आज के समय में जहां लोग सरकारी अस्पतालों में इलाज से दूर भागते हैं, वहीं एक जिलाधिकारी ने अपनी पत्नी की डिलिवरी सरकारी अस्पताल में कराकर लोगों के भ्रम को तोड़ने का प्रयास किया है।

मामला उत्तरप्रदेश के कौशांबी जिले का है। यहां के जिलाधिकारी मनीष वर्मा की पत्नी अंकिता राज ने सरकारी अस्पताल में बेटी को जन्म दिया। इसके बाद यहां के कर्मचारियों के संग ली गई सेल्फी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।

यहां के ज़िलाधिकारी ने अपनी पत्नी को डिलेवरी के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहाँ उनकी पत्नी अंकिता राज ने 10 नवम्बर 2018 को रात 10 बजकर 30 मिनट पर एक बेटी को जन्म दिया | बेटी के जन्म पर डीएम ने अपनी ख़ुशी का इजहार अस्पताल कर्मियों के साथ पत्नी बच्ची के साथ सेल्फी लेकर किया है।

डीएम मनीष वर्मा ने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप सरकारी अस्पताल उनकी प्राथमिकता पर पहले से ही था। उन्होंने अपने पत्नी का पूरा इलाज जिला अस्पताल में ही कराया और डिलेवरी भी सरकारी अस्पताल में ही हुई है।

निःसंदेह सरकारी अस्पताल में व्यवस्था उच्च स्तरीय है। आम आदमी को इस पर भरोसा रखना चाहिए।

इसी के साथ सरकारी योजना के तहत उनकी बेटी के जन्म के बाद 2500 रुपए का चेक भी दिया गया. साथ ही जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए टीकाकरण भी किया गया।

इस पहल में ज़िला अधिकारी से ज़्यादा उनकी पत्नी तारीफ़ की हक़दार हैं क्योंकि उन्होंने ने ही डीएम के फ़ैसले का पक्ष लिया। अगर वो चाहती तो किसी भी प्राइवेट हॉस्पिटल में भी जा सकती थीं ।

इस खबर से उनके परिवार में जहां खुशी का माहौल है वहीं इलाके में डीएम के इस कदम की सराहना हो रही है।

बी पॉज़िटिव मीडिया भी सरकारी अफ़सर की सोच और सरकारी तंत्र पर विश्वास बढ़ाने वाले क़दम की प्रशंसा करता हैं। हम उम्मीद करते हैं कि आपके क़दम से लोग प्रेरित होकर सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध सेवाओं का इस्तेमाल कर पायेंगे।

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