आम चुनाव के साथ ही अन्य राज्यों के चुनावों में बीजेपी ने जो जोरदार जीत दर्ज की है उसमे बीजेपी वर्कर्स की कड़ी मेहनत के साथ ही सोशल मीडिया का भी बड़ा योगदान रहा है । बीजेपी की आईटी सेल ने लाखों युवाओं से सोशल मीडिया से सीधे जुड़कर संवाद किया जिसका सीधा-सीधा फायदा उसे चुनावी नतीजों में मिला, इसका सारा श्रेय बीजेपी की आईटी सेल को जाता है । आज हम ऐसे ही एक बीजेपी आईटी सेल के मेंबर के बारे में बात कर रहे है जिन्होंने भारतीय चुनावों की दशा और दिशा दोनों बदल दी, उनका नाम है विकास पांडे (Vikas Pandey)

विकास जो पेशे से एक सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट है ने BJP के लिए सोशल मीडिया कैंपेन की रुपरेखा बनाई जिनमे “I Support NaMo”  नाम से फेसबुक और ट्विटर पर कैंपेन चलाये, इनके साथ ही आरएसएस के लिए एवं नरेंद्र मोदी की छवि सोशल मीडिया पर चमकाने के लिए कई पेजेज और ट्विटर हैंडल तैयार किये ।

विकास के अनुसार सोशल मीडिया पर सफलता का पूरा श्रेय पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ही देश के युवाओं, विद्यार्थियों के साथ रिटायर्ड कर्मचारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा ।

यह भी पढ़ेअपने दादा की कपड़े की फैक्ट्री को विश्व का बड़ा ब्रांड बनाने वाला युवा उद्यमी

गोरखपुर के महापौर और बीजेपी नेता डॉ सत्य पांडेय के बेटे विकास शुरू में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे , राजनीती उनको विरासत के रूप में मिली । उन्होंने 2010 में मोदीजी से मिलने के बाद राजनीतिक प्रचार के लिए खुद को BJP में शामिल किया। इस पहली बैठक में मोदी ने उन्हें पार्टी की राजनीतिक सफलता के लिए सोशल मीडिया का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए कहा। तब से उन्होंने अपने पेशेवर कौशल को ‘स्वयंसेवक’ (आरएसएस स्वयंसेवक) के रूप में कार्य करना शुरू कर दिया, वो भी बिना किसी शुल्क या पद के लिए।

पांडे ने कहा कि मौजूदा चुनावों में सोशल मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, न केवल भाजपा के वांछित संदेश को आमजन तक पहुंचना, बल्कि जनता के वोट को प्रभावित करने के लिए भी काफी कारगर साबित हुआ।

यह भी पढ़ेIPS रोहित सिंह : सुपरहिट पापा का सुपरहिट बेटा

पांडे के अनुसार, “हालांकि फेसबुक हमारा मुख्य फोकस था, लेकिन हमें ट्विटर और गूगल से भी कई कर्मठ और मेहनती वालंटियर मिले जिन्होंने सोशल मीडिया पर हमारे कार्य को बहुत आसान बना दिया। दिल्ली चुनावों में आम आदमी पार्टी की जीत और उनके नवीनतम प्रयोगों ने भारतीय राजनीती की दिशा बदल दी , इसी का फायदा उठाने के लिए हमने भी सोशल मीडिया को अपना मुख्य माध्यम बनाने का निर्णय लिया ।”

पांडे ने के अनुसार , “हमारा लक्ष्य मध्य और ऊपरी मध्यम वर्ग था। कैंपेन की सफलता का सारा श्रेय टीम के समर्पण और सफलता के लिए दृढ़ संकल्प था। हमारी टीम मुख्यधारा के मीडिया में व्यक्त गैर-अनुकूल या नकारात्मक विचारों को बाईपास कर सकती है, जो कि भाजपा या मोदीजी के खिलाफ सीधे मतदाताओं तक पहुंचने के लिए बहुत कारगर माध्यम सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया।

यह भी पढ़े : अपने जूनून को ज़िन्दगी बनाने वाले युवा की कहानी

उन्होंने फेसबुक पर ‘ I Support NaMo ” , ‘SanghParivar.Org‘, ‘RSS’ जैसे पेजेज का निर्माण किया जिन्हे आज 2 करोड़ से ज्यादा लोग लाइक या फॉलो करते है । उन्होंने नरेंद्र मोदी का ऑफिसियल यूट्यूब चैनल बनाया जो भारतीय राजनीती में सबसे ज्यादा पसंद करने वाला यूट्यूब चैनल , इसके साथ ही  ‘ I Support NaMo ‘, भारत का दूसरा सबसे ज्यादा लोकप्रिय यूट्यूब चैनल है ।

चुनाव में इस तरह के एक प्रभावी अभियान के रहस्य के बारे में पूछे जाने पर पांडे ने कहा कि यह “स्मार्ट प्लानिंग और टीम वर्क के साथ ही आईटी क्षेत्र के गहन ज्ञान को अपना की फैक्टर बताते है, चूंकि फेसबुक का अनुमान है कि भारत में 110 मिलियन सदस्य हैं और ट्विटर के भारत से 60 मिलियन सदस्य हैं, यह बड़ी संख्या चुनावों में बड़ी भूमिका निभा सकती है और इसी को हमने अपना टारगेट बनाया।”

यह भी पढ़े : राजस्थान के छोटे से गांव से निकले IIT टॉपर की कहानी

फेसबुक पर “I Support NaMo” पेज पर अब तक 143.5 लाख लोगों ने पसंद किया है और इसकी पोस्ट प्रति सप्ताह 12.5 करोड़ से ज्यादा लोगों द्वारा पढ़ी जाती है, जो “अधिकांश समाचार पत्र पाठकों की तुलना में कई गुना अधिक है।

विकास ने बीजेपी की जीत के लिए अपने तकनिकी कौशल का इस्तेमाल बखूबी किया है तथा सभी चुनावी रणनीतियों में उनकी सलाहों पर जरूर काम किया जाता है । अगर हम उनको सोशल मीडिया का चाणक्य कहे तो भी अतिशयोक्ति नहीं होगी ।

Comments

comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.