एशिया कप में पहले मैच में हांगकांग ने भारत के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन किया है।  एक बार के लिए तो भारतीय खेमे में खलबली तक मचा दी लेकिन कुलदीप यादव और खलील अहमद (Khaleel Ahmed) ने अपनी शानदार गेंदबाजी से भारत को यह मैच जितवा दिया। बीस वर्ष के खलील अहमद का चयन जब से भारतीय टीम में हुआ है तब से वो चर्चा का विषय बने हुए है। चयनकर्ताओं ने खलील अहमद की प्रतिभा पर भरोसा जताया है और 2019 विश्वकप के लिए वो एक बाएं हाथ का तेज गेंदबाज ढूंढ रहे है। खलील ने अपने पहले मैच के प्रदर्शन से भारतीय दर्शकों का दिल जीत लिया है।

गौरतलब है कि राजस्थान से करीब 20 साल बाद किसी क्रिकेट खिलाड़ी का चयन टीम इंडिया में वनडे के लिए हुआ है। इससे पहले राजस्थान से इंडिया टीम में करीब 20 साल पहले गगन खोड़ा वनडे में खेले थे। लम्बे अंतराल के बाद राजस्थान से खलील का टीम में इंडिया में चयन हुआ है। जो आज एशिया कप में अपना प्रदर्शन देने जा रहे हैं।

सीमेंट के पिच पर टेनिस बॉल से शुरू की थी गेंदबाजी

राजस्थान के छोटे से शहर से निकल कर एशिया कप में गेंदबाजी से सबको प्रभावित करने वाले इस युवा तेज गेंदबाज का सफर बहुत ही संघर्षपूर्ण रहा है । खलील के पिता पेशे से कम्पाउंर हैं। वह अपने बेटे को डॉक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन खलील को क्रिकेट में अपना करियर बनाना था। उनके पिता को शुरुआत में खलील के क्रिकेट खेलने से नफरत थी। क्योंकि उन्हें लगता कि क्रिकेट में कोई करियर नहीं है और खलील की पढ़ाई पर इसका असर पड़ेगा।

लेकिन कोच इम्तियाज अली ने खलील के पिता को समझाने और उनके क्रिकेट खेलना जारी रखने देने में अहम भूमिका निभाई। खलील अहमद की खासियत है उनकी रफ्तार और लाइन लेंथ। वह 145 किमी/घंटा की औसत रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं, इस दौरान गेंद पर उनका नियंत्रण भी शानदार रहता है।

खलील अहमद ने अपनी गेंदबाजी की शुरुआत टेनिस बाल से की थी जिसके चलते उन्हें तेज गेंद फेकने में काफी मदद मिली. सीमेंट पिच पर तेज गेंदबाजी करना आसान है लेकिन लाइन और लेंथ रखना काफी मुश्किल होता है. टोंक में ही एक मैच के दौरान उन पर उनके कोच इम्तियाज़ अली की नज़र पड़ी और उनके दिशा-निर्देशन में खलील ने तेज गेंदबाजी की बारीकियों को समझा.

साल 2016 में हुए U-19 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के सदस्य

खलील पहली बार तब सुर्खियों में आए जब साल 2016 के आईपीएल सीजन में दिल्ली डेयरडेविल्स ने उन्हें 10 लाख रुपय में खरीदा और अपनी टीम में शामिल किया। हालांकि इस सीजन में खलील अहमद को एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। लेकिन सबसे जरूरी चीज जो उन्हें मिली वह कोच राहुल द्रविड़ का साथ।

खलील अहमद 2016 में हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के सदस्य थे। उन्होंने इस सीरीज में 12 विकेट चटकाए। फिर खलील को साल 2018 आईपीएल सीजन के लिए सनराइजर्स हैदराबाद की टीम ने 3 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। हालांकि उन्हें इस सीजन में भी कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला।

पिछले साल राजस्थान के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पदार्पण

20 वर्षीय खलील ने पिछले साल अक्टूबर में राजस्थान के लिए जम्मू-कश्मीर के खिलाफ अपना प्रथम श्रेणी डेब्यू किया और अब तक दो मैचों में 2 विकेट लिए हैं। लेकिन उनकी असली क्षमता छोटे फॉर्मेट्स में दिखी है और अब तक वह 17 लिस्ट ए मैचों में 28 और 12 टी20 मैचों में 17 विकेट ले चुके हैं।

राजस्थान से आने वाले खलील को प्रतिभाशाली युवा तेज गेंदबाज माना जा रहा है जो लगातार 145 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं। भारत के पूर्व स्टार तेज गेंदबाज जहीर खान ने भी खलील अहमद की तारीफ करते हुए उन्हें एक प्रतिभावान गेंदबाज बताया है। खलील एनसीए में ट्रेनिंग करते रहे हैं और राहुल द्रविड़ को अपना गुरू मानते हैं।

Comments

comments