प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपनो को पूरा करते हुए एक युवा अपनी सफलता की कहानी लिख रहा है. गुजरात के एक छोटे से गांव से निकलकर गूगल जैसी बड़ी कंपनी से सम्मान प्राप्त करना वाकई कमाल है.

आईटी क्षेत्र में काम करने के लिए इंटरनेट कनेक्शन के साथ ही लैपटॉप की आवश्यकता होती है लेकिन इस युवा ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने मोबाइल से ही काम करना जारी रखा.

कॉलेज में पढाई के दौरान इंटरनेट और ब्लॉगिंग के बारे में जानने वाले इस युवा ने छह महीनों में ही खुद को दक्ष कर लिया. अभी वो न केवल अपना ब्लॉग चला रहे है बल्कि नवोदित ब्लॉगर की मदद भी कर रहे है. इस युवा का नाम है इंद्र सिंह सोलंकी (Indra Sinh Solanki).

गूगल भारत और चीन जैसे देशों में अपनी पहुँच बढ़ाने के लिए स्थानीय भाषा में कंटेंट उपलब्ध करवाने के लिए क्वेश्चन हब (Question Hub) नाम के एक टूल पर काम कर रहा है. इस टूल की सहायता से गूगल अपने यूजर्स की स्थानीय भाषा में मदद कर पायेगा. इसके लिए एक ओपन कम्युनिटी का निर्माण भी किया गया.

इंद्रसिंह ने गूगल की कम्युनिटी में अपना योगदान दिया और देश के पच्चीस सर्वश्रेष्ठ ब्लॉगर में से एक चुने गए. गूगल ने इसके लिए विगत 14 दिसंबर 2018 को दिल्ली के एक होटल में रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया, जहाँ पर इंद्रसिंह को सम्मानित किया गया. किसान परिवार से आने वाले इंद्रा सिंह के लिए यह सम्मान किसी सपने के सच होने जैसा है.

गूगल के कार्यक्रम में अवार्ड लेते हुए इन्द्रसिंह सोलंकी

इन्द्रसिंह गुजरात और राजस्थान बॉर्डर से सटे इलाके के बनासकांठा जिले के धानेरा तहसील के जाड़ी गांव से ताल्लुक रखते है. शुरुआती शिक्षा उन्होंने गांव के ही सरकारी प्राथमिक विद्यालय से पूरी की और इसके बाद उन्होंने अपने नजदीकी कॉलेज में आगे की पढाई के लिए दाखिला लिया. अभी वो कॉलेज की पढाई कर रहे है.

बी पॉजिटिव से खास बातचीत में इन्द्रसिंह ने बताया कि गांव में इंटरनेट और सुविधाओं की कमी के चलते मोबाइल से ब्लॉगिंग करने का फैसला किया. इसके लिए उन्होंने इंटरनेट पर रिसर्च के साथ ही सफल ब्लॉगर के बारे में जाना.

इसके बाद उन्होंने गूगल के ही ब्लॉगर प्लेटफार्म पर अपना पहला ब्लॉग शुरू किया. इस पर वो इंटरनेट, ब्लॉगिंग, सोशल मीडिया, SEO और डिजिटल मार्केटिंग पर पोस्ट करते है.

फेसबुक और अन्य ब्लॉगिंग कम्युनिटी पर भी इन्द्रसिंह काफी सक्रिय रहते है. इसके साथ ही गूगल के क्वेश्चन हब (Question Hub) टूल पर भी निरंतर काम कर रहे है. उनका उद्देश्य इंटरनेट पर हिंदी में कंटेंट की उपलब्धता सुनिश्चित कराना है. अभी वो ब्लॉगिंग के शुरुआती दौर में है और अपना खर्चा ऑनलाइन कमाई से निकाल रहे है.

उनके माता-पिता उनके काम के बारे में बिल्कुल अनभिज्ञ है और अब वो लैपटॉप खरीद कर ब्लॉगिंग के क्षेत्र में ही बड़ा करने का निश्चय कर चुके है. सरल भाषा और क्वालिटी कंटेंट के चलते उन्हें यूजर्स से अच्छा रिस्पांस मिल रहा है.

अगर आप इंदरसिंह सोलंकी से संपर्क करना चाहते यही तो यहाँ क्लिक करे

बी पॉजिटिव , इन्द्रसिंह की प्रतिभा और कड़ी मेहनत को सलाम करता है. उम्मीद करता है कि देश के आईटी क्षेत्र की कमान उन जैसे ही ग्रामीण युवाओं के हाथों में होगी.

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