बचपन में क्रिकेट की शौक़ीन रही यह उद्यमी पढाई में भी तेज-तर्रार रही है । उसने विश्व की जानी-मानी कंपनियों में काम करने के बाद एक ऐसी कंपनी स्टार्ट की है जिसने उसके पहले प्यार क्रिकेट और दूसरे प्यार इंजीनियरिंग दोनों को साथ ला दिया । उन्होंने अपनी एनालिटिकल एवं व्यापरिक कुशलता के चलते भारत में आयोजित 2011 के क्रिकेट विश्वकप को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है । ऑनलाइन टिकट बुकिंग के बढ़ते चलन ने उनकी कंपनी को बुलंदियों तक पहुँचाया है । आज भारत ही नहीं विदेशों में भी इनकी कंपनी कई प्रसिद्ध खेल आयोजनों में अपनी सेवाएँ दे रही है । इस ऑनलाइन टिकट कंपनी का नाम है क्याजूंगा (Kyazoonga)  एवं इसकी सह-संस्थापक है नीतू भाटिया (Neetu Bhatia)

नीतू भाटिया एंटरनमेंट और स्पोर्ट्स टिकटिंग कंपनी क्याजूंगा (Kyazoonga) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) है और उन्होंने इस कंपनी की स्थापना 2007 में की । भले ही आज वह सफल एंटरप्रेन्योर है लेकिन उनका खेल से जुड़ाव बचपन से रहा है । महाराष्ट्र के पुणे में जन्मी और अहमदनगर में पली-बढ़ी नीतू भाटिया का परिवार एक खेलप्रेमी परिवार रहा है । दरअसल उनके माता-पिता चाहते थे कि वह क्रिकेटर बने जबकि वह इंजीनियरिंग में अपना करियर बनाना चाहती थी ।

बचपन में उन्होंने अपने क्रिकेट कौशल से सभी को प्रभावित किया । जब वह स्कूल में ग्रेड 7 में थी तो जूनियर लेवल की राष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए उन्हें महाराष्ट्र टीम का कप्तान चुना गया । नीतू भाटिया को खेलप्रेम और विशेषकर क्रिकेट प्रेम अपने माता-पिता से विरासत में मिला । उनके पिता और भाई सभी कॉलेज एवं यूनिवर्सिटी स्तर के खिलाड़ी रह चुके थे और उनकी माँ खेलों की बड़ी प्रशंसक रही है ।

अपने दूसरे प्यार इंजीनियरिंग को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने क्रिकेट को एक बार के लिए छोड़ दिया लेकिन क्रिकेट के प्रति प्यार एवं जूनून अभी तक ज़िंदा है । पढाई में तेज नीतू भाटिया को पुणे के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में आसानी से प्रवेश मिल गया। पढाई के दौरान उन्हें दो बार भारत की प्रतिष्ठित मोटर कंपनी TATA Motors में ट्रेनिंग करने का मौका मिला जिससे उन्हें मैन्युफैक्चरिंग के साथ ही प्रोडक्ट के निर्माण एवं प्रोडक्ट की सेल्स एवं मार्केटिंग की बारीकियां सिखने को मिली ।

इंजीनियरिंग में आगे की पढाई के लिए उन्होंने अमेरिका का रूख किया और स्टैनफोर्ड एवं मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नॉलजी (MIT ) में अपने दाखिले के लिए एप्लीकेशन दी । नीतू भाटिया की योग्यता को देखते हुए दोनों प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों ने उन्हें प्रवेश के लिए बुलाया । लेकिन नीतू भाटिया ने MIT के रिसर्च एवं प्रतिष्ठा को देखते हुए उसके मैनेजमेंट एवं इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में दाखिला ले लिया ।

MIT में पढाई के दौरान उन्हें नोबल पुरुस्कार विजेता फ्रैंको मोदिग्लियानी (Franco Modigliani) के साथ उनके प्रोजेक्ट ” एन MIT सोल्युशन टू सोशल सिक्योरिटी क्राइसिस ” में रिसर्च असिस्टेंट के रूप में कार्य करने का मौका मिला । MIT में पढाई के बाद उन्होंने जॉब करना शुरू कर दिया और विदेश की नामी कंपनियों में फाइनेंस एवं इंवेटस्टमेंट बैंकिंग के क्षेत्र में काम किया ।

