ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ।
ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है ॥

यह पंक्तियाँ इस सामाजिक उद्यमी पर सटीक बैठती हैं. जीवन में कड़े संघर्षों के बाद पढाई की और अपने सपने पुरे करने के लिए कड़ी मेहनत की. उत्तर-प्रदेश के अलीगढ जिले के एक गांव से निकलकर मायानगरी मुंबई में खुद को स्थापित किया. समय के साथ सफलता की ऊंचाइयों को छुआ लेकिन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए नयी पहल शुरू की. समाज में सकारात्मक काम करने वाले अनगिनत लोगो को एक मंच उपलब्ध करवाया जहा से वो अपने विचार या मुहिम को आगे तक ले जा सके. सोशियोस्टोरी के जरिये अनजान एवं गुमनाम बदलाव के नायकों को समाज में यथोचित स्थान दिला रहे हैं मनोज पचौरी.

मनोज पचौरी अपने संस्थान ‘सोशियोस्टोरी (SocioStory)‘ के जरिये समाज में सकारात्मकता एवं खुशियां बांटने का काम कर रहे हैं. देश में ऐसे कई चेहरे हैं जो बदलाव के नायक हैं और उनके कार्य से समाज में बदलाव आ रहा हैं लेकिन उन्हें अपना काम दुनिया के सामने रखने के लिए मंच नहीं मिलता हैं. वो अपने कार्य को समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाना चाहते हैं लेकिन फंड्स या मार्गदर्शन नहीं मिलता हैं. बदलाव के नायको की इसी समस्या का हल मनोज ने अपने संस्थान के जरिये निकालने की कोशिश की.

socio story event
सोशियोस्टोरी के एक कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागी एवं स्पीकर्स | तस्वीर साभार : सोशियोस्टोरी के फेसबुक पेज से

बी पॉजिटिव इंडिया से बातचीत में मनोज बताते हैं कि सोशियोस्टोरी एक ऐसा प्लेटफॉर्म हैं, जहां समाज में बेहतरीन काम करने वाले लोग आपस में जुड़ते हैं. 500 से ज्यादा नामाकिंत लोगो या संस्थाओं में से उन 5 लोगों को मौका दिया जाता है, जिनकी कहानी एवं समाज में प्रभाव बेहतरीन होता है.

उन्हें विजेता घोषित किया जाता है. विजेताओं का इंडस्ट्री के लोगो से संवाद करवाया जाता हैं और उनकी समस्याओं को हल करने की कोशिश की जाती हैं. इसके माध्यम से हम एक बेहतर समाज की कल्पना कर रहे हैं.

देश के विभिन्न शहरों जैसे नॉएडा, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में कार्यक्रम आयोजित करते हैं. देश-विदेश के 500 से ज़्यादा लोग इस कार्यक्रम में अपना नामांकन करते हैं, मगर बारीकी से प्रोफाइल्स का मूल्याङ्कन करने के बाद केवल 5 लोगों का ही चयन किया जाता है. अभी हमारा दूसरा साल है लेकिन लोगो के उत्साह और इसके प्रभाव से अभिभूत हैं और इससे हमें ज्यादा मेहनत करने की प्रेरणा मिलती हैं.

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केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के साथ मनोज पचौरी | तस्वीर साभार : मनोज पचौरी के फेसबुक पेज से

मनोज आगे बताते हैं कि हमारा उद्देश्य समाज में अच्छा एवं सकारात्मक कार्य कर रहे लोगो को एक मंच पर लाने का हैं. साथ में मिलकर काम करने पर समाज में प्रभाव भी बड़े स्तर पर होगा. इवेंट्स के साथ ही सोशल मीडिया पर भी हमारे संस्थान की मजबूत मौजूदगी हैं. कई लोगों के जुड़ने के बाद एक कम्युनिटी बनती जा रही हैं, जिसके जरिये लोग एक-दूसरे की मदद कर पा रहे हैं. कॉलेज स्टूडेंट्स से लेकर इंडस्ट्री लीडर्स हमारे संस्थान से जुड़े हुए हैं और हर कार्यक्रम में अपनी भागीदारी निभाते हैं.

मनोज अपने बारे में बताते हुए कहते हैं कि उत्तरप्रदेश के अलीगढ जिले के एक गांव में जन्म हुआ. पढ़ने की इच्छा बचपन से थी लेकिन आर्थिक परिस्थितयों के चलते छोटे-मोटे काम करने पड़े. BBA के बाद नौकरी की लेकिन आगे पढ़ने की इच्छा के चलते नौकरी छोड़ MBA की पढाई की. बैंक से लोन लेकर पढाई की और आज शिक्षा जगत के अग्रणी संस्थान में कॉर्पोरेट रिलेशन विभाग का काम देख रहा हूँ.

समाज एवं गांव को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने सोशियोस्टोरी की शुरुआत की क्योंकि वो नहीं चाहते हैं कि भारत के ग्रामीण इलाके से आने वाले बच्चे को वही संघर्ष करना पड़े जो उन्होंने किया.

अगर आप भी मनोज पचौरी या सोशियोस्टोरी से जुड़ना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करे !

बी पॉजिटिव इंडिया, मनोज पचौरी और सोशियोस्टोरी के कार्यों की सराहना करता हैं और उम्मीद करता हैं कि आप से प्रेरणा लेकर हमारे पाठक जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे.

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