कि लगा बचपन में यू अक्सर अँधेरा ही मुकद्दर है.
मगर माँ होसला देकर यू बोली तुम को क्या डर है

यह पंक्तियाँ इस तस्वीर पर सटीक बैठती हैं. राजस्थान का बिश्नोई समुदाय प्रकृति और पर्यावरण सरंक्षण के लिए जाना जाता हैं. पेड़ो के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले इस समुदाय ने पर्यावरण सरंक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बना रखा हैं. सलमान खान के बहुचर्चित हिरण शिकार केस में भी इस समुदाय के लोगों ने इसे अदालत के सामने रखा. आजकल एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं जिसमे एक महिला हिरण के बच्चे को स्तनपान करा रही हैं.

ये तस्वीर है ही इतनी खूबसूरत जिसमें एक बिश्नोई समुदाय की महिला अनाथ हिरण के बच्चे को अपना स्तनपान करा रही है ताकि उसकी जान बच जाए.

मशहूर शेफ विकास खन्ना के ट्वीट के मुताबिक इस महिला ने कई घायल और अनाथ हिरण के बच्चों की स्तनपान कराके जान बचाई है.

इसे एक IFS अधिकारी प्रवीण कासवान ने भी शेयर किया और लिखा कि जोधपुर में कुछ इस तरह से बिश्नोई समुदाय पशुओं की देखभाल करते हैं. यह मासूम जानवर इनके लिए अपने बच्चों से कम नहीं हैं. उनमें से एक महिला स्तनपान करवा रही है। ये वही लोग हैं जिन्होंने खेजरी पेड़ों की रक्षा के लिए सन 1730 में राजा से भी लड़ाई कर ली थी.”

 

इसी समुदाय की अमृता देवी बिश्ननोई ने अपने समुदाय के लोगो के साथ 363 बिश्नोईयो ने वृक्षों के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी.

आपको बता दे कि राजस्थान के रेगिस्तान में बसने वाला बिश्नोई समुदाय वन जीवन और पर्यावरण के हित में काम करने के लिए जाना जाता हैं. यह समुदाय राजस्थान के अलावा यूपी, मध्यप्रदेश, पंजाब और हरियाणा में भी बसा हुआ है.

बी पॉजिटिव इंडिया, बिश्नोई समुदाय के पर्यावरण प्रेम और पशुओ के प्रति प्यार को सलाम करता हैं और उम्मीद करता हैं कि आप से प्रेरणा लेकर लोग पर्यावरण एवं प्रकृति को संभालने में मदद करेंगे.

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