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ISL के दौरान जमशेदपुर में अपनी सेवाएँ देती क्याजूंगा

कई कंपनियों में काम करने के बाद वो न्यूयोर्क की मशहूर वाल स्ट्रीट में सीनियर मीडिया एवं टेलीकॉम इन्वेस्टमेंट बैंकर बन गयी । इसके बाद वो बैंक ऑफ़ मॉन्ट्रियल से जुड़ी जहाँ पर उन्होंने कई कंपनियों के साथ लगभग 40 बिलियन डॉलर की डील्स की । अमेरिका में बिज़नेस जगत में अपना नाम कमा चुकी नीतू का भारत लौटने का कोई इरादा नहीं था और छुट्टियों के दौरान वो अपने परिवार से मिलने भारत आती रहती थी ।

भारत में छुट्टियों के दौरान उन्हें फिल्म एवं खेल आयोजनों के टिकट मिलने में बड़ी दिक्कत महसूस हुई और उस समय तक भारत में ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रचलन में नहीं था । इसी आम समस्या को हल करने के लिए 2006 में नीतू भाटिया अमेरिका से कई बार भारत आयी और इसके बारे में विस्तार से रिसर्च किया । भारतीय दर्शकों के खेल एवं फ़िल्मी दुनिया से लगाव के बारे में नीतू अच्छे से वाकिफ थी ।

सालभर के रिसर्च एवं अन्य कई लोगों से सलाह-मशविरा करते हुए नीतू ने 2007 में एक ऑनलाइन टिकट बुकिंग कंपनी की नींव रख दी । मशहूर विज्ञापन निर्माता प्रहलाद कक्कर (Prahlad Kakkar) ने उन्हें क्याजूंगा (Kyazoonga) नाम सुझाया जो एक यूनिक नाम के साथ ही दिमाग में हलचल पैदा कर देता है । कंपनी की शुरुआत के बाद उन्होंने बेहतर टीम एवं स्किल्स को ध्यान में रखा और अपने निर्देशन में गजब के आईटी उतपद बनाये जो दर्शकों के टिकटिंग अनुभव को बदलने की क्षमता रखते है ।

क्याजूंगा ने जल्द ही एक आम समस्या के हल होने के चलते एक नया बिज़नेस सेगमेंट खड़ा कर दिया है जिसने टिकट बुकिंग, इवेंट बुकिंग जैसे नए सेक्टर में असीम संभावनाओं को लोगों के सामने रखने का काम किया । क्याजूंगा को देश की पहली ऑनलाइन टिकट बुकिंग कंपनी होने का गौरव हासिल है । आज क्याजूंगा के ग्राहकों में क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी एवं मनोरंजन के कई बड़े इवेंट्स शामिल है । भारत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड , अमेरिका एवं लेटिन अमेरिकी देशों में भी नीतू भाटिया की कंपनी अपनी सेवाएँ दे रही है ।

नीतू भाटिया और उनकी क्याजूंगा टीम के शानदार प्रदर्शन ने देश के कई नामी-गिरामी निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है । इसी के चलते 2015 में टाटा ग्रुप के चेयरमैन रह चुके रतन टाटा ने नीतू भाटिया की कंपनी में निवेश भी किया है । फंडिंग से मिले पैसे से कंपनी में अपनी मार्केटींफ एवं विस्तार की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है

नीतू ने एक इंटरव्यू में बताया कि स्पोर्ट्स, लीडरशिप और टीम वर्क जैसी स्किल्स के निर्माण में मदद करता है । मेरी उद्यमशीलता की यात्रा में भी खेलों ने बड़े पैमाने पर मदद की है । किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए आपको मिले हुए मौकों को भुनाने की कला आनी चाहिए ।

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