बुज़ुर्गों को बुढ़ापे में सम्मान देने के लिए सभी की ज़िम्मेदारी हैं. पूरे जीवन में संतान के लिए काम करने वाले माता-पिता को जीवन के अंतिम दौर में दुःख सहन करना पड़ता हैं. समाज में इस परिपाटी को बदलने के लिए कई स्तर पर काम हो रहा हैं.

इसी कड़ी में बिहार 60 साल और उसके ऊपर के सभी बुजुर्गों को पेंशन देने वाला पहला राज्‍य बन गया है. बिहार सरकार ने यूनिवर्सल ओल्‍ड एज पेंशन स्‍कीम लॉन्‍च की. इसके तहत 60 साल और उसके ऊपर के सभी बुजुर्गों को 400 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी. इस योजना का लाभ सभी जातियों और हरेक वर्ग के उस बुजुर्ग को मिलेगा जिसे अब तक केंद्र या राज्‍य सरकार की ओर से कोई पेंशन नहीं मिलती हैं.

बता दें कि अन्‍य राज्‍यों में वृद्धावस्‍था पेंशन केवल बीपीएल परिवारों, एस/एसटी, विधवा महिलाओं और विकलांगों को मिलती है. हालांकि बिहार में हरेक पुरुष या महिला जिसकी उम्र 60 या उससे ऊपर है और उन्‍हें राज्‍य सरकार या केंद्र सरकार से अब तक पेंशन नहीं मिलती है तो वे मुख्‍यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत पेंशन के हकदार होंगे.

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने सामाजिक कल्‍याण विभाग के एक कार्यक्रम में इस योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि इस योजना का लाभ करीब 35 से 36 लाख ऐसे बुजुर्गों को मिलेगा जो अब तक किसी योजना के तहत पेंशन नहीं पाते हैं. नीतीश कुमार ने बताया कि पेंशन योजना से राज्‍य के खजाने पर 1800 करोड़ रुपये का अतिरिक्‍त भार पड़ेगा.

सीएम नीतीश कुमार ने कहा, ‘जब मैं अक्‍सर गांवों का दौरा करता हूं तो कई बुजुर्ग मेरे पास आते हैं और कहते हैं कि उन्‍हें इसलिए पेंशन नहीं मिल पा रही है क्‍योंकि उनका नाम बीपीएल सूची में नहीं है. इन परिवारों को वास्‍तव में पेंशन की जरूरत है।’ बिहार मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत भुगतान के लिए 384 करोड़ रुपये की राशि शुक्रवार को आवंटित की है.

बी पॉज़िटिव इंडिया बिहार सरकार की सकारात्मक पहल का स्वागत करता हैं. उम्मीद करता हैं कि आर्थिक सहायता से बुढ़ापे में सम्मान मिलेगा.

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