आमतौर पर यह राय रहती है कि फील्ड या कार्यक्षेत्र की नौकरी में महिलाएं ज्यादा भागीदारी नहीं निभाती है और उनकी नौकरी सामान्यतया: ऑफिस वर्क के लिए ही मानी जाती है लेकिन जब महिला अधिकारीयों को फील्ड में अपना हुनर दिखाने का मौका मिलता है तो वो अपने पुरुष सहकर्मियों से भी कई अधिक कुशलता से कार्य करती है और बेहतरीन नतीजे दिलवाती है ।

बिजली विभाग में कार्यरत महिला अधिकारी सामान्यतया ऑफिस कार्य में ही लगी रहती है लेकिन एक डिस्कॉम अध्यक्षा के नवीनीकरण ने न केवल महिला अधिकारीयों को नए मौके दिलाये बल्कि चल रही परिपाटी को तोड़ने में भी अहम भूमिका निभाई । ऐसे ही मौको को भुनाकर उन्हें अवसर के रूप में तब्दील करने वाली राजस्थान के बिजली विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत है , अनु बिश्नोई  (Anu Bishnoi) ।

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राजस्थान के बिजली विभाग के अंतर्गत आने वाले जोधपुर विद्युत् वितरण निगम लिमिटेड (JdVVNL) में कार्य करने वाली अनु अभी श्रीगंगानगर में पदस्थापित है तथा फील्ड में मेन्टेन्स के साथ ही ऑपरेशन को देख रही है । उन्होंने अपनी कार्य-कुशलता से न केवल बिजली छीजत रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई बल्कि धार्मिक स्थलों जैसे संवेदनशील स्थानों पर अवैध कनेक्शन रद्द करवाने के साथ ही नए मीटर लगाने का साहसिक कार्य किया ।

भारत में धार्मिक भावनाए और उनसे उपजने वाले उन्माद सामान्य है लेकिन अनु ने समाज एवं विभिन्न धर्मों के प्रबुद्धजनों के साथ कई स्तरीय वार्ता करके उन्हें बिजली के सही उपयोग एवं मीटरीकरण के बारे में विस्तार से समझाया और न केवल अवैध बिजली उपयोग को रोका बल्कि जुर्माना वसूलने के साथ ही अवैध कनेक्शन को वैध कनेक्शन करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा समाज में एक आदर्श स्थापित किया ।

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राजस्थान के श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर नाम के कस्बे से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद अनु बिश्नोई ने राजस्थान तकनिकी विश्वविद्यालय (RTU, Kota)  से सम्बद्ध जयपुर स्थित आर्य कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एवं इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (ACEIT ) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में वर्ष 2013 में स्नातक किया ।

बचपन से ही पढ़ने में तेज अनु अपनी मेहनत और कठिन परिश्रम की बदौलत 2015 में राजस्थान ऊर्जा विभाग में जूनियर इंजीनियर के रूप में चयनित हो गयी तथा श्रीगंगानगर में ज्वाइन किया । ज्वाइन करने के कुछ समय पश्चात ही उन्होंने इलाके में होने वाली  बिजली चोरी पर काम करना शुरू किया ।

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25 वर्षीय अनु बिश्नोई बताती है कि फील्ड में शुरुआती दिनों में ही एक निजी कंपनी कि मोबाइल टावर में बिजली चोरी पकड़ी और जुर्माना वसूलने के साथ ही अवैध कनेक्शन को वैध कनेक्शन करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।

जोधपुर बिजली कंपनी में कार्यरत MD के नेतृत्व में अनु बिश्नोई ने सराहनीय कार्य किया है और कई लोगो के लिए आदर्श स्थापित किया । एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली अनु ने अपनी मेहनत और परिश्रम की बदौलत सरकारी नौकरी के साथ ही पुरुष-प्रधान क्षेत्र में अपनी अलग ही छाप छोड़ी है तथा प्रदेश में महिला विकास के लिए नयी राह दिखाई है ।

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