कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, बशर्ते, उस रोजगार से इज़्ज़त और सम्मान के साथ आपका और आपके परिवार का पेट भरे। यदि इंसान मेहनत और लगन से काम करे तो वह अवश्य सफल होता है।

प्रधानमंत्री के मन की बात पर कोई बीजेपी नेता अमल करे या ना करे, लेकिन एक कांग्रेसी कार्यकर्ता ने अमल में लाकर अपनी जिंदगी बदल ली। जी हां, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सूझाव था कि पकौड़े तलकर भी रोजगार हासिल किया जा सकता है। इसी बात को वडोदरा के कांग्रेसी कार्यकर्ता ने चैलेन्ज के तौर पर लिया और पकौड़े का ठेला लगाना शुरू कर दिया।

वडोदरा में रहने वाले नारायण ने मोदी का बयान सुनने के बाद पकौड़े का स्टॉल लगा लिया। धीरे-धीरे उनका स्टॉल इतना फेमस हो गया कि वे पकौड़े बेचकर हर दिन 30,000 रुपए यानी महीने में नौ लाख रुपए कमा लेते हैं। आज पूरे शहर में उनके 35 से भी अधिक स्टॉल हैं।

वडोदरा के रहनेवाले नारायणभाई राजपूत हिंदी विषय में स्नातकोतर की डिग्री हासिल की है पर एक लंबे समय तक उन्हें कोई नौकरी नहीं मिली। पर फिर जब उन्होंने प्रधानमंत्री को यह पकौड़े वाली बात कहते हुए सुनी, तो उन्होंने झट से मन बना लिया कि हाथ पर हाथ रखे बैठने से बेहतर है कि पकौड़े का स्टॉल लगाया जाये।

इसके बाद नारायणभाई ने वडोदरा में ‘श्रीराम दालवड़ा’ के नाम से अपना एक स्टॉल शुरू किया। उन्होंने केवल 10 किलोग्राम सामग्री के साथ एक पकौड़ा स्टॉल शुरू किया था। आज शहर में उनके 35 स्टॉल हैं।

प्रधानमंत्री की सलाह पर कि पकौड़ा बेचना भी एक रोजगार है, मैंने इसे एक बार करके देखने का विचार किया। मैंने केवल 10 किलोग्राम सामग्री के साथ एक पकौड़ा स्टॉल शुरू किया। अब, मैं 500 से 600 किलोग्राम सामग्री के पकौड़े बेचता हूं,” नारायण भाई ने बताया।

अभी वे 10 रूपये में 100 ग्राम दाल पकौड़े बेचते हैं। काम शुरू करने के एक हफ्ते के अंदर ही उनके पास ग्राहकों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। वे सुबह 7 बजे से लेकर 11 बजे तक 300 किलोग्राम दालवड़ा बेचते हैं और शाम को भी 4 घंटे में लगभग इतना ही दालवड़ा बेचते हैं।


ठेले का नाम श्रीराम के नाम पर रखने पर नारायनभाई ने बताया कि जब राम के नाम पर पत्थर तैरने लगता है, राम के नाम पर बीजेपी, नरेन्द्र मोदी और अमित शाह जैसे नेता चल जाते हैं, तो राम के नाम से उनका ठेला भी चल जाएगा ।

आज वडोदरा में श्रीराम दालवड़ा कि अलग-अलग इलाके में 35 फ्रेन्चाइजी खुल चुकी है।  लोग अब श्रीराम दालवड़ा को एक ब्रान्ड के तौर पर देखने लगे हैं। अब नारायन दो महीने से आईटी का रिटर्न भी फाइल कर रहे हैं ।

नारायन का कहना है कि भले ही प्रधानमंत्री के सूझाव से उन्हें रोजगार मिला, लेकिन आज भी वो दिल से कांग्रेसी है और कांग्रेसी ही रहेंगे। दुकान पर आने वाले ग्राहक कहते हैं कि नारायणभाई के पकौड़े काफी टेस्टी होते हैं। एक अन्य ग्राहक ने कहा कि भाजपा-कांग्रेस हमारा कोई लेना-देना नहीं है, मगर यहां के पकौड़े सस्ते और काफी स्वादिष्ट है।

Comments

comments