आज इंटरनेट एवं मोबाइल युग में कोई भी स्मार्ट फ़ोन व्हाट्सएप्प (WhatsApp) से अछूता नहीं है । आप को जानकर आश्चर्य होगा कि भारत में व्हाट्सएप्प के लगभग 70 मिलियन यूजर्स है जो हर महीने व्हाट्सएप्प का इस्तेमाल अपने कम्युनिकेशन के लिए करते है । 2009 में दो अमेरिकी दोस्तों ने मिलकर इस कंपनी को शुरू किया था और 2014 में फेसबुक ने 19 बिलियन डॉलर की भारी रकम खर्च करके व्हाट्सएप्प को खरीद लिया । पिछले कुछ दिनों में फेसबुक संघर्ष करती नजर आ रही है क्योंकि डाटा लीक के साथ ही प्राइवेसी एवं फेक न्यूज़ के मुद्दों पर फेसबुक घिरी हुई है । फेसबुक के सीईओ मार्क जुगेरबर्ग ने अमेरिकी कांग्रेस में उपस्थित होकर स्थिति सँभालने की कोशिश की है लेकिन पिछले कुछ दिनों से चल रहे घटनाक्रम ने फेसबुक के अंदर भी हलचल पैदा कर दी ।

इन्ही मुद्दों के चलते फेसबुक के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर एवं व्हाट्सएप्प के सह-संस्थापक जन कोउम (Jan Koum) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है । फेसबुक अब बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर एवं नए व्हाट्सएप्प सीईओ की तलाश में है और व्हाट्सएप्प के सीईओ के लिए नीरज अरोड़ा (Neeraj Arora)  का नाम सबसे आगे चल रहा है । अगर नीरज व्हाट्सएप्प के सीईओ बन जाते है तो गूगल, एडोबी एवं माइक्रोसॉफ्ट के बाद चौथी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी के सीईओ भी भारतीय मूल के होंगे ।

जब 2009 में व्हाट्सएप्प की शुरुआत हुई तो उसका मुख्य उद्देश्य ऐसा प्रोडक्ट बनाना था जिसके उपयोग के द्वारा लोग एक दूसरे से बातचीत कर सके । व्हाट्सएप्प की शुरुआती टीम में ज्यादातर लोग टेक्निकल लोग या सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे । जिसके चलते व्हाट्सएप्प के संस्थापकों को बिज़नेस क्षेत्र में कुछ समस्याओं का सामना करना पद रहा था । व्हाट्सएप्प उन चुनिंदा कंपनियों में है जो बिना किसी मीडिया या प्रेस अटेंशन के काम करती है लेकिन समय के साथ उन्हें एक बिज़नेस संभालने वाला व्यक्ति भी चाहिए था जो नीरज अरोड़ा (Neeraj Arora) के रूप में व्हाट्सएप्प को मिला ।

नीरज अरोड़ा (Neeraj Arora) ने 2011 में व्हाट्सएप्प में काम करना शुरू किया था जिसमे उस समय केवल बीस लोग काम करते थे और ज्यादातर लोग टेक्निकल बैकग्राउंड से थे । एक टॉक शो में उन्होंने बताया कि व्हाट्सएप्प के शुरुआती दिनों में उन्होंने कंपनी के कई बिज़नेस से जुड़े हुए काम किये । बिज़नेस के साथ ही कंपनी के वर्क कल्चर को बनाये रखने में भी मुख्य भूमिका निभाई । ऑफिस के लिए फर्नीचर आर्डर करने से लेकर व्हाट्सएप्प के सभी कर्मचारियों के लिए भोजन की व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली । कंपनी के ऑपरेशन्स के साथ ही टेलीकॉम कंपनियों के साथ व्हाट्सएप्प के बारे में स्ट्रेटजी बनाने का भी काम किया ।

नीरज अरोड़ा (Neeraj Arora) ने आई आई टी दिल्ली (IIT Delhi)  से 2000 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढाई पूरी की । इसके बाद उन्होंने एक आईटी कंपनी में काम करना शुरू किया जो कि शुरुआत से प्रोडक्ट बनाने के लिए मशहूर थी । कुछ वर्ष आईटी क्षेत्र में काम करने के बाद नीरज ने 2005 में इंडियन स्कूल ऑफ़ बिज़नेस (ISB)  से फाइनेंस एवं स्ट्रेटेजी में MBA किया ।

MBA करने के बाद नीरज ने भारत के बड़े इंटरनेट एवं मीडिया समूह टाइम्स इंटरनेट (Times Internet) में काम किया । इसके बाद नीरज ने 2007 में गूगल (Google)  में काम करना शुरू किया । गूगल में काम करने के दौरान ही उनकी काबिलियत को देखते हुए जल्द ही उन्हें सीनियर टीम में जगह मिल गयी । गूगल में काम करने के दौरान ही उनकी मुलाकात व्हाट्सएप्प के संस्थापकों से होती है और वो व्हाट्सएप्प की कार्यशैली के कायल हो जाते है । गूगल में नौकरी करने के बाद उन्होंने 2011 में व्हाट्सएप्प में काम करना शुरू किया है जो पिछले सात से अधिक वर्षो से बदस्तूर जारी है ।

नीरज अरोड़ा (Neeraj Arora) ने लगभग दो वर्ष तक भारतीय डिजिटल वॉलेट एवं ई-कॉमर्स कंपनी पेटीएम (Paytm) में भी बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर के रूप में काम किया । नीरज ने व्हाट्सएप्प के भारत में विस्तार के लिए काफी कार्य किया और व्हाट्सएप्प में काम करने के दौरान व्हाट्सएप्प को भारत की नंबर एक डिजिटल मेसेजिंग कंपनी बना दिया । उन्होंने भारत में कई टेलीकॉम ऑपरेटर से बात करके व्हाट्सएप्प के लिए सस्ते डाटा प्लान लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।

अगर नीरज अरोड़ा (Neeraj Arora) व्हाट्सएप्प के सीईओ बन जाते है तो वो अमेरिका में भारतीय सीईओ की लिस्ट में अपना नाम लिखवा देंगे । इसी के साथ नीरज को व्हाट्सएप्प बिज़नेस एवं चैटिंग एप्प में भी सामंजस्य बिठाना पड़ेगा क्योंकि यूजर्स के साथ प्राइवेसी एवं डाटा लीक की एक गलती फेसबुक की तरह व्हाट्सएप्प को भी भारी पड़ सकती है ।

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