जहाँ आजकल लोग एक स्क्वायर फ़ीट जगह के लिए खून बहाने के लिए आतुर हो जाते है वही  सूडान और इजिप्ट के बीच 2072 स्क्वायर फीट का इलाका ऐसा है, जिस पर दोनों में से किसी देश का मालिकाना हक नहीं है। यह एक ऐसी वीरान जगह है जिस पर कोई भी अपना मालिकाना हक़ जता सकता है तो भारत के लोग कैसे पीछे रहेंगे, यही किया है इंदौर के रहने वाले सुयश दीक्षित (Suyash Dikshit) ने ।

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इंदौर के सुयश दीक्षित इस जगह पर पहुंच गए और अपना झंडा लगा दिया। सुयश कहते हैं कि ये किंगडम ऑफ दीक्षित है और मैं सुयश दीक्षित यहां का राजा हूं। सुयश ने यूएन से अपील भी कर दी कि वो इस नए देश को मान्यता दे और सुयश को इसका मालिकाना हक भी दिया जाए। हालांकि यूएन की तरफ से अभी तक कोई रिएक्शन नहीं आया है।

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सुयशपुर होगी कैपिटल

  •  सुयश ने अपने देश “किंगडम ऑफ दीक्षित” के लिए एक झंडा भी तय कर दिया है, जिसके साथ उन्होंने अपनी फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की। इस किंगडम की राजधानी सुयशपुर होगी।
  • सुयश ने किंगडम का प्रधानमंत्री और मिलिट्री हेड अपने पिता को बनाया है। उन्होंने छिपकली को देश का राष्ट्रीय पशु चुना है।
  • सुयश ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा- “आज से मेरा नाम किंग सुयश दीक्षित है और मैं किंगडम ऑफ दीक्षित का पहला दावेदार हूं। मैं इस 2072 वर्ग किलोमीटर की जमीन पर अपनी दावेदारी पेश करता हूं। यहां आने के लिए मैंने रेतीले स्थानों पर 319 किमी का सफर तय किया है।
  • फेसबुक पोस्ट में सुयश ये भी लिखते हैं, “मैं कुछ आतंकवाद प्रभावित इलाकों से होकर यहां तक पहुंचा हूं। मुझे पता चला है कि मुझसे पहले यहां 5-10 लोग दावा कर चुके हैं।”
  • अब यहां मेरा दावा है। अगर वो इस जमीन को मुझसे वापस लेना चाहते हैं तो उन्हें मेरे साथ जंग लड़नी होगी। ये जंग कॉफी पीकर लड़ी जाएगी।”
  • इंदौर के हरिकृष्ण पब्लिक स्कूल से पढ़े सुयश ने लोगों से भी कहा है कि वो इस नए देश की मान्यता लेने के लिए उनके सामने अप्लाई कर दें।
  •  सूडान और मिस्र के बीच इस लावारिस स्थान का नाम बीर ताविल है।

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