अपने पिता की फार्मा कंपनी को अहमदाबाद से निकालकर विश्व पटल तक स्थापित किया. 1995 में अपने पार्टनर से अलगाव के बाद भी अपनी कंपनी को सन 2000 तक 1000 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाली कंपनी में तब्दील कर दिया. 2018 तक आते-आते इनकी कंपनी न केवल भारत की पांचवी सबसे बड़ी कंपनी बन चुकी है बल्कि कंपनी की नेटवर्थ 15000 करोड़ रुपये हो चुकी है.

2018 में ही उन्होंने अमेरिका की क्राफ्ट हेंज़ कंपनी के भारतीय कारोबार का 4800 करोड़ रुपये में अधिग्रहण करने का फैसला किया. 200 करोड़ नेटवर्थ वाली कंपनी को भारत एवं विश्व की जानी-मानी फार्मा कंपनी बनाने वाले उद्यमी है पंकजभाई पटेल (Pankaj Bhai Patel).

पंकजभाई पटेल अभी कैडिला हेल्थकेयर (Cadila Healthcare) के मालिक है और उनकी कंपनी Zydus ने Kraft Henz के भारतीय बिज़नेस को खरीदने का फैसला लिया. जायडस वेलनेस, जायडस कैडिला ग्रुप की कंपनी है। क्राफ्ट हेन्ज की भारतीय सब्सिडियरी हेन्ज इंडिया के उत्पादों में कॉन्प्लान, ग्लूकॉन-डी, नायसिल पाउडर और सम्प्रीति घी शामिल हैं।

जायडस वेलनेस भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी है। यह एवरयूथ, न्यूट्रेलाइट और एक्टिलाइफ जैसे उत्पाद बनाती है। इस कंपनी की स्थापना पंकजभाई पटेल के पिता रमणभाई पटेल ने 1952 में IA मोदी के साथ की थी. कॉलेज में लेक्चरर के रूप में कार्य करने वाले उनके पिता ने देश में ही फार्मा उत्पाद बनाने के लिए काम किया.

पंकजभाई पटेल आज सफलता के मुकाम पर है लेकिन उन्हें अपने पैतृक व्यवसाय को संभालने एवं आगे बढ़ाने के लिए पग-पग पर संघर्ष करना पड़ा. 1953 में जन्मे पंकजभाई ने गुजरात यूनिवर्सिटी से बीएससी और फार्मेसी में मास्टर्स की पढाई की.

1976 में उन्होंने अपने पिता के व्यवसाय में हाथ बंटाना शुरू किया. उनकी कंपनी ने फार्मा क्षेत्र में लगभग 200 से ज्यादा प्रकार की दवाइया बनाई. जिन्होंने देश के लोगों को खतरनाक दवाइयों से बचाया.

इसके साथ ही उनका बिज़नेस भारत के साथ ही फ्रांस और जापान जैसे 70 देशों में फैला हुआ है. उन्होंने कई विदेशी फार्मा कंपनियों का भी अधिग्रहण किया. R & D के साथ ही कंपनी विस्तार की योजनाओं ने पंकजभाई पटेल की कंपनी को देश के फार्मा क्षेत्र में स्थापित कर दिया.

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि स्वाइन फ्लू के लिए विश्व का पहला टीका पंकज भाई पटेल की कंपनी ने ही बनाया

पंकज भाई पटेल के पास अभी 4 बिलियन डॉलर से ज्यादा की सम्पति है और वो सामाजिक सरोकार के कामों में भी लगे रहते है. आज उनकी कंपनी में दस हज़ार से अधिक कर्मचारी काम करते है. उन्होंने अपने बिज़नेस को छोटे-छोटे यूनिट में बाँट दिया जिससे कि उनके प्रबंधन में आसानी रहे.

उन्होंने हमेशा से ही देश में फार्मा क्षेत्र में रिसर्च पर जोर दिया. वो चाहते है कि भारत भी फार्मा क्षेत्र में रिसर्च के हब के रूप में विकसित हो. उनकी कंपनी के विकास में रिसर्च का बड़ा योगदान है. उनकी कंपनी में अभी 1000 से ज्यादा भारतीय वैज्ञानिक है जो दिन-रात नए फॉर्मूलों और दवाइयों के ऊपर काम कर रहे है.

पंकज भाई पटेल ने प्रीति पटेल से शादी की और उनके एक बेटा और एक बेटी है. बेटा श्राविल डॉक्टर है और अभी उनके व्यवसाय में हाथ बंटा रहा है जबकि उनकी बेटी भी शादी करके खुशहाल ज़िन्दगी गुजार रही है. उन्होंने पिछले वर्ष ही प्राइवेट जेट भी ख़रीदा है.

पंकज भाई पटेल वर्ष 2017 के लिए फिक्की (भारतीय आर्थिक जगत का एक महत्वपूर्ण संगठन) के अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं.

पंकजभाई पटेल गुजरात चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के साथ ही कई अन्य संस्थानों से जुड़े हुए है. वो IIM उदयपुर और IIT भुवनेश्वर के बोर्ड मेंबर है . कई अन्य शैक्षिणिक संस्थानों को भी मार्गदर्शन दे रहे है.

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