काम के दौरान मामूली सी लापरवाही से एक मैकेनिक के दोनों पैर कट गए और उसे गंभीर हालात में अस्पताल में भर्ती करवाया गया. डॉक्टरों ने दस घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद कटे हुए पैर को जोड़ने में सफलता हासिल की. सफल सर्जरी के बाद अगले तीन-चार महीनों में मरीज अपने पैरों पैर खड़ा हो जायेगा. यह ऑपरेशन किया है चंडीगढ़ के जीएमसीएच के डॉक्टर्स ने.

आपको बता दे कि 8 जुलाई 2019 को एक मकैनिक बोरवेल पर काम कर रहा था. इस दौरान अचानक उसके दोनों पैर मशीन में आ गए और एक पैर कटकर धड़ से अलग हो गया, जबकि दूसरा पैरे भी 90 फीसदी तक कट गया. हालांकि, दूसरा पैर मांस के जरिए शरीर से जुड़ा हुआ था.

इस दौरान मकैनिक के साथ काम कर रहा उसका दूसरे साथी उसे तुरंत लेकर जीएमसीएच-32 ले गया. उसने मकैनिक के कटे हुए पैर भी उठा लिया. हॉस्पिटल में करीब आधे घंटे बाद उसकी सर्जरी प्रोसेस शुरू हुआ और सर्जरी सफल रही. मकैनिक के दोनों पैर जोड़ दिए गए हैं.

जानकारी के मुताबिक वेसक्यूलर सर्जन डॉ. मितेश बेदी, सिद्धार्थ गर्ग, ऑर्थोपिडीशियन डॉ. रोहित जिंदल के अगुवाई में जनरल सर्जरी डिपार्टमेंट के डॉक्टर्स की एक टीम बनाई गई. इसके बाद करीब 10 घंटे सर्जरी चली. जिसमें मैकेनिक के दोनों पैर की हड्डियों और नसों को जोड़कर उसकी प्लास्टिक सर्जरी कर दी गई.

इस सफल ऑपरेशन की अगुवाई करने वाले डॉक्टर का कहना है कि हादसे में अगर कोई अंग कट जाए तो आधे से एक घंटे तक घायल को लेकर हॉस्पिटल पहुंचे. कटे हुए अंग को बर्फ में न ढकें, इससे कोशिकाए जुड़ने की स्थिति में नहीं रहती हैं. साथ ही कटे हुए अंग को प्लास्टिक बैग में या ठंडे पानी में भी नहीं रखें. पानी कटे हुए अंग बिल्कुल भी नहीं पहुंचना चाहिए.

बी पॉजिटिव इंडिया, जीएमसीएच के डॉक्टर्स को सफल ऑपरेशन पैर बधाई देता है और भविष्य के लिए शुभकामनाए देता है.

( मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित )

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