शिकायतों का हिस्सा तो हम रोज बनते है, एक बार निवारण का हिस्सा भी बनाना चाहिए.

ऐसी ही कुछ जिद और दृढ निश्चय लेकर एक नौजवान भारत के चेन्नई शहर से निकला है. उनका उद्देश्य है देश और विश्व में मानव तस्करी को रोकना. इसके लिए यह नौजवान पुरे एशिया महाद्वीप को पार करते हुए यूरोप पहुंचेगा. चेन्नई के रहने वाले इस नौजवान का नाम है नरेश कुमार (Naresh Kumar).

नरेश कुमार पेशे से एथलीट है लेकिन साइकिल चलाना भी उनको बहुत अच्छा लगता है. मानव तस्करी जैसी वीभत्स समस्या के बारे में लोगो को जागरूक करने के लिए नरेश ने भारत के चेन्नई सहर से जर्मनी के हैम्बर्ग शहर तक यात्रा करने का निर्णय लिया. उन्होंने अपने मिशन का नाम ‘फ्रीडम सीट रखा.

इस मिशन में वो अगले 90 दिनों में भारत के साथ ही 12 अन्य देशो से गुजरेंगे और कुल 8500 किलोमीटर की यात्रा करेंगे.नरेश अपनी यात्रा के जरिए दुनिया में मानव तस्‍करी और बाल शोषण के प्रति जागरुकता जगाना चाहते हैं और पीड़‍ितों के लिए कुछ पैसे भी इकठ्ठा करना छाते है जिससे कि शोषितों और पीड़ितों की मदद की जा सके. सोशल मीडिया पर सब उनके नेक इरादे और जज्‍बे को सलाम कर रहे हैं.

Mission Freedom Seat | Photo Courtesy : Naresh Kuamr Facebook page

35 साल के नरेश कुमार ने 27 फरवरी की सुबह साइकल यात्रा शुरू की है. नरेश चेन्‍नई के मामल्‍लपुरम से जर्मनी के हैम्‍बर्ग जा रहे हैं, वो भी साइकल से. नरेश कुमार पहले भी 2017 में साइकल से न्‍यूजीलैंड की यात्रा कर चुके हैं लेकिन पहली बार वो दो महाद्वीपों को पार करेंगे.

Naresh Kumar Travel Map | Photo Courtesy : Naresh Kumar’s Facebook Page

न्‍यूज एजेंसी ‘एएनआई’ से बातचीत में नरेश कुमार ने कहा, ‘इस यात्रा के पीछे मेरा मकसद मानव दासता को खत्‍म करने का संदेश देना है. मैं इस यात्रा के दौरान 12 देशों की सीमाओं को पार करूंगा. मैंने इससे पहले भी न्‍यूजीलैंड और ऑस्‍ट्रेलिया का ऐसा ही दौरा किया था.’

बी पॉजिटिव, नरेश कुमार के साहस और जज्बे को सलाम करता है और उम्मीद करता है कि आप से प्रेरणा लेकर बाल शोषण और मानव तस्करी जैसी समस्याओं का हल निकलेगा. हम आपकी इस यात्रा के सफल होने के लिए शुभकामनाए देते है.

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