मेहनत और प्रतिभा कभी भी छुपी हुई नहीं रहती है, संघर्ष के दम पर व्यक्ति सफलता के मुकाम को अक्सर हासिल कर ही लेता है । लेकिन यदि इस संघर्ष के दौर में किसी की मदद मिल जाये तो सफर आसान हो जाता है । ऐसा ही कुछ हुआ है राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में रहने वाले एक गरीब जाट परिवार से आने वाले भैरु लाल जाट (Bheru Lal Jat) के साथ ।

IIT-JEE 2017 का रिजल्ट आने के कुछ ही समय बाद उनका परिवार भी खुशियां मना रहा था क्योंकि उनके बेटे भैरुलाल का IIT-JEE में सलेक्शन हो गया था । परिवार के लिए बेटे का IIT-JEE में सलेक्शन होना बड़ी बात है । क्योंकि परिवार के आर्थ‍िक हालात कुछ ऐसे हैं, जिसमें बच्चे को अच्छी स्कूलिंग करना और अच्छे कॉलेज में पढ़ाना नामुमकिन सा लगता हैं।

भैरुलाल ने ओबीसी कैटगरी में All India Rank (AIR) 1,143 हासिल किया है। भैरुलाल के माता-पिता पढ़े लिखे नहीं हैं । वो कभी स्कूल गए ही नहीं । पिता गोपाल लाल जाट 5 बीघा जमीन पर खेती करते हैं और मां सीमा देवी नरेगा के तहत मजदूरी कर घर चलाती हैं ।

लगातार अकाल एवं बेमौसम बरसात की मार झेल रहे गोपाल लाल के लिए अपने परिवार का लालन-पालन करना मुश्किल कार्य बन चूका था। उस पर यदि पढाई एवं कोचिंग के खर्चे के बारे में कोई बोल दे तो घर की हालत बद से बदतर बन सकती थी ।

भैरुलाल के माता-पिता के लिए आईआईटी की तैयारी के पैसे जुगाड़ना मुश्क‍िल था । यहां तक कि भैरुलाल के लिए पढ़ाई करना और प्राइमरी स्कूल से आईआईटी तक का सफर तय करना आसान नहीं था । लेकिन 10वीं में जब भैरुलाल ने 88% अंक हासिल किया, तो गांव के एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट ने उन्हें कोटा के कोचिंग सेंटर से IIT-JEE की तैयारी करने की सलाह दी ।

मिट्टी के घर में रहने वाले भैरुलाल के लिए यह असंभव सा दिखा । क्योंकि दिहाड़ी पर काम करने वाले उसके माता-पिता मुश्क‍िल से ही जीविका चला पा रहे थे, ऐसे में कोचिंग का खर्च कैसे मैनेज होगा, यह सोच कर भैरुलाल को आईआईटी के लिए कोचिंग में एडमिशन लेना असंभव लगने लगा।

लेकिन कहते हैं जहां चाह है, वहीं राह भी है । कोटा के Allen Career Institute ने भैरुलाल को फीस में 50 फीसदी की छूट दी और IIT-JEE की तैयारी करवाने लगा

Allen Career Institute के निदेशक नवीन माहेश्वरी ने एक इंटरव्यू में कहा कि हमारा इस्टीट्यूट हमेशा भैरुलाल जैसे बच्चों की मदद करता है, जो दिखावे की जगह गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा को महत्व देते हों ।

भैरुलाल IIT से कोर्स पूरा करने के बाद UPSC परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं और अपने गांव के बच्चों के लिए शिक्षा व्यवस्था को सुधारना चाहते हैं । उनका कहना है कि वो अपने लक्ष्य को हासिल जरूर कर लेंगे ।

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