दिवाली के सीजन में दिल्ली के हालत और चिंताजनक हो जायेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने भले ही पटाखों पर प्रतिबन्ध लगा दिया हो लेकिन इस सीजन में ग्रीन पटाखे उपलब्ध करवाना मुश्किल ही लग रहा है. सरकार अपने लेवल पर इससे निपटने की तैयारी कर रही है लेकिन आईआईटी दिल्ली भी टेक्नोलॉजी कम्पनीज के साथ मिलकर दिल्ली की इस समस्या को सुधारने के लिए प्रयत्नशील है.

दिल्ली में स्मॉग के दो मुख्य कारण है वाहनों से निकला धुआँ और पड़ौसी राज्यों द्वारा पराली जलाना. इसके साथ ही कंस्ट्रक्शन और अन्य उद्योग भी प्रदुषण बढ़ाने में कोई कसर बाकी नहीं रख रहे है. IIT दिल्ली के कुछ विद्यार्थियों ने मिलकर एक ऐसी एप्लीकेशन का निर्माण किया है जो आपको स्मार्टफोन पर दिल्ली के प्रदुषण के बारे में बताएगी .

दिल्ली के भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के तीन छात्रों तन्मय श्रीवास्तव, कनिष्क जीत और प्रेरणा खन्ना ने मिलकर एक ऐसी मोबाइल ऐप बनाई है, जिसकी मदद से एयर पॉल्यूशन का लेवल चेक किया जा सकता है। इस ऐप का नाम ‘Air Cognizer‘ है. इस एप्लीकेशन का निर्माण IIT दिल्ली के समर इंटर्नशिप प्रोग्राम के दौरान तीन छात्रों ने मिलकर किया.

Air Cognizer ऐप की मदद से एयर पॉल्यूशन का लेवल पता करने के लिए किसी तरह की किसी एक्स्ट्रा डिवाइस की जरूरत नहीं होगी, बल्कि सिर्फ स्मार्टफोन पर ही इसे डाउनलोड कर चेक कर सकेंगे। ये ऐप गूगल प्ले स्टोर पर डाउनलोड के लिए मौजूद है।

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आपको केवल अपने फ़ोन से फोटो खिंच कर Air Cognizer एप्लीकेशन पर अपलोड करनी है. आपको ध्यान रखना है कि फोटो में कम से कम आधा हिस्सा आसमान का हो. इसके बाद मशीन लर्निंग और इमेज प्रोसेसिंग जैसी तकनीक की मदद से एप्लीकेशन आपके एरिया में वायु की गुणवत्ता के बारे में सटीक आंकलन करेगी. यूजर को अपने एरिया का ‘एयर क्वालिटी इंडेक्स’ पता चल जाएगा।

Air Cognizer App
Air Cognizer App

इनके इस अविष्कार को देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी काफी सराहना मिल रही है. उनको अमेरिका की प्रतिष्ठित मार्कोनी संस्थान ने $1500 का नकद पुरुस्कार दिया है.

दरअसल, अमेरिका की मारकोनी सोसायटी ने भारत में 2017 में आईआईटी-दिल्ली के साथ मिलकर ‘सेलेस्टिनी प्रोग्राम’ शुरू किया था। इस साल दिल्ली-एनसीआर में एयर पॉल्यूशन की बढ़ती समस्या और रोड सेफ्टी की थीम रखी गई थी, जिसके लिए तीन-तीन लोगों की टीम बनाई गई थी।

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