जब हुनर को मेहनत का साथ मिल जाता है तो कामयाबी ज्यादा दिनों तक दूर नहीं रह पाती है। अपनी माँ की तबियत ख़राब होने के चलते पढाई बीच में छोड़ कर उनकी देखभाल करने के लिए घर में ही रुकने का फैसला किया। कृषि क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी में नौकरी तक लगी लेकिन हुनर को पहचान दिलाने के लिए उसे ठुकरा दिया।

बिना कोई प्रोफ़ेशनल ट्रेनिंग के बांस के प्रोडक्ट्स बनाये तो लोग देखते ही रह गए। घर पर ही पारम्परिक औजारों से हेंडीक्राफ्ट उद्योग की स्थापना कर डाली। हाथों में जादू ऐसा की लोग इनकी बनायीं प्रतिकृति देखकर दांतो तले अंगुली दबा देते है। बांस से शानदार प्रतिकृतियां बनाने वाले युवा उद्यमी या कलाकार का नाम है ललित सोनी (Lalit Soni)

25 वर्ष के ललित सोनी अभी बांस से बानी प्रतिकृतियां बना कर इन्हे अपनी आर्ट गैलरी में बेच रहे है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे वेबसाइट (Bamboo Art & Craft) , फेसबुक एवं यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी उन्होंने अपने प्रोडक्ट्स बेचना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, बांस से हेंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स बनाने के लिए स्कूल एवं आदिवासी महिलाओं को मुफ्त में ट्रेनिंग देकर उनका जीवन स्तर सुधारने में लगे हुए है।

ललित सोनी के द्वारा बनाये गए बांस के प्रोडक्ट्स

ललित का जन्म मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के भैंसदेही क़स्बे में हुआ। एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्म लेने वाले ललित बचपन से पढाई में तेज़ थे। उन्हें कागज एवं मिट्टी से प्रतिकृतियां बनाने में आनंद आता था। उन्होंने बारहवीं की पढाई प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण करने के बाद कॉमर्स में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया।

इसके बाद ललित सोनी कॉमर्स में ही पीएचडी करने की तैयारी कर रहे थे कि उनकी माँ बीमार हो गयी। पढाई बीच में छोड़कर ललित ने अगले कुछ महीनों में अपनी माँ का इलाज करवाया।

बी पॉजिटिव से बातचीत में बताया कि मैं सरकारी नौकरी की तैयारी के साथ ही PHD कर रहा था लेकिन माँ को ब्रेन हेमरेज जैसी गंभीर बीमारी हो गयी। माँ की सेवा और हॉस्पिटल के चक्कर काटने में ही समय बीतने लगा। इलाज के पश्चात माँ को आराम की सलाह दी गयी तो मैं घर पर ही रहकर बांस की कलाकृतियां बनाना शुरू कर दिया। साधन के नाम पर पुश्तैनी सुनार के औजार और मन में कुछ नया करने का इरादा था।

ललित सोनी के द्वारा बांयी गयी ब्रिटिश कालीन बग्घी

मैंने सबसे पहले बांस से ब्रिटिशकालीन बग्घी बनाने का निर्णय किया। कई दिनों की कड़ी मेहनत और विफलताओं के बाद मैंने अपने काम में सफलता हासिल की। इसके बाद तो बांस से प्रोडक्ट्स बनाने का सिलसिला चल निकला। बैल गाड़ी, आदिवासियों के घर, बच्चों के खिलोनेके साथ ही कई प्रोडक्ट्स बनाये।

प्रोडक्ट्स बनाने के बाद इन्हे बेचने के बारे में सोचा तो पहला आईडिया वेबसाइट और फेसबुक का आया। अपने मित्र की मदद से एक पोर्टल बनवाया जहाँ पर अपने प्रोडक्ट्स की लिस्टिंग की और फेसबुक पेज एवं लोगो के जरिये मार्केटिंग के चलते काम चल निकला।

लोगो को प्रोडक्ट्स पसंद आने लगे तो भोपाल में एक आर्ट गैलरी में अपने प्रोडक्ट डिस्प्ले में रखे। इसके चलते कई आर्डर आने लगे और खुद घर पर ही यह सारे प्रोडक्ट्स हम बना रहे है। इसी के साथ ग्रामीण हाट एवं घरेलू उद्योग मेलों में भी अपने प्रोडक्ट्स प्रदर्शित किये जिससे लोगों को मेरे प्रोडक्ट्स के बारे में पता चला।

ललित सोनी के द्वारा बनाये गए बांस के प्रोडक्ट्स

ललित सोनी खुद ही अपने हाथों से बांस के प्रोडक्ट्स बनाते है और हेंडीक्राफ्ट में क्वालिटी का पूरा ध्यान रखते है। उन्होंने अपने घर पर ही प्रोडक्ट्स बनाने के लिए जगह तय कर रखी है। सोशल मीडिया और वेबसाइट के माध्यम से इनके प्रोडक्ट्स अब कई बड़े शहरों में बिक रहे है। उन्हें अमेरिका के केलिफोर्निया शहर से भी साथ में काम करने के लिए ऑफर मिला लेकिन उन्होंने देश में ही कुछ करने का निर्णय लिया।

ललित सोनी अपनी कला को अन्य लोगो के साथ भी शेयर कर रहे है तथा आदिवासी इलाकों में लोगो को ट्रेनिंग एवं कच्चा माल मुहैया करवाकर उन्हें रोज़गार देने की योजना पर काम कर रहे है। वो मानते है कि यदि देश के युवा हमारी संस्कृति के छोटे-मोटे काम भी शुरू कर दे तो बेरोज़गारी की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।

ललित सोनी ने पुलवामा हमले में शहीद हुए सैनिकों को याद करते हुए ‘अमर जवान ज्योति’ की बांस में कलाकृति बनायीं है। इसी के साथ इंडिया गेट एवं लाल किले की भी बांस की प्रतिमा बना चुके है।

ललित सोनी समय-समय पर बांस के प्रोडक्ट्स बनाने के लिए वर्कशॉप का आयोजन भी करते है

ललित सोनी के काम को आसपास के लोगों के द्वारा काफी प्रशंसा मिली। स्थानीय मीडिया ने भी उन्हें अपनी रिपोर्ट में जगह दी। ललित सोनी को राज्य स्तर पर दिए जाने वाले के विश्वकर्मा अवार्ड के लिए भी नामित किया गया है।

अगर आप भी ललित सोनी के प्रोडक्ट्स खरीदना चाहते है तो यहाँ क्लिक करे, आप इन्हे इस नंबर
+91-8819992299 पर कॉल भी कर सकते है।

बी पॉजिटिव, ललित सोनी की कला एवं प्रतिभा का सम्मान करता है और उम्मीद करता है कि ललित सोनी मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्र में अपनी कला के माध्यम से उनके जीवन में कुछ बदलाव ला पाएंगे।

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