कश्मीर , देश की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक लेकिन पिछले कुछ दशकों से आंतक के साये में जी रहा है. कश्मीरी युवको को भड़का कर कश्मीरियत के नाम पर पत्थर थमाए जा रहे है लेकिन उसी कश्मीर के युवा भी है जो देश सेवा के लिए अपने प्राण न्योछावर करते है. कश्मीरी युवक अगर भारतीय सेना में शामिल होता है तो उसे दोतरफा वार झेलना पड़ता हैं, ऐसा ही कुछ हुआ था शहीद औरंगज़ेब के साथ.

पिछले साल 14 जून को औरंगज़ेब ईद मनाने के लिए अपने गांव जा रहे थे, जब पुलवामा में आतंकियों ने उनका अपहरण कर लिया था. अपहरण के बाद जम्मू-कश्मीर की पुलिस ने तलाशी शुरू की. शव मिला. जिस्म पर कई गोलियां लगने और टॉर्चर के निशान मिले. इस घटना ने कश्मीर में तूफ़ान ला दिया था और औरंगज़ेब कश्मीरी युवाओं का रोल मॉडल बन गया.

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एक साल पहले शहीद हुए थे औरंगज़ेब | तस्वीर साभार : ANI

औरंगज़ेब की शहादत पर पिता मोहम्मद हनीफ ने कहा था कि मैं अपने सभी 6 बेटों को भारतीय सेना के लिए समर्पित करूंगा”. पिता ने अपना वादा पूरा किया और अब उनके दो बेटे मोहम्मद शब्बीर और मोहम्मद तारिक भारतीय सेना में शामिल हो गए हैं.

मोहम्मद हनीफ कहते हैं कि मेरे दो बेटों ने टीए बटालियन जॉइन की है. जब औरंगजेब मरा था तब मैंने रक्षा मंत्री और भारतीय सेना के अफसरों से कहा था कि मैं अपने सभी 6 बेटों को भारतीय सेना के लिए समर्पित करूंगा. दोनो बेटे औरंगज़ेब की मौत का बदला लेंगे.

आपको बता दे कि मोहम्मद हनीफ भी जम्मू कश्मीर की सेना में एक सिपाही थे. औरंगजेब की मां राज बेगम ने कहा, “हम कुछ भी गलत होंने से डरते हैं लेकिन हमारे दोनों ही बेटे भारतीय सेना जॉइन करना चाहते थे.

औरंगजेब के भाई मोहम्मद तारिक ने कहा, “हमारी ट्रेनिंग के बाद हम आतंकवाद के खिलाफ लडेंगे और अपने शहीद भाई की मौत का बदला लेंगे. आज हम भारतीय सेना में शामिल होकर गर्व महसूस कर रहे हैं और अपने देश भी पर गर्व महसूस करते हैं.

बी पॉजिटिव इंडिया, मोहम्मद हनीफ और उनके परिवार के देश सेवा एवं साहस के जज़्बे को सलाम करता हैं और उम्मीद करता हैं कि आप से प्रेरणा लेकर कश्मीर के युवा सही राह पर चलेंगे.

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