क्रिकेट की लोकप्रियता भारत में किसी से छिपीं हुई नहीं हैं, आज हर बच्चा कोहली या धोनी बनने का सपना देख रहा है लेकिन सवा अरब वाले देश में टॉप खिलाड़ी बनकर देश का प्रतिनिधित्व करना आसान नही हैं। सतत मेहनत और परिश्रम से ही कठिन लक्ष्य पायें जा सकते हैं।

अब तक क्रिकेट भारत के बड़े शहरों का ही खेल माना जाता हैं क्योंकि क्रिकेट सुविधाओं के लिए कई अकडेमी उपलब्ध होतीं। हैं लेकिन ग्रामीण प्रतिभाएँ भी अपने खेल के दम पर क्रिकेट जगत में अपनी अमिट छाप छोड़ जाती हैं।

राजस्थान के जयपुर के मुरलीपुरा में जन्मे एक क्रिकेटर ने आईपीएल 2016 की नीलामी में तहलका मचा दिया। मात्र 10 लाख अपनी बेस प्राइस से यह खिलाड़ी मुंबई इंडीयंस के द्वारा 3 करोड़ 20 लाख की भारी भरकम रक़म से ख़रीदा गया। इस नीलामी से पहले गुमनाम क्रिकेटर मीडिया की सुर्ख़ियो में छा गया । उस मेहनतकश क्रिकटर का नाम हैं नाथु सिंह।

यह भी पढ़ेमिलिए उस शख़्स से जिसने बीजेपी के चुनाव लड़ने के तरीके को बदल दिया

नाथु सिंह का जीवन किसी फ़िल्म से कम नही हैं। एक फ़ैक्टरी वर्कर के यहाँ पैदा हुए नाथु सिंह का जन्म एक ग़रीब परिवार में हुआ। एक कमरे के घर में उनका पूरा परिवार रहता था और उनके पापा की मज़दूरी ही आय का मुख्य स्श्रोत थीं।

बचपन से ही नाथु क्रिकेट की शौक़ीन थे और गेंदबाजी करना उनको शुरू से ही अच्छा लगता था । टेनिस बॉल से अपना करियर शुरू करने वाले नाथू आज राजस्थान और भारत के सबसे प्रतिभाशाली गेंदबाजों में से एक है । मुरलीपुरा की गलियों में खेलने वाला नाथू एक दिन आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट का हिस्सा बन जायेगा , यह किसे ने भी नहीं सोचा था।

 

शरुआत में टेनिस बॉल से गेंदबाजी करना नाथू के लिए बहुत उपयोगी रहा क्योंकि टेनिस बॉल में तेज गति से गेंदबाजी करने के लिए कंधे पर बहुत जोर डालना पड़ता है जिससे उन्हें लैदर बाल से तेज गेंदबाजी करने में ज्यादा तकलीफ नहीं हुए । अपने खेल के दम पर जल्द ही नाथू आसपास के क्षेत्र में लोकप्रिय हो गया ।

टेनिस बॉल में लगातार मिल रही सफलता के बाद नाथू ने लैदर बॉल से खेलना शुरू किया और अपने घर से लगभग 100 किमी दूर सीकर में एक अकादमी को ज्वाइन किया क्योंकि जयपुर की अकादमी की भारी-भरकम फीस भरने में नाथू असमर्थ था ।

यह भी पढ़े : अपने जूनून को ज़िन्दगी बनाने वाले युवा की कहानी

अकादमी में रहते हुए नाथू ने अपने खेल को निखारा और राजस्थान क्रिकेट सर्किट में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाना शुरू कर दिया । राजस्थान के फ्रंट लाइन गेंदबाज पंकज सिंह के चोटिल होने के कारण नाथू को राजस्थान के लिए रणजी मैच खेलने का मौका मिला जिसे नाथू सिंह ने दोनों हाथों से लिया और आज राजस्थान टीम के आक्रमण की धुरी बन चुके है ।

अपनी गेंदबाजी से नेट्स में तत्कालीन राजस्थान रॉयल्स के कोच और भारतीय टीम की दीवार रहे “राहुल द्रविड़” ने भी नाथू की गेंदबाजी की प्रसंशा की और क्रिकेट में सुधार के लिए कई टिप्स दिए जिससे नाथू का मनोबल भी बढ़ा और गेंदबाजी में भी काफी सुधार हुआ ।

यह भी पढ़े : मिलिए दो भाइयों से जिन्होंने मिलकर शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला दी

नाथू लगातार अच्छा प्रदर्शन करके चयनकर्ताओं की नजर में आ रहे थे और देवधर ट्रॉफी में भी उनका चयन हो गया और वह पर भी अपनी गेंदबाजी का जलवा बिखेरा । उसके बाद सईद मुश्ताक ट्रॉफी में भी उनका चयन हुआ लेकिन अभी भी फील्ड के बाहर नाथू को बहुत कम लोग जानते थे ।

नाथू की किस्मत तब खुल गयी जब 2016 की आईपीएल नीलामी में मुंबई इंडियंस ने 3 करोड़ 20 लाख की भारी – भरकम बोली अब तक अनजान खिलाडी पर लगायी । नाथू रातो-रात स्टार बन गए और यह मौका उनको टीम इंडिया में भी जगह दिला सकता था ।

यह भी पढ़े : राजस्थान के छोटे से गांव से निकले IIT टॉपर की कहानी

10 लाख की बेस प्राइस से 3 करोड़ तक बोली लगना नाथू के लिए टर्निंग पॉइंट रहा और अब नाथू  आईपीएल की 2 सीजन भी खेल चुके है और भारत- A के भी सदस्य है । अभी वो गुजरात लायंस टीम के सदस्य है और अपनी स्किल सुधरने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे है ।

मुरलीपुरा की गलियों से आईपीएल तक का सफर नाथू के लिए कतई आसान नहीं था लेकिन अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर आज वो राजस्थान के चहेते बॉलर बन चुके है । इनका यह सफर बहुत ही प्रेरणादायी रहा है और Be Positive  की तरफ से उनको भविष्य के लिए शुभकामनाए । वो ऐसे ही अपने खेल के दम पर भारत का नाम अंतराष्ट्रीय पटल पर रोशन करते रहे !

यह भी पढ़ेकिसान परिवार से निकल कर राजस्थान बोर्ड के चैयरमेन बनने तक का सफर

Comments

comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.