भारतीय क्रिकेट में आईपीएल का महत्वपूर्ण स्थान बन गया है । आईपीएल के चलते न केवल भारतीय क्रिकेट टीम को नए सितारे मिलते है बल्कि कई घरेलु एवं विदेशी खिलाड़ियों को एक प्लेटफार्म मिलता है । इस प्लेटफार्म का उपयोग करके कई खिलाड़ियों ने नाम कमाया है जिनमे क्रिस गेल, ड्वेन ब्रावो, लसिथ मलिंगा के साथ ही आश्विन, यजुवेंद्र चहल , राहुल त्रिपाठी, नितीश राणा, हार्दिक एवं क्रुणाल पंड्या जैसे कई नाम शामिल है । आईपीएल ने अपने एक दशक के सफर में अनगिनत क्रिकेट के सितारे दिए है तो अपने 11 संस्करण या सीजन में भी कई सितारों ने जलवा बिखेरा है । क्रिकेट के पंडितों एवं दर्शकों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है पंजाब से आने वाले और मुंबई इंडियंस के लिए खेलने वाले मयंक मार्कंडेय (Mayank Markande) ने ।

अपने पहले ही मैच में अम्बाती रायुडू एवं महेंद्र सिंह धोनी का विकेट चटकाने वाले इस युवा स्पिनर ने सबको अपने प्रदर्शन से चौका दिया है । अभी वो आईपीएल सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली लिस्ट में टॉप पर चल रहे है और आगे भी मुंबई इंडियंस एवं आईपीएल के दीवानों से मयंक से काफी उम्मीदे है । मुंबई इंडियंस ने भारत को कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर देने का काम किया है जिनमे ताजा उदाहरण हार्दिक पंड्या का है । इस साल मयंक मारकंडे से भी सब को बड़ी उम्मीदे लगी हुई है ।

हमारे घर पर अक्सर बड़े-बुजुर्ग कहते है कि यदि इंसान के कर्म अच्छे हो तो किस्मत को उसका साथ देना ही पड़ता है । ऐसा ही कुछ मयंक मार्कंडेय के साथ हुआ, उन्होंने अपने प्रदर्शन के बल पर बहुत जल्द और इतनी लोकप्रियता हासिल कर ली है जितनी किसी खिलाड़ी को हासिल करने में काफी साल लग जाते है।

लेगब्रेक बॉलर मयंक मार्कंडेय ने अभी सिर्फ दो मैच खेले हैं और हर कोई बस उन्हीं की बात कर रहा है।  मयंक ने चेन्नई के खिलाफ पहले मुकाबले में 3 और इसके बाद हैदराबाद के खिलाफ मैच में 4 विकेट झटके। नीलामी में मुंबई ने इस बॉलर को महज 20 लाख में अपने साथ जोड़ा था लेकिन आलम यह है कि दिग्गज बल्लेबाज भी इनके सामने काफी कमजोर साबित हो रहे हैं।

मयंक मार्कंडेय का जन्म 11 नवम्बर 1997 में पंजाब के पटियाला शहर में हुआ था । मयंक ने अपनी हाई स्कूल की पढ़ाई अवर लेडी ऑफ़ फातिमा कांवेट स्कूल, पटियाला से पूरी की । क्रिकेट में बचपन से दिलचस्पी उन्हें क्रिकेट ग्राउंड तक ले आयी और अपनी प्रतिभा के दम पर जल्द ही वो पंजाब की रणजी टीम में शामिल हो गए । अपनी लेग स्पिन के जलवे से वो पुरे पंजाब में चर्चित है । आपको बता दे कि मयंक का परिवार मुलत: महाराष्ट्र से है लेकिन रोजगार की तलाश में उनका परिवार पंजाब जाकर बस गया ।

Mayank with MI
मुंबई इंडियंस में अपने साथी खिलाड़ियों के साथ मयंक मार्कंडेय

पंजाब अंडर-19 की तरफ से डेब्यू करते समय मयंक की उम्र केवल 16 साल थी।  उन्होंने 2016 में भारत की अंडर-19 टीम की तरफ से खेला था ।  2013-14 में पंजाब अंडर 18 की तरफ से खेलते हुए मयंक ने पहले ही मैच में 7 विकेट लिए थे। उन्होंने दो मैचों में कुल 11 विकेट लिए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 7 फरवरी, 2018 को विजय हजारे ट्राफी से की थी। इस मैच में मयंक ने 37 रन देकर 2 विकेट लिए लेकिन टीम को हार से नहीं बचा पाए । भले ही उनकी टीम हर गयी हो लेकिन मयंक की गेंदबाजी की सबने तारीफ की ।

मयंक मार्कंडेय ने विजय हजारे ट्रॉफी में पंजाब के लिए सर्वाधिक विकेट लेकर सलेक्टर्स की नजर में आए थे।  उन्होंने लिस्ट-ए के 6 मैचों में 10 शिकार किए हैं।  वहीं, आईपीएल में वह महज 46 रन देकर 7 सफलता हासिल कर चुके हैं । हालांकि, मुंबई अपने पहले दोनों मैच हार चुका है लेकिन फैन्स और टीम मयंक के प्रदर्शन से काफी खुश हैं । आईपीएल के इस सीजन में मयंक मार्कंडेय के रूप में एक नया स्टार जरूर मिल गया है ।

आईपीएल 2018 की शुरुआत से पहले मयंक मार्कंडेय ने पांच टी-20 खेले जबकि उन्हें फर्स्ट क्लास क्रिकेट का कोई अनुभव हासिल नहीं है। इसके बावजूद रोहित शर्मा ने मयंक को अंतिम एकादश में मौका दिया और युवा लेग स्पिनर ने अपने कप्तान को निराश भी नहीं किया। राशिद खान, कुलदीप यादव, युदवेंद्र चहल जैसे बेहतरीन स्पिनरों की फेहरिस्त में अब मयंक मार्कंडेय का नाम भी जुड़ता नजर आ रहा है।

पंजाब के युवा गेंदबाज ने अपनी सफलता का श्रेय अनुभवी ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह को दिया है। हाल ही में मुंबई इंडियंस चैनल को दिए इंटरव्यू में मार्कंडे ने बताया कि कैसे हरभजन सिंह ने उनकी मदद की और एक सफल गेंदबाज बनने के लिए सकारात्मक मानसिकता रखने का ध्यान दिलाया।

मार्कंडेय ने कहा, ‘हरभजन के पास खेल का अपार ज्ञान है और मुझे उनसे बहुत कुछ सीखना है। वह खेल के लीजेंड हैं और मैं उनसे मिलकर ज्यादा से ज्यादा चीजें सीखना चाहता हूं।

मयंक ने अपना करियर एक पेसर के रूप में शुरू किया था । वह स्लोअर डिलीवरी बहुत प्रवशाली ढंग से फेंकते थे ।  वह गुगली भी अच्छी फेंक लेते थे । लिहाजा उनके कोच ने उन्हें लेग स्पिन की तरफ शिफ्ट कर दिया । मयंक ‘स्पिन के बादशाह’ माने जाने वाले शेन वॉर्न को अपना आदर्श मानता है ।

मयंक के बारे में एक बात कही जाती है कि 37 मिस्ड कॉल्स और 300 टेक्सट मैसेजेस के बाद भी पंजाब के इस स्पिनर को इस बात पर यकीन नहीं हुआ था कि उन्हें मुंबई ने आईपीएल में खरीद लिया है । मुंबई के टीम मैनेजर राहुल संघवी ने उन्हें यकीन दिलाया कि सचमुच उन्हें खरीद लिया गया है और अब वह टीम का हिस्सा हैं ।

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