इस कार्य को जारी रखना चुना. मेरा लक्ष्य इसे पूर्णकालिक बना देना था.

दूसरी चुनौती थी गधे के मालिकों को ढूंढना जो खुले तौर से गधे का दूध निकालने का विचार रखते हो व हमें दे सके, ताकि हम इसका इस्तेमाल साबुन बनाने के लिए कर सकें. 2000 रुपए के लालच में मालिक अधिक दूध निकाल कर गधी का शोषण न कर पाए यह भी सुनिश्चित करना चुनौती थी.

Oraganiko at show
विभिन्न हाट बाजार और प्रदर्शनियों में इन्होने अपने उत्पाद पेश किये

इन सबसे बड़ी चुनौती थी बाजार में उत्पाद की स्वीकृति होना. भारत में गधे के दूध को इस तरह से प्रयोग करना काफी नया था. जिसे लोगों ने कम ही सुना था. ऐसे में उन्हे इसका फायदा समझाना, इसे लेने के लिए राजी करना चुनौती रही लेकिन एक दो बार प्रोडक्ट इस्तेमाल करने बाद काफी उपभोक्ता हो गए, ऑनलाइन मार्केट से मदद मिली. उत्पादन के लिए जगह किराए पर मिलना सबसे मुश्किल था, क्योंकि हम एक स्टार्ट-अप हैं और एक सामाजिक संगठन भी हैं. हमारे पास फंड की कमी थी और निश्चित रूप से, इस तरह का व्यापार आमतौर पर शुरू में धीमा होता है.

भविष्य की योजनाओं के बारे में पूजा बताती हैं कि ओर्गेनिकों ब्यूटीफ़ाइंग लाइफ एक जानी-मानी ब्रांड हो, जो गधे के दूध से बने त्वचा देखभाल उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला को तैयार कर रहा है. हम पूरे देश में इस उत्पाद के महत्व को बताते हुए इसके वितरण चैनलों का विस्तार करना चाहते हैं. हम चाहते हैं की दुनिया में हमारे उत्पादों का निर्यात हो सके.

Sonia Gandhi appreciation
UPA चेयरपर्सन और कांग्रेसी नेता सोनिया गाँधी भी इनके उत्पादों की तारीफ कर चुकी हैं

हम इस साल गधे के दूध से बने साबुन, फेस वॉश, फेस क्रीम आदि की श्रेणी में पाँच और उत्पाद ला रहे हैं. हम अपनी वेबसाइट के माध्यम से उत्पादों को बेच रहे हैं. अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने के लिए ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर सूचीबद्ध कर रहे हैं जिसमे अभी फ्लिपकार्ट, प्योर ओर्गेनिक एंड नैचुरल स्टोर राजस्थान, द बैटर इंडिया शॉप पर उत्पाद उपलब्ध हैं.

हम सक्रिय रूप से विशेष आयोजनों दिल्ली हाट, फ़्ली मार्केट, कॉलेज, विश्वविद्यल, सरकारी आयोजन स्थलों में स्टाल लगा रहे हैं. आगे अपने उत्पादों को हैदराबाद, चंडीगढ़, में जैविक दुकानों पर प्रदर्शित करने जा रहे हैं. हम ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका के लिए निर्यात अवसर तलाश रहे हैं और जल्द से जल्द हमारे निर्यात लाइसेंस प्राप्त करने की योजना बना रहे हैं.

Pooja Kaul Awards
उद्यमिता क्षेत्र के कई पुरस्कारों से पूजा कौल को नवाज़ा जा चूका हैं

पूजा आगे बताती हैं कि बहुत से लोग सही पल, या सही उत्पाद, या सही सिद्धांत या सही विचार की प्रतीक्षा करते हैं. सही समय का इंतजार न करें. बस तुरंत शुरू करें जो आप सोच रहे हैं. अन्य विचारों के बारे में बहुत अधिक न सोचें जो आपका ध्यान अपनी और आकर्षित करते हैं. आप सिर्फ अपने उसी विचार पर पूरी तरह से फोकस करें और समय, ऊर्जा और फोकस के मामले में 100% प्रतिबद्ध रहें.

अगर आप पूजा कौल या ‘ऑर्गेनिको‘ से संपर्क करना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करे !

बी पॉजिटिव इंडिया, पूजा कौल और ऑर्गेनिको टीम के नवाचार की प्रशंसा करते हैं और भविष्य के लिए शुभकामनाए देता हैं.

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