कभी भी दूसरे के बनाये हुए रास्तों पर मत चलो क्योंकि पुरानी एवं इस्तेमाल की गयी चीज़ो की कीमत हमेशा कम होती है, खुद अपना रास्ता बनाओ और मंजिल तक चले जाओं.

यह कुछ पंक्तिया है जो युवा वैज्ञानिक पार्थ कटारा पर सटीक बैठती है. बचपन से कुशाग्र बुद्धि के धनि पार्थ अभी ग्रीनहाउस गैसों के प्रभाव को कम करने के लिए रिसर्च कर रहे है. उन्होने ऐसा मटेरियल बनाने में सफलता हासिल की है जो वातावरण से लगभग 90 फीसदी प्रदुषण के तत्व और जहरीली गैसे सौंख लेता है. दुनिया के चंद सबसे ज्यादा IQ वाले लोगो में शामिल पार्थ कटारा इसके साथ ही आर्टिफीसियल इंटेलेजन्स और मशीन लर्निंग की मदद से रोबोट भी बना रहे है.

बी पॉजिटिव इंडिया से खास बातचीत में बताया कि स्कूल में आउट ऑफ़ सेलेबस क्वेश्चन पूछने के कारण कई बार शिक्षक नाराज़ हो जाते थे. अक्सर प्रिंसिपल मेरी इस आदत से परेशान थे और मेरे माता-पिता से मेरी शिकायत करते थे. इसी सिलसिले में मेरे एक शिक्षक ने मेरा IQ टेस्ट कराने का सुझाव दिया. जब टेस्ट से गुजरा तो पता चला कि दुनिया में IQ रैंकिंग (IQ Level 160) में मेरा दसवा स्थान है. इसके बाद मुझे स्कूल से काम करने के लिए सपोर्ट मिलने लगा और मेने कई छोटे-मोटे रिसर्च किये है.

पार्थ कटारा का जन्म गुजरात के गाँधीनगर में एक मध्यमवर्गीय परिवार में 19 जून 1997 को हुआ. उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं है और माँ ही उनकी देखभाल कर रही है. गांधीनगर में ही उन्होंने शुरुआती पढाई की और दुनिया को विज्ञान की नज़र से देखना बहुत जल्द शुरू कर दिया. जब लोगो का विश्वास और शिक्षकों एवं मेंटर्स का मार्गदर्शन मिला तो पार्थ ने कई असाधारण काम किये है.

पार्थ आगे बताते है कि जब भी मैं प्रदुषण के कारण लोगो को मास्क लगाते हुए देखता तो वायु प्रदुषण मुझे परेशान करता था. मैंने एक ऐसे पदार्थ पर काम किया है जो वातावरण से ग्रीन हाउस गैसों को सौंख लेता है और वातावरण में वायु को साफ़ रखने में मदद करता है. अभी यह रिसर्च चल रहा है और बहुत जल्द ही प्रोटोटाइप बन जायेगा.

parth katara with tanmay bakshi
parth katara with tanmay bakshi | Photo Credits : Parth Katara’s Facebook Profile

इसके अलावा मैं दुनिया के सबसे छोटे AI डेवलपर तन्मय बक्शी के साथ भी AI और मशीन लर्निंग पर काम कर रहा हूँ. उनके साथ कई मौकों पर मंच शेयर करने का मौका भी मिला और पार्टनर के रूप में कई प्रोजेक्ट्स चल रहे है. AI की मदद से ह्यूमोनोएड रोबोट पर काम कर रहे है जो असक्षम लोगो के काम करने में मदद करेगा.

पार्थ कटारा इसके साथ ही समाज में बदलाव लाने के लिए भी काम करते है. अवकाश या छुट्टी के दिन वो झुग्गी-झोपड़ियों के बच्चों को मुफ्त में पढ़ाते है. उनके लिए न लेवल शिक्षण सामग्री की व्यवस्था करते है बल्कि साइंस में रूचि जगाने के लिए प्रोटोटाइप भी बनाते है.

parth katara with delegates
parth katara with delegates | Photo credits : Parth Katara’s Facebook Profile

आगे कि योजनाओं के बारे में पार्थ बताते है कि प्रदुषण को ख़त्म करने के लिए मटेरियल बनाना मेरी प्राथमिकताओं में से एक है. IQ लिस्ट में नाम आने से लोगो का मुझ पर विश्वास बढ़ा है और जल्द ही एक ग्लोबल मंच तैयार करना है जहाँ पर दुनिया की बेहतरीन प्रतिभा एक मंच पर आकर दुनिया की बेहतरी के लिए काम कर सके.

बी पॉजिटिव इंडिया, पार्थ कटारा की प्रतिभा और विज़न को सलाम करता है और उम्मीद करता है कि आप के अविष्कारों से दुनिया को प्रदुषण से बचाने में मदद मिलेगी.

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